प्रधानमंत्री मोदी का बलूचिस्तान बम

प्रो. एनके सिंह लेखक ( एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन हैं ) आज जब कश्मीर पाक प्रायोजित आतंक का सामना कर रहा है तो एकमात्र समाधान यही बचता है कि मतभेद रखने वाले लोगों के साथ दृढ़ता के साथ रिझाने वाली बातचीत जारी रखनी होगी।…

आतंक पर नकेल कस सकते हैं लोक सेवक

प्रो. एनके सिंह लेखक, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन हैं जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्य सचिव डा. सुधीर बलोरिया ने लिपिबद्ध किया है कि 1990-93 में बिगड़ी स्थिति को किस तरह से काबू करके शांति बहाल की गई थी। इसी के परिणामस्वरूप…

गंभीर अपराधों के प्रति असहिष्णुता की दरकार

प्रो. एनके सिंह लेखक ( एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन हैं ) मेरा मानना है कि हम लोगों ने बहुत सहिष्णु बन लिया। अब उन चीजों के प्रति सार्वजनिक तौर पर असहिष्णु बनने का समय है, जो साफ तौर पर निंदनीय हैं और सार्वजनिक…

हिमाचल में चौपट होती स्कूली शिक्षा

प्रो. एनके सिंह (लेखक, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन हैं) सरकारी विद्यालयों में 50 फीसदी से भी कम ऐसे विद्यार्थी हैं, जो गुना-भाग ठीक से कर पाते हैं। क्या हमारे प्रदेश के विद्यार्थी सचमुच इतने निकम्मे हैं या फिर शिक्षण…

विलासिता की गिरफ्त में राजनेता

प्रो. एनके सिंह (लेखक, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन हैं) यह आश्चर्यजनक है कि ब्रिटिश राज के दिखावे की विरासत आज भी जिंदा रखी गई है, जबकि आधुनिक दुनिया में राज्य संचालन के लिए इसकी आवश्यकता नहीं है। मेरा ऐसा मानना है कि इस…

सख्ती से खदेड़ने होंगे कश्मीर से आतंकी

प्रो. एनके सिंह (लेखक, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन हैं) बेरोजगारी से त्रस्त कश्मीरी उद्योग स्थापित करने की मांग करते रहते हैं, लेकिन हर दिन तो वे बंद घोषित कर देते हैं। उन हालात में कौन वहां उद्योग स्थापित करने का जोखिम…

मंत्रिमंडलीय फेरबदल में स्मृति को झटका

प्रो. एनके सिंह ( एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन हैं ) मंत्रिमंडलीय फेरबदल में सबसे ज्यादा चर्चा स्मृति ईरानी को लेकर हुई, जो कि मोदी की नीतियों को लेकर उठने वाले सवालों पर साहस व सख्ती के साथ बचाव करती आई हैं। स्मृति से…

पर्यावरण का रक्षक बना उच्च न्यायालय

प्रो. एनके सिंह (लेखक, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन हैं) दस वर्ष पहले मैं दिल्ली से हिमाचल आकर बस गया और सोचा कि मैं अब स्वच्छ हवा ले सकूंगा, क्योंकि यहां की वादियों में पर्याप्त मात्रा में आक्सीजन उपलब्ध थी। मगर बडे़…

गर्त में हिमाचल का प्रबंधन

प्रो. एनके सिंह लेखक (  एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन हैं ) कुप्रबंधन की स्थिति का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि शिक्षा जैसे महत्त्वपूर्ण क्षेत्र में भी 129 करोड़ रुपयों का उपयोग नही किया जा सका। यह एक हृदयविदारक…

अब भी उम्मीद की किरण हैं मोदी

प्रो. एनके सिंह ( लेखक, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन हैं ) घरेलू विकास के क्षेत्र में सड़कों के नेटवर्क का जिस तरह से विस्तार हुआ है, उसे एक बड़ी उपलब्धि माना जाएगा। अधोसंरचना विकास के क्षेत्र में भारी निवेश ने मोदी…

जे एंड के की शक्तिशाली महिला शासक

(प्रो. एनके सिंह लेखक, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन हैं) मौजूदा परिप्रेक्ष्य में कश्मीर का रुढि़वादी तबका ही महबूबा सरकार का सबसे बड़ा दुश्मन है, क्योंकि इससे ताल्लुक रखने वाले लोग आज भी कश्मीर से निकाले गए कश्मीरियों के…

जंगल जल रहे हैं और नेता बासुंरी बजा रहे हैं

(प्रो. एनके सिंह लेखक, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन हैं) अमरीका के पास आग की घटनाओं पर नियंत्रण के लिए 100 विमानों और दस हजार अग्निशमन कर्मियों की व्यवस्था है। बेशक वह एक संपन्न राष्ट्र है, लेकिन उसने वनों के महत्त्व को भी…

नरेंद्र मोदी से मेरी निराशाएं

(प्रो. एनके सिंह लेखक, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन हैं) मोदी ने भ्रष्ट लोगों पर कड़ाई के साथ हथौड़ा चलाना चाहिए, लेकिन वह एजेंसियों को ढीला-ढाला रवैया अपनाने की अनुमति दे रहे हैं। रोबर्ट बढेरा का ही उदाहरण ले लीजिए। वह…

उत्तर प्रदेश की विभ्रम भरी राजनीति

(प्रो. एनके सिंह लेखक, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन हैं) त्रिकोणीय स्पर्धा होने के कारण राज्य की राजनीतिक जटिलता काफी बढ़ गई है, जिसमें भाजपा अपनी ताकत का प्रदर्शन करेगी, वहीं बसपा के कांग्रेस को समर्थन देने की संभावनाओं…

नरेंद्र मोदी से मेरी निराशाएं

( प्रो. एनके सिंह लेखक, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन हैं ) मोदी ने भ्रष्ट लोगों पर कड़ाई के साथ हथौड़ा चलाना चाहिए, लेकिन वह एजेंसियों को ढीला-ढाला रवैया अपनाने की अनुमति दे रहे हैं। रोबर्ट बढेरा का ही उदाहरण ले लीजिए। वह…