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हम उम्मीद करें कि चीन से आयात घटाने तथा व्यापार असंतुलन कम किए जाने के विभिन्न प्रयासों के सार्थक परिणाम आएंगे और ऐसे में देश में बड़ी मात्रा में विदेशी मुद्रा भी बचाई जा सकेगी। हम उम्मीद करें कि चीन के उत्पादों की जगह स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहन दिए जाने से देश में कुटीर और

देश के इस चर्चित हत्याकांड में पुलिस अपनी कार्रवाई कर रही है तथा नित नवीन जानकारियां मिल रही हैं… आनलाईन चैटिंग, फिर डेटिंग, प्यार का ढोंग, तत्पश्चात लिव इन रिलेशनशिप में रहने वाले, शारीरिक भोग के पागलपन में चूर आफताब ने श्रद्धा के पैंतीस टुकड़े कर मानवता की धज्जियां उड़ाई कर रख दी हैं। इतिहास

संविधान सभा में 299 प्रतिनिधि शामिल थे। संविधान को बनाने से पहले सभा के सदस्यों ने विभिन्न देशों के संविधानों का अध्ययन किया। अंतत: 10 देशों के संविधान के विभिन्न तत्वों को इसमें शामिल किया गया। यह 2 वर्ष, 11 महीने और 18 दिन में बन कर तैयार हुआ… किसी भी राष्ट्र की कानून की

पश्चिमी भारत में शिवाजी मराठा ने मुग़लों की नाक में दम किया हुआ था। पश्चिमोत्तर में दशगुरु परम्परा से नई चेतना जागृत हो गई थी जिसके चलते मुगल सत्ता चौकन्ना हो गई थी। अब यदि असम में औरंगजेब जीत जाता तो पूरे भारत में मुग़लों को नई ऊर्जा मिल जाती। इसलिए इस मुगल प्रवाह को

राज्य के युवा सेवाएं एवं खेल विभाग में प्रशिक्षकों के साथ न्याय करने के लिए इनके भर्ती व पदोन्नति नियमों में संख्या अनुपात में संशोधन करना बहुत जरूरी है… पिछली सरकार के पूरे कार्यकाल में सुनते रहे कि सरकार नयी खेल नीति बना कर हिमाचल प्रदेश की खेलों को बहुत ऊंचाई देगी, मगर पांच साल

भारत महान बने इससे बढक़र हमारे लिए और क्या खुशी हो सकती है? समझने की बात ये है कि हम सब खुद महान होंगे तो ही भारत महान होगा। ‘99 प्रतिशत बेईमान, फिर भी मेरा भारत महान’ व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है। सबको ईमानदार होना पड़ेगा, सबको महान होना पड़ेगा। हम सिर्फ स्वतंत्रता दिवस

जघन्य अपराधों के बढ़ते ग्राफ से देश की तमाम व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े हो रहे हैं। यौन उत्पीडऩ, धर्मांतरण तथा लव जिहाद जैसी साजिश के चलते महिलाशक्ति के हकूक देश के संविधान तक ही सीमित रह चुके हैं। देश के हुक्मरान महिला सशक्तिकरण की दुहाई जरूर देते हैं, मगर वास्तव में स्थिति कुछ और ही

कहा जा सकता है कि देश में जहां जीएम खाद्य पदार्थों की कोई जरूरत नहीं है, व्यावसायिक ताकतों के दबाव में इनको दी जाने वाली अनुमतियों से देश की खेती-किसानी, पर्यावरण, स्वास्थ्य एवं निर्यातों को भारी नुकसान पहुंच सकता है। सरकार का दायित्व है कि जीईएसी की सिफारिशों को दरकिनार करे… अक्तूबर 18, 2022 को

आवश्यक है कि चुनाव प्रक्रिया को और अधिक सुगम, सुरक्षित, पारदर्शी तथा जवाबदेह बनाने के लिए चुनाव विभाग के अधीन स्ट्रांग रूम, सभागार, कार्यालय कक्ष तथा चुनावी मशीनों एवं चुनाव सामग्री को रखने की व्यवस्था हो। चुनाव विभाग के लिए आवश्यक भौतिक संसाधनों की स्थायी व्यवस्था से चुनाव प्रक्रिया को सम्पन्न करवाना अधिक सुविधाजनक होगा…