भारत में कोई जातिवाद खत्म नहीं करना चाहता

प्रो. एनके सिंह लेखक, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन हैं राष्ट्रपति पद के लिए एनडीए की तरफ से दलित उम्मीदवार के नाम की घोषणा की गई। इसके साथ यह भी दावा किया गया कि इस घोषणा का आधार महज जाति नहीं है, बल्कि उनके अनुभव और…

हम कितने भारतीय हैं

प्रो. एनके सिंह लेखक, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन हैं भारतीयता के मर्म पर भी ध्यान केंद्रित करना आवश्यक है। यह मर्म हिंदुत्व के धर्म,अर्थ,काम, मोक्ष जैसे मूल्यों में समाहित है। इसका गाय के प्रति दिखाई जाने वाली सनक अथवा…

जवाबदेही से तय होती है पत्रकारीय स्वतंत्रता

प्रो. एनके सिंह लेखक, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन हैं ताकतवर लोगों के साथ संबंध बनाना मीडिया के लिए आवश्यक है, लेकिन इसके साथ ही पेशेवर नैतिकता को बनाए रखना भी मीडया की बहुत बड़ी जिम्मेदारी है। दिल्ली में ऐसे चिन्हित स्थान…

प्रगति की प्राथमिकताओं को कम न करें-2

प्रो. एनके सिंह प्रो. एनके सिंह लेखक, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन हैं समस्या यह है कि अब भी सरकार नौकरशाही पर निर्भर है और कोई वैकल्पिक व्यवस्था खड़ी नहीं कर सकी है।  नीति आयोग को योजना आयोग का प्रतिबिंब नहीं बनना चाहिए,…

प्रगति की प्राथमिकताओं को कम न करें

प्रो. एनके सिंह (  एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन हैं ) जब लाइसेंस के नवीनीकरण जैसे छोटे कार्य में चार महीने से अधिक का समय लग जाता है, तब मुझे लगता है कि लगता है कि लालफीताशाही बदस्तूर जारी है। इस दौरान संबंधित फाइल एडीम…

भेदभाव को तलाक बोलने का समय

प्रो. एनके सिंह प्रो. एनके सिंह लेखक, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन हैं पाकिस्तान के तीसरे  प्रधानमंत्री मोहम्मद अली बोगरा, अपनी पहली पत्नी को तलाक देकर, अपनी सेक्रेटरी से दूसरी शादी करना चाहते थे। उनकी पहली पत्नी ने न केवल…

कश्मीर में कल्पना और नवाचार की जरूरत

प्रो. एनके सिंह लेखक, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन हैं भीड़ को यह महसूस कराया जाना चाहिए कि अराजकता उसके हित में नहीं है और इसके कारण उन्हें जनधन की भयंकर हानि उठानी पड़ सकती है। उन्हें इस बात का एहसास कराया जाना चाहिए कि…

गौण न बनाएं प्रगति की प्राथमिकताएं

प्रो. एनके सिंह लेखक, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन हैं हर दिन मीडिया सरकार के खिलाफ कई छोटे-मोटे मुद्दों को लाइमलाइट में लाकर रख देता है, जिसका लेखकों और विश्लेषकों की मंडली में भी बड़े चाव के साथ स्वागत किया जाता है। आज…

समापन की ओर केजरीवाल युग

प्रो. एनके सिंह लेखक, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन हैं जिस तरह से भारतीय राजनीतिक परिप्रेक्ष्य में केजरीवाल अप्रासंगिक होते जा रहे हैं, वहां से केजरीवाल युग का अंत करीब दिखने लगा है। एक के बाद एक हार के लिए उन्होंने ईवीएम…

छोड़ना होगा ‘पहले मैं’ का दृष्टिकोण

प्रो. एनके सिंह लेखक, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन हैं आज भी हम हर क्षेत्र में कुछेक लोगों को शेष समाज से ज्यादा महत्त्वपूर्ण मानने की परंपरा को ढो रहे हैं। आज सामाजिक और राजनीतिक पदानुक्रम में हर कोई ‘पहले मैं’ की दौड़ में…

लोकतंत्र को सशक्त विपक्षी नेताओं की जरूरत

प्रो. एनके सिंह लेखक, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन हैं विभिन्न राजनीतिक दल अपनी रणनीति की विवेचना करने के बजाय अब तक पूरी तरह से नाकाम रहे महागठबंधन के पीछे आंखें मूंदकर कदमताल करते रहे हैं। मोदी के विजय रथ को रोकने के लिए…

क्या आत्मघात से बच पाएगी कांग्रेस-2

प्रो. एनके सिंह लेखक, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन हैं कांग्रेस में एक दोष संगठन को गढ़ने में विफलता और वफादार दरबारियों पर बढ़ती निर्भरता को माना जाएगा। संगठन में आंतरिक लोकतंत्र के लिए यहां न तो वास्तविक चुनाव करवाए जाते…

आत्मघात से बच पाएगी कांग्रेस ?

प्रो. एनके सिंह लेखक, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन हैं कांग्रेस पार्टी की कार्यशैली में पांच खामियां स्पष्ट तौर पर देखी जा सकती हैं और इन्हें बिना वक्त गंवाए दूर करने की महत्ती जरूरत है, लेकिन पार्टी में कोई भी इसको लेकर…

प्रतिष्ठा प्रतीकों के प्रदर्शन पर लगे नकेल

प्रो. एनके सिंह प्रो. एनके सिंह लेखक, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन हैं यदि मोदी साफ-सुथरा प्रशासन लाना चाहते हैं, तो उन्हें कार्यालयों में दिखावे और तड़क-भड़क भरी संस्कृति पर नकेल कसनी होगी। अधिकारियों, विधायकों और सांसदों…

विपक्षी दलों में बढ़ती कुंठा

प्रो. एनके सिंह (लेखक, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन हैं) कांग्रेस ने चुनावों को लेकर जो बड़े-बड़े सपने देख रखे थे, पंजाब को छोड़कर वे हर कहीं चूर-चूर हो गए। राहुल गांधी भी कांग्रेस को मिली हार की जिम्मेदारी लेने के लिए आगे…