धनतेरस पर देशभर में हुई रिकॉर्ड खरीद, सोने-चांदी के कारोबार का आंकड़ा चौंकाने वाला

नई दिल्ली। रत्न आभूषण बाजार के प्रमुख संगठनों और खुदरा कारोबारी संघों ने इस धनतेरस पर पूरे देश में लगभग 60,000 से 66,000 करोड़ रुपए के सर्राफा कारोबार होने का अनुमान लगाया है। ऑल इंडिया जेम एंड ज्वेलरी डोमेस्टिक काउंसिल (जीजेसी) ने प्रारंभिक अनुमानों के आधार पर कहा है कि इस धरतेरस पर सोने का कारोबार 60,000 करोड़ रुपये के स्तर तक जा सकता है।

ऑल इंडिया ज्वैलर्स एंड गोल्डस्मिथ फेडरेशन (एआईजेजीएफ) ने धरतेरस पर सोने-चांदी का कारोबार अकेले 66,000 करोड़ से अधिक रहने की संभावना व्यक्त की है। खुदरा व्यापारियों के शीर्ष संगठन कैट (कन्फेडरेशन ऑफ आल इंडिया ट्रेडर्स) के महासचिव और दिल्ली से भाजपा के लोक सभा सदस्य प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि धनतेरस पर देश के खुदरा व्यापार ने नया रिकॉर्ड बना दिया है और कारोबार 1.25 लाख करोड़ के पार रहने का अनुमान है।

जीजेसी के अध्यक्ष राजेश रोकड़े ने शुक्रवार को एक बयान में कहा कि इस बार पिछले वर्ष की तुलना में इस पर्व पर सोने के कारोबार में लगभग 15-20 प्रतिशत की वृद्धि होने की संभावना है। उन्होंने कहा, ”यदि हम कारोबार का आकलन मात्रा (वॉल्यूम) के आधार पर करें, तो यह पिछले वर्ष के लगभग बराबर रहने की उम्मीद है, जबकि मूल्य के लिहाज से लगभग 15 प्रतिशत की वृद्धि देखने को मिल रही है। निश्चित रूप से, यह आभूषण उद्योग के लिए बेहद उत्साहजनक शुरुआत है।”


धनतेरस के अवसर पर दिल्ली सहित देशभर में आभूषणों की दुकानें सुबह 8 बजे से ही खुल गई थीं। जीजेसी के अनुसार इस बार ग्राहकों में जबरदस्त उत्साह देखा। हिंदू पंचांग में साढ़े तीन शुभ मुहूर्तों में धनतेरस को अत्यंत शुभ अवसर माना जाता है। इस दिन सोना एवं अन्य मूल्यवान वस्तुएँ खरीदने की गहरी धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा है। उन्होंने कहा कि इस साल नौकरीपेशा अधिकांश लोगों को धनतेरस (छह नवंबर) और दीपावली (आठ नवंबर ) से पहले वेतन और त्योहारी बोनस मिल चुका होता है। इससे बाजार में नकदी का अच्छा प्रवाह बना हुआ है, जिसके परिणामस्वरूप उपभोक्ता उत्साहपूर्वक खरीदारी कर रहे हैं। यदि पिछले कुछ वर्षों में सोने की कीमतों पर नजर डालें, तो वर्ष 2023 में सोने का भाव लगभग 60,000 रुपए प्रति 10 ग्राम था, जो वर्ष 2024 में बढ़कर करीब 80,000 और 2025 में लगभग 1,15,000 -1,20,000 रुपए के बीच थातथा इस वर्ष सोना लगभग 1,42,000 प्रति 10 ग्राम के स्तर चल रहा है।

जीजेसी अध्यक्ष का कहना है, ”यह स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि निवेश के एक महत्वपूर्ण विकल्प के रूप में सोने ने पिछले कुछ वर्षों में निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया है। चांदी की कीमतों में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। हमें पूरा विश्वास है कि आने वाले दिनों में आभूषण उद्योग के लिए कारोबार के बेहतरीन अवसर सामने आएंगे। त्योहारी सीजन के बाद मजबूत विवाह सीजन भी शुरू होने जा रहा है, जिससे कारोबार को और गति मिलने की उम्मीद है।”

कैट के राष्ट्रीय महामंत्री एवं चांदनी चौक के सांसद श्री प्रवीन खंडेलवाल ने कहा कि धनतेरस ने एक बार फिर भारत के पारंपरिक बाजारों की अपार ताकत और देश के व्यापारी समुदाय की जीवंतता को साबित किया है। उन्होंने कहा कि सोने-चांदी, ऑटोमोबाइल, बर्तन, रसोई के सामान, इलेक्ट्रॉनिक्स, बिजली के उपकरण, मां लक्ष्मी एवं भगवान गणेश की मूर्तियों सहित अन्य शुभ वस्तुओं की खरीदारी ने देशभर में अभूतपूर्व व्यापारिक गतिविधियों को जन्म दिया है।

दिल्ली में सदर बाजार बारी मार्केट ट्रेड्स एसोसिएशन के अध्यक्ष परमजीत सिंह पम्मा ने कहा कि धरतेरस पर दिल्ली के बाजारों में खरीदारी का जबरदस्त उत्साह रहा। श्री पम्मा ने कहा , ” धनतेरस के अवसर पर महिलाओं, परिवारों और आम लोगों ने बड़ी संख्या में बाजार पहुंचकर अपनी जरूरत और परंपरा के अनुसार खरीदारी की। लोगों ने सोने-चांदी के आभूषण, चांदी के सिक्के, पूजा के बर्तन, पीतल और स्टील के बर्तन, डिनर सेट, क्रॉकरी, किचन के सामान, प्रेशर कुकर, गैस चूल्हे, स्टोव, इलेक्ट्रिक उपकरण, सजावटी सामान और घर की साज-सज्जा से जुड़ी वस्तुओं की जमकर खरीदारी की।

सोने के बाजार के रुझानों के बारे में एलकेपी सिक्यूरिटीज के जिंस एवं फारेक्स विष्लेषण प्रभाग के उपाध्यक्ष जतिन त्रिवेदी ने कहा कि इस सप्ताह की शुरुआत में 3,875 डॉलर के स्तर से जोरदार रिकवरी के बाद कॉमेक्स पर सोने में मुनाफावसूली देखने को मिली। इस दौरान 4,120 डॉलर का स्तर एक महत्वपूर्ण प्रतिरोध बनकर उभरा। उन्होंने एक रिपोर्ट में कहा कि घरेलू बाजार में सोने के भाव में 1,38,500 रुपए का स्तर से एक महत्वपूर्ण समर्थन दिखा है जबकि सप्ताह के दौरान भारतीय रुपये में लगभग 1.30 प्रतिशत की मजबूती के कारण एमसीएक्सपर सोने की बढ़त सीमित रही।

साप्ताहिक आधार पर लगभग 5 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। लंबे समय तक बिकवाली के दबाव और ब्याज दरों के ऊंचे स्तर पर बने रहने की आशंकाओं के बाद यह अगस्त के बाद सोने का सबसे मजबूत सकारात्मक साप्ताहिक प्रदर्शन रहा। कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से महंगाई का दबाव कम हो सकता है, जिससे सोने की कीमतों को आगे भी समर्थन मिलने की संभावना है।