तपोवन आमजन की जरूरत

पिछले काफी अरसे से हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा व आसपास के जिलों की मांग रही है कि विधानसभा का एक सत्र इस क्षेत्र में बैठना चाहिए। इसी मांग को मद्देनजर रखकर धर्मशाला में विधानसभा भवन बनाया गया है। पूर्व मंत्री महेंद्र नाथ सोफत का कहना है कि जब…

सत्र चले, खर्च में कटौती हो

श्रीरेणुकाजी के पूर्व विधायक रूप सिंह का कहना है कि राज्य की आर्थिक हालत को देखते हुए राज्य में दूसरा विधानसभा भवन बनाने की जरूरत नहीं थी। मगर जनभावनाओं को देखते हुए अब जब तपोवन में विधानसभा भवन करोड़ों रुपए की लागत से बनाया गया है, तो…

तपोवन में सत्र फिजूलखर्ची

तपोवन धर्मशाला में विधानसभा भवन पूर्व उद्योग मंत्री विजय जोशी की नजरों में महज फिजूलखर्ची ही है। श्री जोशी ने कहा कि विधानसभा भवन से जनता को कोई लाभ नहीं मिलने वाला है। विधानसभा में आम आदमी केवल अपने-अपने विधायकों द्वारा उठाई गई आवाज व…

धर्मशाला में अब तक 21 बैठकें

विधानसभा का धर्मशाला में छठा सत्र हो रहा है। हिमाचल प्रदेश विधानसभा का शिमला से बाहर पहला सत्र दिसंबर 2005 में आयोजित हुआ था। डिग्री कालेज धर्मशाला के प्रयास भवन में पहले शीतकालीन सत्र में कुल चार बैठकों का आयोजन हुआ था। इससे अगले वर्ष 2006…

विस प्रेस गैलरी से धर्मशाला साफ

विस सत्र में धर्मशाला मितव्ययता के चल रहे चाबुक ने पत्रकारों की प्रस्तावित सुविधाएं भी छीन ली हैं। इसके चलते पहले की तरह राज्य स्तरीय पत्रकारों को शीतकालीन सत्र में सुविधाओं की कमी खलती रहेगी। शिमला से सत्र के लिए आने वाले पत्रकारों को न तो…

ख्वाब बना फिल्म सिटी

हिमाचल में फिल्म सिटी स्थापित करने के प्रयास पिछले 15 वर्षों से चल रहे हैं। मगर यथार्थ में सिरे नहीं चढ़ सके हैं। पहले सोलन जिला के कुनिहार में फिल्म सिटी स्थापित करने की घोषणाएं हुईं। उसके बाद मनाली, शिमला, डलहौजी और अन्य पर्यटन स्थलों में…

फिल्म उद्योग में हिमाचली

हिमाचल ने बालीवुड को कई चमकते सितारे दिए हैं। इनमें अनुपम खेर का नाता शिमला से रहा है। वह यहां के डीएवी स्कूल से पढ़े-लिखे हैं। गेयटी थियेटर में उन्होंने अपनी प्रतिभा को रंग-मंच के जरिए उकेरा है। प्रीटि जिंटा शिमला से ही संबंध रखती हैं।…

अब तो जाग जाओ

दिहिः हिमाचल के कितने करीब हैं अनुपम? अनुपम ः जहां मैं पला-बढ़ा हूं। शिक्षित हुआ हूं, वहां का एक-एक कण मेरे शरीर में रचा-बसा है, इससे ज्यादा क्या कहूं। दिहिः जिस शिखर पर आप हैं, वहां से हिमाचल कैसा नजर आता है? अनुपमः जहां भी हूं,…

मनाली ने दीं 70 फीसदी सुपर हिट

बालीवुड के निर्माता-निर्देशकों की   पहली पसंद बना भारत का मिनी स्विट्जरलैंड मनाली में अब तक दो दर्जन से अधिक फिल्मों का फिल्मांकन किया जा चुका है। इनमें कुछ अंतरराष्ट्रीय तो कुछ राष्ट्रीय फिल्में शामिल हैं। मिनी बालीवुड मनाली में फिल्माई…

हर फिल्म में चायल पैलेस

जिला में चायल, कसौली, सुबाथू, अर्की तथा बड़ोग शूटिंग स्थल हैं। सबसे अधिक फिल्में पर्यटन निगम के होटल चायल पैलेस में फिल्माई गई हैं। करीब तीन दशक पूर्व दाग फिल्म की शूटिंग से चायल पैलेस सुर्खियों में आया था। कुदरत व झुक गया आसमान फिल्मों की…

शूटिंग साइट्स

शूटिंग साइट्स शिमला शिमला में ऐतिहासिक रिज मैदान, मालरोड, नालदेहरा, क्रेगनेनो, छराबड़ा, कुफरी, वुडविला, शिमला ब्रिटिश रिजॉर्ट, एडवांस स्टडीज, पीटरहाफ, चेडविक फॉल, ग्लैन, वाइल्ड फ्लावर हॉल, चेल्सी, कुफरी हाइट्स, हाटू पीक, चांशल, चायल…

फिल्म उद्योग के लिए दिक्कतें

हिमाचल में फिल्मोद्योग के लिए वैसे तो कोई दिक्कतें नहीं हैं, मगर  फिल्म सिटी की स्थापना आवश्यक मानी जाती है, क्योंकि प्रदेश में बालीवुड से भी फिल्म यूनिट्स आती हैं, वे अपने साथ पूरा साजो-सामान लेकर पहुंचती हैं। अगर यह सामान यहां मिल जाए, तो…

शूटिंग शुल्क

शूटिंग के लिए शिमला में फिल्म यूनिट्स को नगर निगम शिमला से अनुमति लेनी होती है, प्रतिबंधित व वर्जित क्षेत्रों में वाहन प्रवेश के लिए जिला प्रशासन के साथ-साथ राज्य के गृह विभाग से भी अनुमति आवश्यक रहती है। नगर निगम शिमला, मालरोड, रिज मैदान…

शहर हिमाचली नाम विदेशी

हिमाचल की सैरगाहें यूरोपीय मुल्कों के कई शहरों से मेल खाती हैं। इसी का फायदा उठाकर बालीवुड की कई फिल्मों की शूटिंग मनाली, शिमला, डलहौजी व मकलोडगंज समेत प्रदेश के कई इलाकों में की जाती रही हैं। हैरानी तब होती है, जब ऐसी ही कई फिल्मों में…

‘इनसान’ ने दी मंडी को पहचान

मंडी जिला को बार्डर फिल्म बडे़ पर्दे पर लाई। ‘खुशबू’ से भी छोटी काशी की महक आई, लेकिन इससे भी पहले ‘इनसान’ फिल्म ने मंडी को पहचान दिलाई। मंडी जिला को बालीवुड में पहचान दिलाने वाली फिल्म बार्डर है जो बाक्स ऑफिस पर ही हिट ही नहीं हुई, बल्कि…