डा. अश्विनी महाजन, कालेज एसोशिएट प्रोफेसर

कुछ वर्ष पहले भारतीय बैंक भारी संकट में थे और उनका एनपीए (यानी वे उधार जिसकी अदायगी संदिग्ध थी) प्रतिशत चरम पर था, जिससे इन बैंकों का अस्तित्व ही खतरे में पड़ गया था। विपक्षी दल लगातार सरकार पर अमीर लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए लाखों करोड़ रुपये के कर्ज माफ करने का आरोप लगाते रहे हैं। सरकार का दावा है कि अधिकांश एनपीए ऋण पिछली यूपीए सरकार के

इस समय कुछ क्षेत्रों में निवेश आ रहा है, जिससे कुछ युवाओं को रोजगार मिल सकता है। लेकिन सरकार को उन क्षेत्रों की पहचान करनी होगी, जो युवाओं को रोजगार प्रदान करते हैं, जो वस्तुओं और सेवाओं का उत्पादन करके अर्थव्यवस्था में मूल्य जोड़ते हैं, जिससे हमारी अर्थव्यवस्था विनिर्माण, निर्माण या सॉफ्टवेयर, विनिर्माण डिजाइन, बैंकिंग, बीमा जैसी सेवाओं, यहां तक कि ड्रोन, एआई और स्वचालन, सभी

चूंकि यूपीआई भारतीय रुपए पर आधारित है, इसलिए यूपीआई के अंतरराष्ट्रीयकरण से आसानी से अंतरराष्ट्रीय भुगतान भारतीय रुपए में संभव हो सकेंगे...

जीएसटी काउंसिल द्वारा इन आभासी खेलों पर अधिकतम दर से जीएसटी लगाना बिल्कुल उपयुक्त कदम है, क्योंकि यह एक प्रकार की सामाजिक बुराई है...

प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत मार्च 2023 तक गरीब महिलाओं को 9.59 करोड़ गैस कनेक्शन दिए जा चुके हैं और मार्च 2023 तक देश में कुल 31.26 करोड़ एलपीजी गैस कनेक्शन थे। ऐसा माना जाता है कि हमारी आबादी का बहुत कम प्रतिशत बचा है जिसके पास एलपीजी गैस कनेक्शन के रूप में स्वच्छ खाना

चीन के नेतृत्व वाले बीआरआई और चीन के प्रभुत्व वाली विकास रणनीति 2030 पर भारत की अस्वीकृति ने भारत की अडिगता प्रदर्शित की है… आजकल शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) एक बार फिर चर्चा में है। गौरतलब है कि शंघाई सहयोग संगठन के राष्ट्राध्यक्षों का एक ऑनलाइन शिखर सम्मेलन 4 जुलाई 2023 को आयोजित किया गया

भारत अमेरिकी उत्पादों पर जवाबी टैरिफ वापस ले लेगा, जो उसने अमरीका द्वारा हमारे उत्पादों पर टैरिफ बढ़ाने के जवाब में लगाए थे… हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अमेरिका दौरा काफी सुर्खियों में रहा था। वैसे तो भारतीय प्रधानमंत्रियों की सभी यात्राएं उस समय के समाचार मीडिया के लिए बड़ी उत्सुकता और आकर्षण

हमने मुफ्तखोरी के कारण वेनेजुएला, श्रीलंका, पाकिस्तान आदि कई देशों का हश्र देखा है। बढ़ते कुल कर्ज ने हमारी क्रेडिट रैंकिंग को प्रभावित किया है… हालांकि विपक्षी दल कांग्रेस पार्टी ने एक बार फिर नरेंद्र मोदी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा है कि मोदी काल में देश पर कर्ज बढ़ा दिया है। लेकिन यह

समझना होगा कि कच्चे घरों में रहने वाले और आवासविहीन लोगों का जीवन अत्यंत कष्टमयी होता है। उन्हें अपना शौचालय, पेयजल और कुल मिलाकर सम्मानित जीवन नहीं नसीब होता। पक्का घर और उसके साथ शौचालय और पेयजल, जिसकी व्यवस्था भी सरकार द्वारा साथ-साथ की जा रही है, देश में गरीबी की रेखा के नीचे रहने

यानी कहा जा सकता है कि पहले से ज्यादा पारदर्शी अर्थव्यवस्था, कालेधन पर लगाम, बैंकों की जमा में वृद्धि, राजस्व में वृद्धि आदि से अर्थव्यवस्था को सकारात्मक लाभ ही होंगे। कुछ अर्थशास्त्रियों का यह मानना है कि इससे भारत के बैंकों समेत वित्तीय संस्थानों में लगभग एक लाख करोड़ रुपए और जुड़ जाएंगे… आठ नवंबर