शास्त्री निवास में राष्ट्रीय संत बाबा बाल जी महाराज ने सुनाई कथा
निजी संवाददाता-गोंदपुर बनेहड़ा
राष्ट्रीय संत बाबा बाल जी महाराज बुधवार को गोंदपुर बनेहड़ा स्थित शास्त्री निवास पहुंचे। यहां श्रद्धालुओं ने फूलमालाओं के साथ उनका भव्य स्वागत किया। सत्संग के दौरान हरे राम-हरे कृष्ण महामंत्र की मधुर धुनों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। श्रद्धालु भजन-कीर्तन में लीन होकर प्रभु भक्ति के रंग में रंगे नजर आए। प्रवचनों में बाबा बाल जी महाराज ने कहा कि भगवान को पाने के लिए मन में सच्ची श्रद्धा, प्रेम और समर्पण का भाव होना जरूरी है। ईर्ष्या भाव से नहीं, बल्कि सच्ची भक्ति से ही प्रभु की प्राप्ति होती है। जिस व्यक्ति के मन में प्रभु से मिलने की सच्ची लगन होती है, भगवान उसे अपने दर्शन अवश्य देते हैं। उन्होंने कहा कि भगवान को मनुष्य की किसी वस्तु की आवश्यकता नहीं है। प्रभु केवल सच्ची श्रद्धा और प्रेम के भूखे हैं। जहां भक्त के मन में सच्चा भाव होता है, वहां भगवान बिना बुलाए ही चले आते हैं।
बाबा बाल जी ने कर्मफल के सिद्धांत पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मनुष्य को अपने कर्मों के प्रति सदैव सजग रहना चाहिए। व्यक्ति जैसा कर्म करता है, उसे वैसा ही फल प्राप्त होता है। कर्मफल से कोई भी व्यक्ति बच नहीं सकता। उन्होंने कहा कि मानव जीवन का उद्देश्य केवल सांसारिक सुखों के पीछे भागना नहीं होना चाहिए, बल्कि भजन-कीर्तन और प्रभु आराधना के माध्यम से जीवन को सार्थक बनाना चाहिए। उन्होंने श्रद्धालुओं को संतों का संग करने की प्रेरणा देते हुए कहा कि संतों की संगति ही मनुष्य को प्रभु भक्ति के मार्ग से जोड़ती है। वहीं बाबा बाल जी महाराज ने कहा कि इस जीवन में आए हैं तो जीवन को सार्थक बनाना चाहिए। हमें प्रभु भक्ति करते हुए इस जीवन को सफल बनाना चाहिए।