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इस पार्क की स्थापना से 5000 करोड़ के निवेश के साथ लगभग 10,000 लोगों को रोज़गार मिलेगा। हिमाचल के पक्ष में इस पार्क की घोषणा होने के कई मायने हैं। यह प्रदेश एक पहाड़ी राज्य है, जहां बड़े भूखंडों की कमी रहती है। उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु व मध्यप्रदेश मैदानी राज्यों की श्रेणी में आते हैं

पंजाब में विवाद छिड़ गया कि केजरीवाल ही पंजाब के मुख्यमंत्री बनना चाहते हैं। इसके बाद दबाव बनने लगा कि आम आदमी पार्टी पंजाब में अपना मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित करे। बेचारे केजरीवाल! जब तक हो सका, इससे बचते रहे। लेकिन जब चुनाव की तिथि सिर पर ही आ गई तो लगा कि कहीं मुख्यमंत्री

हिमाचल प्रदेश सरकार का युवा सेवाएं एवं खेल विभाग अभी तक करोड़ों रुपए से बने इस खेल ढांचे के रखरखाव में नाकामयाब रहा है। उसके पास न तो चौकीदार हैं और न ही मैदान कर्मचारी, पर्याप्त प्रशिक्षकों की बात तो बहुत दूर की बात है। नई खेल नीति में लिखा है कि सरकार विभिन्न खेल

विकास की अधकचरी योजनाओं से न देश का भला होता है, न समाज का। शिक्षा महंगी है, इलाज महंगा है, न्याय महंगा है, जीवन महंगा है, आदमी सस्ता है, मौत सस्ती है। हमारा संविधान कानूनों का जंगल है, राजनीतिक दल और वकील इसका लाभ लेते हैं। हमारा संविधान राजनीतिक दलों को बहुत सी अनुचित सुविधाएं

ध्यान हो कि वैश्विक अर्थव्यवस्था को ‘जटिल नीतिगत दुविधाओं’ का सामना करना पड़ सकता है, जो नीतियों का जटिल मकड़जाल खड़ा कर सकती हंै। एक साफ दुविधा यह है कि अगर विदेशी मोर्चा दबाव में आता है और अनिवार्य आयातों में कमी करने की जरूरत आन पड़ती है तो भी ऐसा करने की एक सीमा

प्रदेश सरकार को मनमाने दामों में भवन निर्माण सामग्री बेचने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करके जनता को राहत पहुंचानी चाहिए… हिमाचल प्रदेश सरकार बेशक बस किराए में महिलाओं को पचास फीसदी छूट, बिजली बिल में कटौती और ग्रामीण क्षेत्रों में पानी बिल माफ करके वाहवाही लूट रही है, मगर सच बात यह है कि

आज देश आत्मनिर्भरता के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है। उसके लिए जरूरी है कि हम अधिक से अधिक घरेलू संसाधनों से निवेश को बढ़ाते हुए देश का विकास करें। कई देशों ने विदेशी पूंजी पर निर्भर होकर अपने लिए मुश्किलें बढ़ाई हैं… यूं तो बचत एक वरदान है। बचत करते हुए हम न केवल

हिमाचल प्रदेश के भविष्य के प्रति चिंताग्रस्त प्रशिक्षु छात्रों एवं अभिभावकों के प्रतिनिधिमंडल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर व भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा से इस संदर्भ में विभिन्न संगठनों व मंचों के माध्यम से इस समस्या को लेकर अपना पक्ष रख रहे हैं। इन प्रमुख नेताओं

12 अप्रैल को विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) के द्वारा वर्ष 2022-23 के वैश्विक व्यापार वृद्धि अनुमान से 4.7 फीसदी से घटाकर 3 फीसदी किए जाने के मद्देनजर भारत के तेजी से बढ़ते हुए निर्यात पर भी असर होने के साथ-साथ भारत का व्यापार घाटा बढ़ने की आशंका भी बढ़ेगी… हाल ही में वाणिज्य और उद्योग