पेंशनरों के अधिकारों का हनन कर रही सरकार

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बोले, बुजुर्गों को सडक़ों पर उतरने के लिए किया मजबूर

दिव्य हिमाचल ब्यूरो – हमीरपुर
भारतीय जनता पार्टी की हमीरपुर संसदीय क्षेत्र की महापदयात्रा से पूर्व बाईपास रोड स्थित कुमार पैलेस में पूर्व कर्मचारी प्रकोष्ठ का जिला स्तरीय सम्मेलन आयोजित किया गया। इसमें भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल, पूर्व केंद्रीय मंत्री व सांसद अनुराग ठाकुर, विधायक इंद्रदत्त लखनपाल, आशीष शर्मा व पूर्व कर्मचारी प्रकोष्ठ के प्रदेशाध्यक्ष घनश्याम शर्मा समेत काफी संख्या में पूर्व कर्मचारी मौजूद रहे। इस मौके पर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने स मेलन को संबोधित करते हुए प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला।

उन्होंने कहा कि जिन कर्मचारियों और अधिकारियों ने अपने जीवन के 30 से 40 वर्ष हिमाचल प्रदेश की सेवा में समर्पित किए, आज वही वरिष्ठ नागरिक अपने अधिकारों के लिए सडक़ों पर आंदोलन करने को मजबूर हैं। यह प्रदेश की सुक्खू सरकार की संवेदनहीनता और प्रशासनिक विफलता का सबसे बड़ा प्रमाण है। डॉ. बिंदल ने कहा कि 80-80 वर्ष की आयु के बुजुर्ग अपने घर-परिवार छोडक़र 200 से 400 किलोमीटर की यात्रा कर धरने-प्रदर्शन करने को मजबूर हैं। यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और शर्मनाक स्थिति है।


पेंशनरों के लंबित बिलों और वित्तीय लाभों को तुरंत भुगतान करे सरकार

डॉ. बिंदल ने मांग की कि प्रदेश सरकार पेंशनरों के सभी लंबित वित्तीय लाभों, चिकित्सा बिलों, डीए और एरियर का तत्काल भुगतान सुनिश्चित करे। इसके साथ ही हिमकेयर, आयुष्मान भारत, सरकारी अस्पतालों की जांच सेवाओं और 108 एंबुलेंस सेवा के लंबित भुगतान जारी कर स्वास्थ्य व्यवस्था को सुचारू बनाया जाए।

आर्थिक लाभों से वंचित पेंशनर

उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने पेंशनरों के मौलिक अधिकारों का हनन करते हुए उन्हें सेवानिवृत्ति के बाद मिलने वाले वैधानिक एवं आर्थिक लाभों से वंचित कर दिया है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश के इतिहास में पहली बार लगभग डेढ़ लाख सेवानिवृत्त कर्मचारियों और अधिकारियों को चिकित्सा बिलों, महंगाई भत्ते की किस्तों, एरियर और अन्य देय राशियों के भुगतान के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।