आस्था

अवश्यं यातारश्चिरमतरमुषित्वाऽपि विषया , वियोगे को भेदस्त्यजति न जनो यत्स्वयममून्। स्वयं त्यक्ता ह्योते शमसुखमनंत विदधति॥ भोग की कामना से पुण्य...

यज्ञात्वा प्राप्य विषयं चित्तवृत्तिविलीयते। तस्मिमंपरिश्रमं योगी करोति निरपेक्षक॥ चित्तवृत्तिर्यदा लीना तस्मिन् योगी भवेद् धु्रवम्। तदा विज्ञायतेऽखंडज्ञानरूपी निरंजनः॥ इस सहस्रदल पद्म...

अन्नपूर्णा जयंती भारतीय संस्कृति में मान्य मुख्य जयंतियों में से एक है। हिंदू धर्म में इस जयंती का विशेष महत्त्व...

केरल का सुप्रसिद्ध मन्नारसाला श्री नागराज मंदिर नागों के देवता नागराज को समर्पित है। दुनिया भर में सबसे ज्यादा पूजे...

शिरगुल महादेव व राजा गोगापीर ने माता भंगयाणी को अपनी धर्म बहन बनाकर शिरगुल महादेव अपने साथ ले आए तथा...

कुरुक्षेत्र से मात्र आठ किलोमीटर की दूरी पर स्थित गांव कमौदा में स्थित काम्यकेश्वर मंदिर में  शुक्ला सप्तमी को दान...

गणेशजी की मूर्ति किसी के द्वारा भी तैयार न करते हुए स्वयं भू रुप में प्रकट हुई है। पौराणिक कथाओं...

त्रेता युग में भगवान राम जी ने मर्यादाएं कीं और सत्य की प्रतिष्ठा की। प्यार, करूणाऔर सहनशीलता का प्रमाण दिया।...

श्रीमद्भगवद्गीता के सातवें अध्याय में भगवान कहते हैं :- दैवी ह्योशा गुणमयी म माया दुरत्यया। मामेव ये प्रपद्यन्ते मायामेतां तरन्ति...