आस्था

व्यापक चेतना की सत्ता तो सभी प्राणियों में समान रूप से विद्यमान है। मात्र शरीरधारी आकार ही चाहिए तो फिर भगवान की आकृति किसी भी प्राणी के रूप में हो सकती है पर यह परिकल्पना रास नहीं आती और मनुष्य शरीर का अभ्यास होने के कारण अधिक मनभावन प्रतीत होता है… ईश्वर चेतना निराकार है।

इस संसार में हमें मनुष्य शरीर मिला है, यदि हमने अपना जन्म पुत्र की चाहना में ही गंवा दिया, तो आत्म कल्याण कब करेंगे। हमारी आत्मा में तो परमात्मा की शक्ति है… भावना क्या है और क्या है इसकी महत्ता? एक छोटा सा दृष्टांत। एक संत अपने शिष्यों के साथ कहीं जा रहा था। मार्ग

तेज बुखार अपने आप में कोई बीमारी नहीं है, यह किसी छुपी हुई परिस्थिति का संकेत हो सकता है। आमतौर पर यह बुखार या तबीयत खराब का संकेत हो सकता है। हालांकि बुखार के कई गैर-संक्रामक कारण भी हो सकते हैं, लेकिन वायरल संक्रमण बुखार का एक सामान्य लक्षण हो सकता है… तेज बुखार अपने

कड़ाके की सर्दियों में यदि आपकी आंखों में जलन हो रही हो, चीजें धुंधली दिखाई दे रही हों या देखने में किसी अन्य तरह की दिक्कत आ रही हो तो इसे आंखों की सामान्य समस्या के तौर पर न लें। तेज सर्दियों में लोगों में ये परेशानियां तेजी से फैलती हैं, लेकिन सामान्य समस्या न

शायद ही कोई ऐसा इनसान होगा जो दूब को नहीं जानता होगा। हां यह अलग बात है कि हर क्षेत्रों में तथा भाषाओं में यह अलग अलग नामों से जाना जाता है।  इसके औषधीय गुणों के अनुसार दूब त्रिदोष को हरने वाली एक ऐसी औषधि है जो वात कफ  पित्त के समस्त विकारों को नष्ट

मांसपेशियों का ये खिंचाव हाथ, पैर, जोड़ों या पीठ में हो सकता है। इसके अलावा इससे घुटने, कंधे, कोहनी में सूजन या दर्द भी उठ सकता है। मांसपेशियों का दर्द कम और ज्यादा दोनों हो सकता है। लेकिन ये बात निश्चित है कि ऐसी स्थिति में दिक्कत तो होती ही है … कई बार ऐसा

आयुर्वेद में गाय के घी को अमृत समान बताया गया है।  अगर गाय के घी को नियमित रूप से अपने भोजन में शामिल किया जाए तो इससे वजन भी नियंत्रित रहता है और किसी भी प्रकार की बीमारी भी नहीं लगती। देशी घी का मतलब है गाय के दूध से बना शुद्ध घी, जो कि

हस्तरेखा में बिंदु का प्रभाव भी महत्वपूर्ण है। सफेद बिंदु हमेशा ही उन्नतिकारक माने गए हैं। लाल रंग के बिंदु बीमारियों के सूचक हैं और पीले रंग के बिंदु रक्त में कमी को दर्शाते हैं परंतु काले बिंदु या तिल लक्ष्मीदायक होते हैं। यदि हाथ बंद करने पर हथेली का तिल मुट्ठी में बंद रहता

कई हजार लोगों मे कुछ लोगों के ऐसे अनुभव भी रहे हैं कि किसी दिन उन्होंने महसूस किया कि वे अपने शरीर से बाहर थे और हल्के हो कर हवा में तैर रहे थे। वे अपना शरीर पड़ा हुआ देख रहे थे और वह सब कुछ भी खुली आंखों से देख रहे थे जो वहां