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कुलदीप नैयर लेखक, वरिष्ठ पत्रकार हैं पिछले कुछ समय में इतिहासकारों में यह प्रचारित करने का एक अजीब सा फैशन शुरू हो गया है कि दो सौ वर्षों के उपनिवेशवादी शासन में सब कुछ गलत ही नहीं घटा। इनके द्वारा कुतर्क गढ़ा जाता है कि पहले भद्रपुरुषों की भांति अच्छे कपडे़ पहनकर भारत आए ठग

डा. कुलदीप चंद अग्निहोत्री ( वरिष्ठ स्तंभकार हैं ) महबूबा मुफ्ती को बुरहान वानी को लेकर चिंता तो हो गई, लेकिन वह उन लोगों के चेहरे से पर्दा क्यों नहीं उठातीं, जो विदेशी पैसे से पल रही तंजीमों के दादा हैं और गरीब लोगों को डरा-धमकाकर प्रदर्शन के लिए लाते हैं और बाद में उनमें

प्रो. एनके सिंह (लेखक, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन हैं) यह आश्चर्यजनक है कि ब्रिटिश राज के दिखावे की विरासत आज भी जिंदा रखी गई है, जबकि आधुनिक दुनिया में राज्य संचालन के लिए इसकी आवश्यकता नहीं है। मेरा ऐसा मानना है कि इस तरह की विलासिता नौजवानों को इसी रास्ते पर चलने

डा. भरत झुनझुनवाला (लेखक, आर्थिक विश्लेषक एवं टिप्पणीकार हैं) आर्थिक सुधारों की पच्चीसवीं बरसी पर मुक्त व्यापार के सिद्धांतों पर पुनर्विचार करने की जरूरत है। वित्त मंत्री मनमोहन सिंह द्वारा शुरू किए गए आर्थिक सुधारों के दो हिस्से थे। एक हिस्सा घरेलू सुधारों का था, जैसे उद्योग लगाने के लिए लाइसेंस व्यवस्था को रद्द करना।

कुलदीप नैयर लेखक ( वरिष्ठ पत्रकार हैं ) राहुल गांधी ने जो आरोप लगाए हैं, सर्वोच्च न्यायालय ने उन पर संज्ञान लिया है। न्यायालय की सुनवाई के दौरान कोठरी में छिपे कई रहस्य खुलकर सामने आएंगे। अब जबकि कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने माफी मांगने से मना कर दिया है, तो उम्मीद है कि वह

डा. कुलदीप चंद अग्निहोत्री (लेखक, वरिष्ठ स्तंभकार हैं) राहुल गांधी को अपने इतिहास ज्ञान पर जरूर घमंड होगा। सोचा होगा, बड़ी अदालत तुरंत मामला समाप्त करवाने का आदेश देगी, लेकिन उनके दुर्भाग्य से ऐसा नहीं हुआ। सुप्रीम कोर्ट ने कहा, या तो राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से माफी मांगो या फिर मुकदमे का सामना करो, लेकिन

प्रो. एनके सिंह (लेखक, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन हैं) बेरोजगारी से त्रस्त कश्मीरी उद्योग स्थापित करने की मांग करते रहते हैं, लेकिन हर दिन तो वे बंद घोषित कर देते हैं। उन हालात में कौन वहां उद्योग स्थापित करने का जोखिम उठाएगा? बाढ़ प्रभावितों को राहत पहुंचाने के लिए सेना और अन्य

डा. भरत झुनझुनवाला लेखक ( आर्थिक विश्लेषक एवं टिप्पणीकार हैं ) नदी के पानी को साफ  रखने में मछली का बहुत महत्त्व है। यह कूड़े को खाकर पानी को साफ कर देती है। जलमार्ग बनाने के लिए डे्रजिंग की जाएगी, जिससे मछली मरेगी और गंगा का पानी दूषित होगा। जलमार्ग योजना वास्तव में देश के

कुलदीप नैयर लेखक ( वरिष्ठ पत्रकार हैं ) महिलाओं के खिलाफ होने वाले अत्याचारों पर लिखने के लिए बांग्लादेश से बेदखल की गईं तस्लीमा नसरीन ने इस्लाम के अनुयायियों को आत्मावलोकन करने और यह जानने की नसीहत दी है कि आखिर वे मजहब के मूल तत्त्व से भटक कैसे गए हैं? फराज ने इस दृष्टिकोण