हास्यास्पद है नैतिक जीत का दावा

प्रो. एनके सिंह लेखक, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन हैं कांग्रेस की ओर से दावा किया गया कि उसकी नैतिक जीत हुई है। यह दावा झुठलाया जा सकता है, क्योंकि उसने नैतिकता के सभी मापदंडों का उल्लंघन किया। समकालीन परिदृश्य की बात…

गुजरात में देश का सबसे गंदा चुनाव

प्रो. एनके सिंह लेखक, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन हैं प्रधानमंत्री के खिलाफ भी इतना कुछ कहा गया जो कि इतने बड़े व गौरवमयी पद पर बैठे व्यक्ति के लिए कहा नहीं जाना चाहिए। यह उचित समय है जब नियमों का उल्लंघन करने वाली…

सियासत में धर्म अब ज्यादा स्वीकार्य

प्रो. एनके सिंह लेखक, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन हैं देश के कई राज्यों में पराजय से उपजी निराशा के बाद कांग्रेस ने अपने नजरिए में परिवर्तन किया है और वह अब मोदी का मुकाबला उन्हीं की शैली में कर रही है। राजनीति और धर्म…

लोकतांत्रिक मूल्यों से किनारा करती पार्टियां

प्रो. एनके सिंह लेखक, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन हैं अब कांग्रेस में एक महा विस्फोट हो गया है तथा महाराष्ट्र कांग्रेस के सचिव शहजाद पूनावाला ने पार्टी के तानाशाही व वंशवादी तरीके पर सवाल खड़े कर दिए हैं।…

बिखरते अस्तित्व को समेटने की चुनौती

प्रो. एनके सिंह लेखक, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन हैं आर्थिक क्षेत्र में भी राहुल गांधी के पास फटे-पुराने समाजवादी एजेंडे के अलावा कुछ नया नहीं है। राहुल निश्चित रूप से चुनावी राजनीति के राजनीतिक चरण में दोबारा प्रविष्ट…

राजपूताना सम्मान व गौरव पर चोट

प्रो. एनके सिंह लेखक, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन हैं पद्मिनी का चित्रांकन ध्यान से होना चाहिए था और इस चरित्र को गौरव दिया जाना चाहिए था। अगर ऐसा किया गया होता तो यह फिल्म राजपूतों के साथ-साथ सभी भारतीयों के गौरव की एक…

सुधारों में बाधा न बनें परंपराएं

प्रो. एनके सिंह लेखक, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन हैं दिवाली पर पटाखे चलाने अथवा न चलाने का मसला अब पृष्ठभूमि में चला गया है। कुछ दिनों पूर्व तक इस मसले पर सबसे अधिक विचार-विमर्श हो रहा था और यह विवाद का मुद्दा बना हुआ था।…

घाटी के भटके हुए सियासतदां

प्रो. एनके सिंह लेखक, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन हैं फारूक अब्दुल्ला ने दुखद बयान देते हुए भारत के पक्ष में बनी स्थिति को अस्त-व्यस्त कर दिया। उन्होंने स्पष्ट रूप से यह रुख अपना लिया कि पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर…

हिमाचल के लिए चुनाव के मायने

प्रो. एनके सिंह लेखक, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन हैं एक दिन मैंने तथा मेरी धर्मपत्नी ने देखा कि महिलाओं का एक समूह शादी समारोह की तरह बढि़या कपड़े पहनकर किसी गांव की ओर जा रहा था। जब उनसे पूछा गया, तो पता चला कि गांव…

चुनावी बिसात पर भाजपा और कांग्रेस

प्रो. एनके सिंह लेखक, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन हैं भाजपा का नेतृत्व प्रेम कुमार धूमल पहले से ही कर रहे हैं, चाहे वह पहले पार्टी के नेता घोषित नहीं हुए थे। इस बात में कोई आश्चर्य नहीं होना चाहिए कि भाजपा को करीब 39 सीटें…

निर्णायक चुनावों की दहलीज पर देश

प्रो. एनके सिंह लेखक, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन हैं मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद भाजपा का आधार लगातार बढ़ता गया है। इसका परिणाम यह है कि भाजपा की 13 राज्यों में सत्ता कायम हो चुकी है। इसके अलावा तमिलनाडु व अन्य कुछ…

तकनीकी शिक्षा की दयनीय हालत

प्रो. एनके सिंह लेखक, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन हैं हमें शिक्षा का प्रारूप दोबारा से इस तरह बनाना चाहिए कि छात्र भविष्य की कारपोरेट जरूरतों के मुताबिक अपने कामों को अंजाम देने में सक्षम हो सकें। छात्रों तथा उनके…

सुस्त शासन से मोदी के मिशन को खतरा

प्रो. एनके सिंह लेखक, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन हैं इस बात में कोई संदेह नहीं है कि नोटबंदी तथा जीएसटी अर्थव्यवस्था में बड़े सुधार हैं, लेकिन इन पर अमल सुचारू ढंग से होना चाहिए। अव्यवस्थित तरीके से इन्हें लागू करने से…

दिल्ली की सियासी फिजाएं

प्रो. एनके सिंह लेखक, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन हैं मोदी अभी भी देश के ऐसे नेता बने हुए हैं, जिन्हें कोई भी चुनौती नहीं दे पा रहा है। डेरा सच्चा सौदा तथा बलात्कार कांड पर चर्चा खत्म हो रही है, लेकिन बनारस हिंदू…

मुसीबतें झेलता डिजिटलाइजेशन

प्रो. एनके सिंह लेखक, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन हैं इस बात से भी इनकार नहीं किया जा सकता कि डिजिटलाइजेशन का आरंभिक प्रस्तुतीकरण बड़े पैमाने पर नागरिकों के लिए असुविधा पैदा कर रहा है। सबसे पहले ब्रॉडबैंड इंटरनेट की…