ड्ढकुंडलिनी साधनाएं : कुंडलिनी क्या है

कुंडलिनी साधना एक कठिन साधना है। योगीगण इसकी सिद्धि में बीस-तीस वर्ष व्यतीत कर देते हैं। इसलिए इसकी साधना का प्रयत्न उन्हीं लोगों को करना चाहिए, जो धैर्य के साथ अभ्यास कर सकें। 2. ऊर्जा की धारा को सहस्रार चक्र में पहुंचाने में समय लगता…

कालिका सहस्रनाम

-गतांक से आगे... बालिका तरुणी वृद्धा वृद्ध-माता जरातुरा। सुभ्रुर्विलासिनी ब्रह्म-वादिनि ब्रह्माणी मही।। 51।। स्वप्नावती चित्र-लेखा लोपा-मुद्रा सुरेश्वरी। अमोघाऽरुन्धती तीक्ष्णा भोगवत्यनुवादिनी।। 52।। मंदाकिनी मंद-हासा…

किसी अजूबे से कम नहीं हैं महाभारत के पात्र

दस, युद्ध से कुछ दिन पूर्व जब कर्ण को यह ज्ञात होता है कि पांडव उसके भाई हैं तो उनके प्रति उसकी सारी दुर्भावना समाप्त हो गई, पर दुर्योधन के प्रति निष्ठ होने के कारण वह पांडवों अर्थात अपने भाइयों के विरुद्ध लड़ा। जबकि कर्ण की मृत्यु होने तक…

जीवन में दुखों का कारण

श्रीराम शर्मा कई बार हमें जीवन में इतनी तकलीफ और कष्टों का सामना करना पड़ता है कि हम समझ नहीं पाते हैं कि आखिर यह सब क्यों हो रहा है और इन सबसे कैसे निपटा जाए। समस्त दुःखों का कारण है, अज्ञान, अशक्ति व अभाव। जो व्यक्ति इन तीनों…

बीजाक्षरों में देवताओं की शक्ति होती है

जिस प्रकार एक छोटे और साधारण से बीज में सूक्ष्म रूप से एक विशाल वृक्ष छिपा रहता है और दिखाई नहीं देता, फिर भी मिट्टी, जल तथा खाद आदि के संपर्क से वह फल-फूल आदि से लदा एक बृहद एवं विशाल वृक्ष बन जाता है, उसी प्रकार विभिन्न बीजाक्षरों में…

शहनाज को छोटी उम्र में आया विवाह का प्रस्ताव

सौंदर्य के क्षेत्र में शहनाज हुसैन एक बड़ी शख्सियत हैं। सौंदर्य के भीतर उनके जीवन संघर्ष की एक लंबी गाथा है। हर किसी के लिए प्रेरणा का काम करने वाला उनका जीवन-वृत्त वास्तव में खुद को संवारने की यात्रा सरीखा भी है। शहनाज हुसैन की बेटी नीलोफर…

तीन गुणों से पार

बाबा हरदेव माया के तीन गुण माने जाते हैं तमोगुण, रजोगुण और सतोगुण और ये तीनों ही गुण जीव को बंधन में डालते हैं। मानो मनुष्य में तीनों गुणों का मिश्रण होता है, परंतु कर्म अनुसार एक गुण आगे बढ़ता है। अब क्योंकि जीव अनेक प्रकार के हैं इसलिए…

विष्णु पुराण

विवस्वानष्टभिर्मासैरादायपी रसात्मिकाः। वर्षत्यम्बु ततच्चान्नमंदप्यखिलं जगत।। विस्वानशुभिस्तीक्ष्णैरादाज जगतो जलम। सोम तुण्यात्यगेंदूश्च वायुनाडीमयैर्दिवि।। नालैविक्षिपतेऽभ्रेषु धमाग्नयनिलुभूर्तिषु। न भ्राश्यंति यतस्तेभ्यो जलान्य भ्राणि…

बच्चों के लिए जरूरी पोषक तत्त्व

हर साल सितंबर के पहले सप्ताह में नेशनल न्यूट्रीशन सप्ताह मनाया जाता है, जिसका मुख्य उद्देश्य शरीर के लिए जरूरी पोषक तत्त्वों और संतुलित व पौष्टिक आहार की आवश्यकता से जुड़ा है। हर व्यक्ति को एक स्वस्थ जीवन जीने के लिए कुछ जरूरी पोषक तत्त्वों…

दिमाग की क्षमता बढ़ाने वाले फूड्स

आमतौर पर माना जाता है कि याददाश्त तेज करने और मस्तिष्क की क्षमता बढ़ाने के लिए ओमेगा-3 एसिड अच्छा है। ये बात सच है कि मस्तिष्क के लिए ओमेगा-3 फैटी एसिड वाले आहार अच्छे होते हैं, मगर अकसर लोग ये भूल जाते हैं कि एक और तत्त्व मस्तिष्क के…

भगवान विष्‍णु वराह अवतार में करते हैं पापियों का अंत

वराह जयंती भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाई जाती है। हिंदू धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस तिथि को भगवान विष्णु ने वराह अवतार लिया था और हिरण्याक्ष नामक दैत्य का वध किया। भगवान विष्णु के इस अवतार में श्रीहरि पापियों का अंत…

राधाष्टमी का महत्त्व

राधाष्टमी राधा जी के जन्म से संबंधित है। जन्माष्टमी के पूरे 15 दिन बाद ब्रज के रावल गांव में राधा जी का जन्म हुआ। कहते हैं कि जो राधाष्टमी का व्रत नहीं रखता, उसे जन्माष्टमी के व्रत का फल नहीं मिलता। भाद्रपद शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को…

गणेशजी के स्वरूप का आध्यात्मिक रहस्य

गणेशजी के स्वरूप को देखकर अनेकों के खासकर नई पीढ़ी के मन में सवाल उठता है भला यह कैसे हो सकता है कि सिर हाथी का हो और बाकी शरीर मनुष्य का हो, लेकिन इसके पीछे बहुत गहरा रहस्य है। ईश्वर ने गणेशजी की रचना मनुष्यों को बहुत बड़ा संदेश देने के…

हल षष्ठी के व्रत से होती है संतान की प्राप्ति

हल षष्ठी भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि को कहा जाता है। यह हिंदू धर्म ग्रंथों में उल्लिखित एक प्रमुख व्रत है। हल षष्ठी के दिन मथुरामंडल और भारत के समस्त बलदेव मंदिरों में भगवान श्रीकृष्ण के बड़े भाई और ब्रज के राजा बलराम का…

त्रिलोकीनाथ मंदिर

लाहौल और स्पीति जिले में चंद्रभागा नदी के किनारे बसा हुआ छोटा सा कस्बा उदयपुर कई चीजों के लिए अलग और मशहूर है। साल में लगभग 6 महीने बर्फ से ढके रहने वाली इस जगह पर माइनस 25 डिग्री सेल्सियस तक टेंपरेचर चला जाता है। समुद्र तल से 2,742…