भगवान विष्‍णु वराह अवतार में करते हैं पापियों का अंत

वराह जयंती भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाई जाती है। हिंदू धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस तिथि को भगवान विष्णु ने वराह अवतार लिया था और हिरण्याक्ष नामक दैत्य का वध किया। भगवान विष्णु के इस अवतार में श्रीहरि पापियों का अंत…

राधाष्टमी का महत्त्व

राधाष्टमी राधा जी के जन्म से संबंधित है। जन्माष्टमी के पूरे 15 दिन बाद ब्रज के रावल गांव में राधा जी का जन्म हुआ। कहते हैं कि जो राधाष्टमी का व्रत नहीं रखता, उसे जन्माष्टमी के व्रत का फल नहीं मिलता। भाद्रपद शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को…

गणेशजी के स्वरूप का आध्यात्मिक रहस्य

गणेशजी के स्वरूप को देखकर अनेकों के खासकर नई पीढ़ी के मन में सवाल उठता है भला यह कैसे हो सकता है कि सिर हाथी का हो और बाकी शरीर मनुष्य का हो, लेकिन इसके पीछे बहुत गहरा रहस्य है। ईश्वर ने गणेशजी की रचना मनुष्यों को बहुत बड़ा संदेश देने के…

हल षष्ठी के व्रत से होती है संतान की प्राप्ति

हल षष्ठी भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि को कहा जाता है। यह हिंदू धर्म ग्रंथों में उल्लिखित एक प्रमुख व्रत है। हल षष्ठी के दिन मथुरामंडल और भारत के समस्त बलदेव मंदिरों में भगवान श्रीकृष्ण के बड़े भाई और ब्रज के राजा बलराम का…

त्रिलोकीनाथ मंदिर

लाहौल और स्पीति जिले में चंद्रभागा नदी के किनारे बसा हुआ छोटा सा कस्बा उदयपुर कई चीजों के लिए अलग और मशहूर है। साल में लगभग 6 महीने बर्फ से ढके रहने वाली इस जगह पर माइनस 25 डिग्री सेल्सियस तक टेंपरेचर चला जाता है। समुद्र तल से 2,742…

बक्सरः यहां राम ने किया था ताड़का का वध

श्री राम कथा में रुचि रखने वाले लोग बक्सर का नाम बड़े आदर से लेते हैं। यही वह जगह है जहां त्रेतायुग में मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम ने धर्म की रक्षा के लिए सुकेतु यक्ष की कन्या ताड़का का वध किया था। महात्मा बुद्ध की तपस्थली, भगवान महावीर…

ड्ढकुंडलिनी साधनाएं : कुंडलिनी क्या है

मनुष्य के शरीर का भी एक सर्किट है। यह सर्किट ऊर्जा के जिस चक्र का निर्माण करता है, वह सूक्ष्म शरीर है। कुंडलिनी का जागरण इसी चक्र में परिवर्तन करना है। निःसंदेह इससे स्थूल शरीर की संरचनाओं में भी परिवर्तन होता है, लेकिन यह परिवर्तन सूक्ष्म…

पहले अपने अंदर झांको

श्रीराम शर्मा पुराने जमाने की बात है। गुरुकुल के एक आचार्य अपने शिष्य की सेवा भावना से बहुत प्रभावित हुए। विधा पूरी होने के बाद शिष्य को विदा करते समय उन्होंने आशीर्वाद के रूप में उसे एक ऐसा दिव्य दर्पण भेंट किया, जिसमें व्यक्ति के मन के…

जेन कहानियां : अंतिम चपत

जेन साधक तांगेन जेन गुरु सेंगई के आश्रम में शिक्षा ग्रहण कर रहे थे। जब वे बीस वर्ष के हो गए, तो आगे की शिक्षा के लिए अन्यत्र जाना चाहा। सेंगई उन्हें इसकी अनुमति नहीं दे रहे थे। वे जब भी पूछने जाते, सेंगई उनके सिर पर हल्की सी चपत दे मारते।…

विवाद से परे है ईश्वर का अस्तित्व

मनुष्य की चेतन सत्ता में मूलतः वह क्षमता मौजूद है, जिसके सहारे वह अपने स्थूल, सूक्ष्म और कारण शरीरों का समुचित उपयोग कर सके। यह क्षमता उसने खो दी है। वह प्रसुप्त, विस्मृत एवं उपेक्षित गर्त में पड़ी रहती है। किसी काम नहीं आती। इसके बिना…

किसी अजूबे से कम नहीं हैं महाभारत के पात्र

दुर्योधन के प्रति कर्ण के स्नेह के कारण, यद्यपि अनिच्छुक रूप से, उसने अपने प्रिय मित्र के पांडवों के प्रति सभी कुकर्मों में उसका साथ दिया। कर्ण को पांडवों के प्रति दुर्योधन की दुर्भावनापूर्ण योजनाओं का ज्ञान था। उसे यह भी ज्ञान था कि असत के…

‘क’ विष बीज, तो ‘ख’ स्तंभन बीज है

अं - गजराज (हाथी) आदि वन्य जीवों को वश में करने वाला अः - मृत्युनाशक। क : विष बीज है। ख : स्तंभन बीज है। ग : गणपति बीज है। घ : स्तंभन बीज है। ड. : असुर बीज है। च : चंद्रमा बीज है। छ : लाभ बीज है। यह मृत्युनाशक है। ज : ब्रह्मराक्षस बीज…

शहनाज पर मोहित हो गए थे नासिर हुसैन

सौंदर्य के क्षेत्र में शहनाज हुसैन एक बड़ी शख्सियत हैं। सौंदर्य के भीतर उनके जीवन संघर्ष की एक लंबी गाथा है। हर किसी के लिए प्रेरणा का काम करने वाला उनका जीवन-वृत्त वास्तव में खुद को संवारने की यात्रा सरीखा भी है। शहनाज हुसैन की बेटी नीलोफर…

मन को बांधना

सद्गुरु जग्गी वासुदेव आप को कर्मों को सुलझाने में असल में कोई प्रयास नहीं करना पड़ेगा, क्योंकि जब आप अपने कर्मों के साथ खेल रहे हैं, तो आप ऐसी चीज के साथ खेल रहे हैं, जिसका कोई अस्तित्व नहीं है। यह मन का एक जाल है। बीते हुए समय का…

सेब का सिरका और शहर के फायदे सेब का सिरका और शहद का इस्तेमाल काफी वर्षों से कई प्रकार की बीमारियों के इलाज के रूप में किया जा रहा है, इनमें कई तरह के पोषक तत्त्व और एंटीऑक्सीडेंट्स मौजूद होते हैं, जो आपकी सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होते…