सियासत के साए में हिमाचली विकास

प्रो. एनके सिंह ( लेखक, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन हैं ) बड़े मसलों को एक तरफ रख दें, तो भी ग्रामीण व कस्बों के स्तर पर हमारे नेताओं का संकीर्ण दृष्टिकोण ही देखने को मिला है। यहां विकास पर ध्यान देने के बजाय दो प्रमुख दल…

राजनीतिक पागलपन का बढ़ता चलन

प्रो. एनके सिंह लेखक, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन हैं संबंधित एयरलाइन ने ममता के इस आरोप को निराधार बताते हुए कहा कि विमान में पर्याप्त मात्रा में ईंधन उपलब्ध था। उसके थोड़े समय बाद ही जब वह अपने दफ्तर गईं, तो उन्होंने…

आम आदमी की पहुंच से परे है न्याय

प्रो. एनके सिंह लेखक, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन हैं मैं व्यक्तिगत तौर पर कई ऐसे मामलों को जानता हूं, जो कि बेहद सरल हैं, लेकिन उनमें पीडि़तों को तारीख पर तारीख मिलते हुए कई वर्ष गुजर गए और आज तक कोई स्पष्ट निर्णय नहीं आ…

इंतजार करने और सब्र सीखने का समय

प्रो. एनके सिंह (लेखक, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन हैं) देश के कई राजनेताओं ने भी नोटबंदी के फैसले का समर्थन किया है और नीतीश कुमार ने तो यहां तक कह दिया कि मोदी बहादुरी से शेर की सवारी कर रहे हैं। किसी व्यक्ति ने इस फैसले…

नए दोस्त बनाकर शत्रुओं को काबू करे भारत

प्रो. एनके सिंह (लेखक, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन हैं ) रूस के निजी हित समूचे विदेशी संबंधों को रेखांकित करने का काम करेंगे और इसका एक संभावित नुकसान भारत को झेलना पड़ सकता है।  चूंकि सार्क की भविष्य में कोई खास…

टाटा घराने पर उभरे संकट

प्रो. एनके सिंह ( लेखक, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन हैं ) मैंने कभी कल्पना भी नहीं की थी कि इतनी पेशेवर कंपनी की अंदरूनी कलह भी कभी सार्वजनिक हो सकती है और रतन टाटा ने सख्त निर्णय लेते हुए उनकी धारक कंपनी के मुखिया…

चीनी सामान का अविवेकपूर्ण विरोध

प्रो. एनके सिंह ( लेखक, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन हैं ) वैश्विक स्पर्धा हमारी ओर टकटकी लगाए हुए देख रही है और वर्तमान में कम लागत की विशेषता भविष्य में ‘मेक इन इंडिया’ के लिए और भी बेहतर संभावनाएं सृजित करेगी। इससे यह…

मजबूत राष्ट्रवाद से वंचित भारत

प्रो. एनके सिंह (लेखक, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन हैं) सेना ने उड़ी की कायराना हरकत के जवाब में सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम देकर पाकिस्तानी कब्जे वाले कश्मीर में आतंकियों के ठिकानों को तबाह करके बदला ले लिया। उसके बाद जो…

पश्चिम से सीखने योग्य कुछ सबक

प्रो. एनके सिंह लेखक ( एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन हैं ) आज हमारे लिए यह सही समय है कि हम पश्चिम से कम से कम दो सबक सीख लें। पहला अनुशासन में रहते हुए कार्य और सामाजिक संस्कृति में सुधार और दूसरा नियमों के पालन का। दफ्तरों…

कनाडा की संपन्नता और विपन्नता

प्रो. एनके सिंह लेखक ( एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन हैं ) टोरंटो कनाडा का सबसे बड़ा शहर होने के साथ-साथ वहां होने वाली व्यावसायिक गतिविधियों का भी केंद्र है। इसके अलावा रहने के लिए यह शहर बहुत महंगा है। वहां का शहरी जीवन…

दिल्ली : जहां भारत का दिल धड़कता है

प्रो. एनके सिंह लेखक ( एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन हैं ) दिल्ली को सबसे पहले तोमर राजपूत वंश ने बसाया और इनकी निशानियों के तौर पर आज कुतुब मीनार के पास स्थित खंडहर अवस्था में किला राय पिथौरा ही शेष बचा है। आज अधिकतर…

पहाड़ी सड़कों पर सफर की चिंताएं

प्रो. एनके सिंह लेखक ( एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन हैं ) हिमाचल को सड़कों की हालत सुधारने के लिए गंभीर होना होगा, क्योंकि इसके बिना सड़क परिवहन को सुरक्षित बनाने का एजेंडा सफल हो ही नहीं सकता। कोरे सियासी वादों से कभी…

शिक्षक निर्मित खोखला शिक्षक दिवस

प्रो. एनके सिंह (लेखक, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन हैं) मैं अकसर अपने शिष्यों से यही बात करता था कि एक न एक दिन आप भी गुरु बनोगे और आपकी वह सफलता मुझे महागुरु बना देगी। जब कुछ विद्यार्थियों द्वारा आत्महत्या सरीखे कदम…

तेजी से लुढ़कती आम आदमी पार्टी

प्रो. एनके सिंह लेखक, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन हैं ‘आप’ की परेशानियों को बढ़ाने वाली ताजातरीन घटना में दिल्ली सरकार के एक मंत्री द्वारा एक महिला के यौन शोषण वाली एक सीडी सामने आई है। इसके पश्चात की करामात उससे भी…

जवाबदेह शहरी प्रबंधन के लिए थरूर की पहल

प्रो. एनके सिंह (लेखक, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन हैं) हम कार्य की ऐसी परंपरा विकसित करने में नाकाम ही रहे हैं, जिसमें भिन्न पृष्ठभमि व विचार के अवयवों के साथ काम किया जा सके। आम तौर पर परिषद और महापौर के बीच मतभेद होता…