कम्पीटीशन रिव्यू

राज्य सरकार ने कांगड़ा जिला में इंद्रूनाग को पैरा ग्लाइडिंग सेंटर के रूप में विकसित करने की आज्ञा दी। दूसरा स्थान बीड़- बिलिंग है, जो बतौर अंतरराष्ट्रीय हैंग ग्लाइडिंग सेंटर प्रसिद्ध है और विश्वभर से पैरा ग्लाइडिंग करने वालों को आकर्षित करता है… इंद्रूनाग सितंबर 2011 ई. में राज्य सरकार ने कांगड़ा जिला में इंद्रूनाग

अंतरिम सरकार को अधिकतम स्वतंत्रता मंत्रि-मिशन ने कांग्रेस द्वारा उठाए गए प्रश्नों का उत्तर दिया अपने 25 मई के वक्तव्य द्वारा, जिसमें कहा गया था कि मिशन योजना एक सुगठित योजना थी और उसे पूरी की पूरी को ही स्वीकार या अस्वीकार किया जा सकता था। वर्गीकरण की योजना अनिवार्य थी और संविधान सभा उससे

कुल्लू के मध्य में पावन स्थल है डैहनासर, जिसका पर्यटन की दृष्टि से विशेष महत्त्व है। यह झील समुद्र तल से लगभग 15000 फुट की ऊंचाई पर स्थित है। यूं तो इस पावन स्थल से भगवान शिव-पार्वती व डायन से जुड़े प्रसंग हैं… डैहनासर झील जिला कांगड़ा व कुल्लू के मध्य में पावन स्थल है

किरात जाति हिमालय के दक्षिण क्षेत्र में हिमाचल होते हुए कश्मीर तक तथा उसके नीचे मोहनजोदड़ो तक फैल गई। यह जाति पशुपालक थी और इसमें जन व्यवस्था थी। सिंधु सभ्यता काल में ये जातियां हिमाचल की तराइयों में यत्र-तत्र बसती थीं… प्रागैतिहासिक हिमाचल एक दूसरी जाति के नाम का भी उल्लेख मिलता है, जिसे किरात

सुप्रसिद्ध इतिहासकार व लेखक विपिन चंद्र का संबंध प्रदेश के किस जिले से है?   (क) मंडी से             (ख) कांगड़ा से (ग) सोलन से             (घ) चंबा में वर्ष 2010 में पोलिथीन मुक्त राज्य के लिए हिमाचल को किस पुरस्कार से सम्मानित किया गया? (क) स्वच्छ राज्य पुरस्कार (ख) निर्मल पुरस्कार (ग) प्रधानमंत्री पुरस्कार   (घ) राष्ट्रपति पुरस्कार

हिमाचल प्रदेश पीएससी हिमाचल प्रदेश पीएससी में निम्न पदों के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। पद – नायब तहसीलदार, रिक्तियां – 20 शैक्षणिक और अन्य योग्यता – मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक की डिग्री। आयु सीमा – 21 से 45 वर्ष। आवेदन की अंतिम तिथि – 18 जनवरी, 2017(आयु की गणना 18 जनवरी, 2017 के

जिन युवाओं के पास एमबीबीएस या बीडीएस की डिग्री नहीं है, उनके लिए चिकित्सा क्षेत्र में क्या विकल्प हैं? — प्रवेश कुमार, ऊना एमबीबीएस एग्जाम में यदि आपका चयन नहीं होता है, तो निराश होने की आवश्यकता नहीं है। अन्य विकल्पों के सहारे आप इस क्षेत्र में पदार्पण कर सकते हैं। होम्योपैथी, नेचरोपैथी, आयुर्वेद, यूनानी

कोई आपको लाख सलाह दे, पर जब तक आप स्वयं अपने मन को नकारात्मक सोचने से मना नहीं करेंगे, तब तक कुछ नहीं होगा। सफलता का सफर सकारात्मकता से शुरू हो कर उपलब्धियों पर आकर खत्म होता है और असफलता का तो कोई सफर ही नहीं होता… सफलता मिलने की आशा नहीं है, तो इस