गोपनीयता का स्वांग और भाजपा की हार

प्रो. एनके सिंह लेखक, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन हैं अहमद पटेल की जीत में कोई समस्या नहीं थी, क्योंकि कांग्रेस के पास 50 वोटों की ताकत थी, जो कि उन्हें जिताने के लिए पर्याप्त थी। लेकिन अमित शाह, जिन्हें अहमद पटेल से कई…

भारतीयों को नई सामाजिक संस्कृति की दरकार

प्रो. एनके सिंह लेखक, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन हैं हम बरसों तक गुलाम रहे और विदेशी शासकों का शोषण सहन करते रहे, अब आम लोगों के साथ ऐसा नहीं होना चाहिए। प्राचीन हिंदू संस्कृति मूल्य आधारित थी, लेकिन सैकड़ों बरसों की…

बिहार में महागठबंधन का बिखराव

प्रो. एनके सिंह लेखक, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन हैं नीतीश ने यह प्रतिस्थापित कर दिया है कि राष्ट्रीय राजनीति में उनका दो कारणों से महत्त्व है-एक यह कि वह सत्ता हासिल करते हैं, लेकिन अपने या परिवार के लिए नहीं बल्कि जनता…

क्या चीन तीसरे विश्व युद्ध के बीज बो रहा है ?

प्रो. एनके सिंह लेखक, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन हैं वर्तमान स्थिति में उत्तर कोरिया के अलावा दूसरा कोई देश परमाणु हथियारों के उपयोग की बात नहीं सोचेगा। चीन को अपनी तुच्छ युद्धप्रियता को भी समझना चाहिए, विशेषकर उस स्थिति…

हिमाचल में महिलाएं सुकून से क्यों नहीं रह सकतीं ?

प्रो. एनके सिंह लेखक, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन हैं पुलिस को अभी तक यही पता नहीं है कि जिस स्थान पर छात्रा का शव मिला, क्या उसी स्थान पर दुष्कर्म हुआ या फिर किसी अन्य जगह पर इसे अंजाम दिया गया। इस दर्दनाक प्रकरण के बाद…

हिमाचली सियासत का दलदल

प्रो. एनके सिंह लेखक, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन हैं हिमाचल की राजनीति कीचड़ युक्त हो गई है और इस नाटक में कांग्रेस सबसे खराब प्रदर्शक लग रही है। अब यह धारणा बनती जा रही है कि प्रदेश में कांग्रेस के राज में रचनात्मक…

हिंदू ही हिंदुत्व को क्षति न पहुंचाएं

प्रो. एनके सिंह लेखक, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन हैं मुझे आज भी वह बात अच्छे से याद है, जब मैं मांट्रियाल शहर में स्थित मैकगिल विश्वविद्यालय में एक लेक्चर देने के बाद दोपहर के भोजन के लिए कुछ भारतीयों से मिला। वे भोजन में…

भारत में कोई जातिवाद खत्म नहीं करना चाहता

प्रो. एनके सिंह लेखक, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन हैं राष्ट्रपति पद के लिए एनडीए की तरफ से दलित उम्मीदवार के नाम की घोषणा की गई। इसके साथ यह भी दावा किया गया कि इस घोषणा का आधार महज जाति नहीं है, बल्कि उनके अनुभव और…

हम कितने भारतीय हैं

प्रो. एनके सिंह लेखक, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन हैं भारतीयता के मर्म पर भी ध्यान केंद्रित करना आवश्यक है। यह मर्म हिंदुत्व के धर्म,अर्थ,काम, मोक्ष जैसे मूल्यों में समाहित है। इसका गाय के प्रति दिखाई जाने वाली सनक अथवा…

जवाबदेही से तय होती है पत्रकारीय स्वतंत्रता

प्रो. एनके सिंह लेखक, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन हैं ताकतवर लोगों के साथ संबंध बनाना मीडिया के लिए आवश्यक है, लेकिन इसके साथ ही पेशेवर नैतिकता को बनाए रखना भी मीडया की बहुत बड़ी जिम्मेदारी है। दिल्ली में ऐसे चिन्हित स्थान…

प्रगति की प्राथमिकताओं को कम न करें-2

प्रो. एनके सिंह प्रो. एनके सिंह लेखक, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन हैं समस्या यह है कि अब भी सरकार नौकरशाही पर निर्भर है और कोई वैकल्पिक व्यवस्था खड़ी नहीं कर सकी है।  नीति आयोग को योजना आयोग का प्रतिबिंब नहीं बनना चाहिए,…

प्रगति की प्राथमिकताओं को कम न करें

प्रो. एनके सिंह (  एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन हैं ) जब लाइसेंस के नवीनीकरण जैसे छोटे कार्य में चार महीने से अधिक का समय लग जाता है, तब मुझे लगता है कि लगता है कि लालफीताशाही बदस्तूर जारी है। इस दौरान संबंधित फाइल एडीम…

भेदभाव को तलाक बोलने का समय

प्रो. एनके सिंह प्रो. एनके सिंह लेखक, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन हैं पाकिस्तान के तीसरे  प्रधानमंत्री मोहम्मद अली बोगरा, अपनी पहली पत्नी को तलाक देकर, अपनी सेक्रेटरी से दूसरी शादी करना चाहते थे। उनकी पहली पत्नी ने न केवल…

कश्मीर में कल्पना और नवाचार की जरूरत

प्रो. एनके सिंह लेखक, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन हैं भीड़ को यह महसूस कराया जाना चाहिए कि अराजकता उसके हित में नहीं है और इसके कारण उन्हें जनधन की भयंकर हानि उठानी पड़ सकती है। उन्हें इस बात का एहसास कराया जाना चाहिए कि…

गौण न बनाएं प्रगति की प्राथमिकताएं

प्रो. एनके सिंह लेखक, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन हैं हर दिन मीडिया सरकार के खिलाफ कई छोटे-मोटे मुद्दों को लाइमलाइट में लाकर रख देता है, जिसका लेखकों और विश्लेषकों की मंडली में भी बड़े चाव के साथ स्वागत किया जाता है। आज…