सत्ता का सेमीफाइनल ड्रा

पार्टी चिन्ह पर करवाए गए पंचायत-नगर निकाय चुनावों में भाजपा-कांग्रेस के बीच मुकाबला बराबरी पर छूटा है। नगर निकाय चुनाव में भाजपा कांगड़ा में पिटी, तो कांग्रेस को ऊना में मात मिली। ऐसे में वर्ष 2015 में पंचायत चुनाव इसी फार्मूले पर होने की…

कोटे ने बढ़ाई उम्मीदवारों की फौज

हिमाचल में वर्ष 2005 में हुए पंचायत चुनावों के मुकाबले में इस बार करीब नौ फीसदी अधिक प्रत्याशी मैदान में थे। प्रदेश की 3195 ग्राम पंचायतों में 27 हजार, 472 पांच विभिन्न पदों के लिए 74 हजार 360 ने दावेदारी पेश की थी। अधिक प्रत्याशियों के…

नगर निकायों में कांग्रेस 21

हिमाचल के 48 नगर निकायों में भाजपा का प्रदर्शन अपेक्षाकृत अच्छा नहीं रहा है। सत्तारूढ़ होने के बावजूद भाजपा करीब 47 फीसदी पदों पर जीत दर्ज कर सकी है। 53 फीसदी पदों पर कांग्रेस व आजाद उम्मीदवार जीतकर आए हैं। इनमें करीब सात फीसदी आजाद व…

बिजली-पानी दिलाएंगे ताज

ग्रामीण संसद के लिए चल रहे चुनाव में मतदाताओं का रुझान स्थानीय मुद्दों पर है। निचले हिमाचल में प्रत्याशी की छवि और सरकार के विकास पर बात चल रही है, वहीं अधिकांश जगहों पर राजनीतिक मुद्दे गौण हैं। वहीं शहरी निकाय चुनाव में कई बड़े मुद्दे हैं,…

शांता- बिंदल-बरागटा -कौल की परीक्षा

प्रदेश में 48 नगर निकायों में हो रहे चुनावों में विधायकों व भाजपा सरकार के मंत्रियों की साख दांव पर लगी हुई है। अपना-अपना जनाधार दिखाने को विधायक व मंत्री अपनी पूरी ताकत चुनाव-प्रचार में झोंक रहे हैं। जीत का सेहरा किसके माथे सजता है, इसका…

भाजपा के पास विकास

भारतीय जनता पार्टी के पास इस चुनाव में प्रदेश में तीन साल में हुए तीव्र विकास के आंकड़े हैं। प्रदेश की भारतीय जनता पार्टी सरकार का दावा है कि उसने प्रदेशवासियों से किए 95 फीसदी वादों को पूरा किया है। भाजपा नेता लोगों के पास जाकर सरकार…

सरकार की नाकामी मुद्दा

कांग्रेस के पास इस समय कई मुद्दे हैं। विपक्ष में रहने के चलते उसे सरकार की तीन साल की नाकामियों का सहारा है। स्थानीय निकाय चुनाव में कांग्रेस नेता सरकार के गलत फैसलों पर जनता पर पड़े प्रभाव का पूरा प्रचार कर रही है। धूमल सरकार के खिलाफ वह…

56 शहरों में महज 18 को योजना

हिमाचल के पर्यटन और बढ़ती आबादी को बसाने के लिए व्यवस्थित कहे जाने वाले शहरों के लिए नगर एवं ग्रामीण नियोजन विभाग के पास कोई प्लानिंग ही नहीं है। हैरानी यह कि 56 शहरों की फेहरिस्त में से 18 की ही प्लानिंग रिपोर्र्ट्स तैयार की जा सकी हैं।…

शिमला में जमीन सबसे महंगी

प्रदेश में शहरीकरण बढ़ने के साथ प्रापर्टी के दाम भी आसमान छूने लगे हैं। गत पांच वर्षों से जमीन व फ्लैट्स के दामों में दो से तीन गुना अधिक उछाल आया है। जिन शहरों में जमीन की अधिक कमी हो रही हैं, वहां प्रापर्टी के दाम भी उतनी ही तेजी से बढ़…

भाजपा-कांग्रेस पर भारी पड़े बागी

पहली दफा पार्टी चिन्ह पर चुनाव करवाने की राजनीतिक दलों की कोशिश उन पर भारी पड़ती नजर आ रही है। नगर परिषदों में अधिकांश जगहों पर कांग्रेस व भाजपा को अपनों से ही खतरा है। मंडी नगर परिषद की बात करें तो यहां सुखराम समर्थित व्यक्ति को पार्टी का…

शहर या कंकरीट के जंगल

हिमाचल के शहर तेजी से कंकरीट के जंगल में तबदील हो रहे हैं। शहरों के विस्तारीकरण को जगह की कमी खलने लगी है। राजधानी शिमला में ही विकास का ऐसा बदरंग रूप आया है, जो आधुनिक शहरों से हिमाचल को कोसों दूर होने का एहसास दिलाता है। प्रदेश में सबसे…

100 करोड़ का घाटा झेल रहे निकाय

यूं तो हिमाचल तेजी से हर क्षेत्र में तरक्की कर रहा है, लेकिन शहरी ढांचे की माली हालत के कारण नगर निकाय कंगाल हो रहे हैं। सभी नगर निकायों का घाटा जोड़ दिया जाएं, तो यह करीब 100 करोड़ रुपए बनता है। हिमाचल की एकमात्र हमीरपुर नगर परिषद को…

कितनी तरक्की, टीसीपी बेखबर

हिमाचल में 56 शहर चिन्हित किए जा चुके हैं। बावजूद इसके सबसे व्यवस्थित, कम व्यवस्थित शहर कौन से हैं, इसका उल्लेख टीसीपी समेत शहरी विकास विभाग के पास नहीं है। रैंकिंग की बात तो दूर रही। साठ के दशक में बना बिलासपुर चंडीगढ़ की तर्ज पर विकसित…

मनरेगा की हांडी में पंचायत चुनाव

हिमाचल में पंचायत चुनाव के लिए प्रचार अभियान चरम पर है। चुनावों में प्रत्याशी क्षेत्रीय मुद्दों के अलावा राज्य स्तर के मुद्दों को हवा देकर वाहवाही बटोर रहे हैं। इन चुनावों में राज्य सरकार के तीन वर्ष के कार्यकाल की खामियां व उपलब्धियां अहम…

योजना को 73096 लाख की ग्रांट

जिन ग्रामीणों के पास दो जून की रोटी का दूसरा कोई जरिया नहीं था,उनके लिए महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) प्राण वायु का काम कर रही है। ऐसे में स्वाभाविक है कि लोकतंत्र की प्रथम संवैधानिक इकाई पंचायतों के चुनाव में…