आस्था

पुत्र ने सहजभाव से उत्तर दिया-तात! वह विषय अति पावन एवं गुह्यतम है। आज के दिन धर्मानुष्ठान कर, कल मैं...

इस पर हाथी ने उनसे कहा कि मेरा रोग दवाइयों से दूर नहीं होगा। आप कृपा करके भगवत गीता के...

विश्वामित्र के पुत्र अष्टक ऋषि ने सुरम्य, अमित गति वाली सात नदियों का चियण किया है। हे इंद्र, रमणीय, मनोहर,...

यह एक ध्रुव ही मेरू पर्वत के मस्तक पर अधोमुख होकर भ्रमण करता है। इस प्रकार सूतजी ने देवों के...

सगुणं निर्गुणं शांतं मायाऽतीतं सुमानियम। अरूपं बहुरूपं तं प्रणतोऽस्मि जनार्दनम्॥ अर्थात ब्रह्मा, विष्णु और शिव के रूप में सगुण-साकार तथा...

नाथ संप्रदाय की परंपरा में गुरु गोरक्षनाथ ने मध्यकाल में सामाजिक समरसता का सबसे बड़ा अभियान चलाया। उनके अभियान में...

अमीषां प्राणानां तुलितबिसिनीपत्रपयसां कृते किन्नास्माभिर्विगलितविवेकैर्व्यवसितम्। यदाढ्यानामग्रे द्रविणमदनिःशङ्कमनसां कृतं वीतव्रीडैर्निजगुणकथापातकमपि॥ कमल-पत्र पर कुछ क्षणों के लिए स्थान पाने वाले जलबिंदु को...

मां राजराजेश्वरी के दरबार में पहुंचकर श्रद्धालुओं को असीम शांति का अनुभव होता है। इसका एक कारण तो यह है...

भगवान शंकर मृत्युलोक के देवता माने जाते हैं। हर जगह भगवान शंकर के अनेक मंदिर हैं। ऐसा ही एक मंदिर  ...