बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है दशहरा

विजय दशमी या विजयादशमी अथवा दशहरा आश्विन शुक्ल दशमी को बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है। यह भारत का राष्ट्रीय त्योहार है। रामलीला में जगह-जगह रावण वध का प्रदर्शन होता है। क्षत्रियों के यहां शस्त्रों की पूजा होती है। ब्रज के मंदिरों में इस दिन…

मां दुर्गा की पूजा को समर्पित है दुर्गाष्टमी

दुर्गाष्टमी का हिंदू धर्म में बड़ा ही महत्त्व है। प्रत्येक माह में शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि पर दुर्गाष्टमी व्रत किया जाता है, इसे मासिक दुर्गाष्टमी भी कहते हैं। इस दौरान श्रद्धालु दुर्गा माता की पूजा करते हैं और उनके लिए पूरे दिन का व्रत…

कालिका सहस्रनाम

-गतांक से आगे... भक्तानंद-मयी भक्ति-भाविका भक्ति-शर्ज्री। सर्व-सौंदर्य-निलया सर्व-सौभाग्य-शालिनी।। 91।। सर्व-सौभाग्य-भवना सर्व सौख्य-निरूपिणी। कुमारी-पूजन-रता कुमारी-व्रत-चारिणी।। 92।। कुमारी-भक्ति-सुखिनी कुमारी-रूपधारिणी।…

नारी शक्ति के सम्मान की याद दिलाता है नवरात्र पर्व

भारत अध्यात्म प्रधान देश है जिसकी सभ्यता और श्रेष्ठता हमारे त्योहारों मंे झलकती है। श्रीमद्भागवत गीता में कहा गया है ब्रह्मा का दिन और ब्रह्मा की रात्रि। सतयुग त्रेता को ब्रह्मा का दिन तथा द्वापुर और कलियुग को ब्रह्मा की रात्रि कहा जाता है।…

अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा

दशहरा हर्ष और उल्लास से मनाया जाने वाला विजय का पर्व है, जो विश्व को यह शिक्षा देता है कि बुराई चाहे कितनी ही शक्तिशाली क्यों न हो, परंतु सत्य एवं अच्छाई के समक्ष स्थापित नहीं हो सकती, पाप का अंत होना तय होता है। वह अधिक समय तक अपना वर्चस्व…

बगलामुखी मंदिर कोटला

पठानकोट मंडी राष्ट्रीय राजमार्ग पर बसे बरसों पुराना गांव कोटला की पहचान यहां पर बने सदियों पुराने मां भगवती बगलामुखी मंदिर के कारण विश्व विख्यात है। कोटला में 150 वर्ष पुराना अंग्रेजों के जमाने का बना पुल है। जिसके सामने पहाड़ी पर मां भगवती…

किसी अजूबे से कम नहीं हैं महाभारत के पात्र

शकुनि का जन्म गंधार के सम्राट सुबल तथा साम्राज्ञी सुदर्मा के यहां हुआ था। शकुनि की बहन गांधारी का विवाह धृतराष्ट्र से हुआ था। शकुनि की कुरुवंश के प्रति घृणा का कारण यह था कि हस्तिनापुर के सेनापति भीष्म एक बार धृतराष्ट्र के लिए गांधारी का…

साधना में मानसिक क्रिया पर नियंत्रण हो

तंत्र साधक के लिए यह आवश्यक है कि वह साधना में कायिक, वाचिक और मानसिक क्रियाओं पर पूरा नियंत्रण रखे। जिस प्रकार आसन, पात्रासादन एवं अर्चनादि में क्रियाओं का विधान है, उसी प्रकार उनके साथ कुछ मुद्रा बनाने का भी विधान है। ये मुद्राएं हाथ और…

नासिर का व्यक्तित्व जस्टिस बेग को भी भाया था…

सौंदर्य के क्षेत्र में शहनाज हुसैन एक बड़ी शख्सियत हैं। सौंदर्य के भीतर उनके जीवन संघर्ष की एक लंबी गाथा है। हर किसी के लिए प्रेरणा का काम करने वाला उनका जीवन-वृत्त वास्तव में खुद को संवारने की यात्रा सरीखा भी है। शहनाज हुसैन की बेटी नीलोफर…

मूर्ति पूजा में यकीन

स्वामी विवेकानंद गतांक से आगे... मेरठ से स्वामी जी दिल्ली आ गए। सरकारी चिकित्सालय के चिकित्सक बाबू गुरुचरण सिंह लश्कर व उनके परम मित्र स्थानीय उच्च विद्यालय के मौलवी साहब ने आनंद के साथ स्वामीजी के रहने आदि की व्यवस्था कर दी।…

अंधा आदमी और दीपक

सद्गुरु जग्गी वासुदेव एक अंधा आदमी अपने मित्र के घर कुछ दिनों के लिए रुका और फिर अपने घर वापस जाने के लिए रात के समय निकला। उसके मित्र ने उसे एक लालटेन जला कर हाथ में दे दी। अंधा व्यक्ति विरोध करते हुए बोला, मुझे लालटेन की क्या जरूरत है?…

जीवन का ध्येय

श्रीराम शर्मा मनुष्य की आंतरिक अभिव्यक्ति, उसके काम करने की लगन और भावना से ही परखी जा सकती है। कर्म का सुख वस्तुतः उसकी लगन, भावना और निष्ठा में ही है। इस तरह संपन्न किए गए कर्म प्रफुल्लता दे जाते हैं, किंतु अनुत्साहपूर्वक काम करने से…

जीवन की आकांक्षा

बाबा हरदेव जन्म के बाद जितनी इच्छाएं होती है अथवा वासनाएं हमारे पास होती हैं मृत्यु के समय तक इसमें से एक भी कम नहीं होती अपितु बहुत बढ़ जाती हैं और इस प्रकार इन इच्छाओं व वासनाओं को पूरा करने के लिए तब मरते क्षण हमारे मन में और जन्मों की…

लंका नरेश रावण का साधना स्थलः राक्षसताल

तंत्र-मंत्र में रुचि के कारण रावण का साधना-स्थल तो तुमको देखना ही चाहिए। कोई जाए या न जाए, तुम तो चलो। मानसरोवर की यात्रा तो सभी करते हैं, पर राक्षस ताल...अरे, इसी बहाने मैं भी देख लूंगा। शायद रावण की आत्मा भटकती मिल जाए।’ मैं खिलखिलाकर हंस…

इच्छाओं की पूर्ति

श्रीश्री रवि शंकर आज हममें से हरेक खुशी और शांति की तलाश कर रहा है। यह खोज सर्वव्यापी है। आखिरकार दुखी तो कोई भी नहीं रहना चाहता। लोग अलग-अलग तरीकों से खुशियां ढूंढने की कोशिश करते हैं। कुछ इसे धन-दौलत और दुनियावी चीजों में ढूंढते हैं। कुछ…