13 खिलाडिय़ों ने राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में लिया हिस्सा, स्कूल का किया प्रतिनिधित्व, शिक्षकों ने दी बधाई
स्टाफ रिपोर्टर-संतोषगढ़
शिक्षा के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाने वाला नगर का प्रतिष्ठित एसडी पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल संतोषगढ़ अब खेल गतिविधियों में भी सफलता के नए आयाम स्थापित कर रहा है। विद्यालय के विद्यार्थियों ने पढ़ाई के साथ-साथ खेल के मैदान में भी अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन करते हुए स्कूल और संतोषगढ़ नगर का नाम रोशन किया है। इस वर्ष विद्यालय के महिला एवं पुरुष वर्ग के कुल 13 प्रतिभाशाली खिलाडिय़ों ने राज्य स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिताओं की विभिन्न प्रतिस्पर्धाओं में भाग लेकर जिला ऊना का प्रतिनिधित्व किया। विद्यार्थियों की इस उपलब्धि से विद्यालय परिवार में उत्साह का माहौल है। वहीं नगरवासियों और खिलाडिय़ों के अभिभावकों में भी खुशी की लहर है। यह उपलब्धि विद्यालय में शिक्षा के साथ-साथ खेलों को दिए जा रहे प्रोत्साहन और विद्यार्थियों की मेहनत, अनुशासन एवं लगन का परिणाम है। इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य आरपी शर्मा ने खिलाडिय़ों और विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए शिक्षा के साथ-साथ खेलों का भी विशेष महत्व है।
खेल न केवल शारीरिक रूप से स्वस्थ रखते हैं, बल्कि विद्यार्थियों में अनुशासन, आत्मविश्वास, टीम भावना, नेतृत्व क्षमता और संघर्ष करने का जज्बा भी पैदा करते हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी को अपनी रुचि और प्रतिभा के अनुसार किसी न किसी खेल गतिविधि में अवश्य भाग लेना चाहिए। असफलताओं से निराश होने के बजाय उनसे सीख लेकर निरंतर आगे बढ़ते रहना चाहिए। उन्होंने राज्य स्तर पर जिला ऊना का प्रतिनिधित्व करने वाले सभी 13 खिलाडय़िों को बधाई देते हुए भविष्य में और बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया। वहीं स्कूल प्रबंधन समिति के अध्यक्ष शिव कांत पराशर ने विद्यार्थियों की उपलब्धियों पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि विद्यालय के विद्यार्थी शिक्षा और खेल दोनों क्षेत्रों में निरंतर आगे बढ़ रहे हैं, जो पूरे नगर के लिए गर्व की बात है। उन्होंने आश्वासन दिया कि विद्यार्थियों की प्रतिभा को निखारने और उन्हें आगे बढऩे के अवसर प्रदान करने के लिए स्कूल प्रबंधन समिति की ओर से हर संभव सहयोग एवं सहायता उपलब्ध करवाई जाएगी। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को उचित मार्गदर्शन, प्रोत्साहन और सुविधाएं मिलें तो वे जिला, प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा सकते हैं। विद्यालय प्रबंधन ने इस उपलब्धि पर बधाई दी है।