साहनी अकादमी की ऑफर को भुनाएंगे

मुख्यमंत्री प्रो. प्रेम कुमार धूमल का कहना है कि राज्य सरकार कला व कलाकार दोनों के विकास के लिए कृत संकल्प है। गेयटी थियेटर को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित करना इसी कड़ी में एक बड़ा कदम है। हाल ही में बलराज साहनी अकादमी द्वारा जो पेशकश की गई…

अप्रासंगिक हिमाचली पत्रिकाएं

प्राकृतिक नजारों से ओतप्रोत पहाड़ी प्रदेश का हर कोना लेखकों के लिए वरदान है। यही कारण है कि यहां एक से बढ़कर एक सृजनकर्ता मौजूद है, लेकिन नहीं है उनके सृजन को स्थान और पहचान। प्रदेश सरकार के भाषा-संस्कृति विभाग से लेकर तीनों विश्वविद्यालय…

पांच पत्रिकाओं की 3750 प्रतियां

भाषा विभाग के तहत छपने वाली पत्रिकाएं जिसमें विपाशा की 1500 प्रतियां छपती हैं। एक प्रति 15 रुपए की है। फिक्रोफन की 500 प्रतियां छपती हैं जो आठ रुपए की है। सोमसी की सामान्य अंक 300 प्रतियां और विशेष अंक 500  एक प्रति की कीमत आठ रुपए है।…

कविता, कहानियां और नजमें

विपाशा हिंदी साहित्य पर आधारित पत्रिका है, जो वर्ष में दो मर्तबा प्रकाशित होती है। इस वर्ष विपाशा को 25 वर्ष पूरे हो जाएंगे। विपाशा में कविता, कहानी एवं आलोचनात्मक तथ्यों पर प्रकाश डाला जाता है। फिक्रोफन एक उर्दू पत्रिका है, जिसमें नजमें,…

नगर निगम की ‘धरोहर’

नगर निगम शिमला ने भी अपने अस्तित्व में आने के बाद पहली दफा ‘धरोहर’ पत्रिका प्रकाशित की है। पत्रिका में निगम ने अपने इतिहास से लेकर आज तक की रूपरेखा को प्रकाशित किया है, जिसमें निगम का संपादन निगम की महापौर तथा निगम के सभी प्रशासनिक…

पर्यटकों के लिए मार्गदर्शिकाएं

हिमाचल प्रदेश पर्यटन विभाग हर तीन महीने के बाद मोनाल मैगजीन का प्रकाशन करवाता है। यह प्रदेश के रमणीक स्थलों पर आधारित रहती है, जिसमें प्रमुख पर्यटन स्थलों व हिमाचल के बारे में रोचक जानकारी जुटाई जाती है। कुछ अरसा पहले ही पर्यटन विभाग ने हर…

सरकार ढो रही अकादमी का बोझ

भाषा अकादमी एवं विभाग के तहत छपने वाली पत्रिकाओं का कुल खर्चा करीब पांच-साढ़े पांच लाख तक रहता है। अकादमी की पत्रिकाओं में सोमसी का करीब 80 हजार, हिमभारती का करीब 60 हजार, श्यामला का करीब 60 हजार खर्चा रहता है। भाषा विभाग से निकलने वाली…

पूल में 60 लेखकों की कुंडली

भाषा अकादमी एवं विभाग के तहत प्रकाशित पत्रिकाओं में करीब 60 से अधिक लेखक छपते हैं, जिसमें से मुख्यतः डा. सारस्वत, डा. पे्रम पखरोलवी, डा. मोलू राम ठाकुर, डा. श्रीनिवास कांत, बद्री सिंह भाटिया, प्रत्यूष गुलेरी, गौतम व्यथित, सरोज परमार, मधुकर…

जो योग्य है, वही छपेगा

दिहिः विभिन्न सरकारी विभागों से प्रकाशित होने वाली पत्रिकाओं और स्मारिकाओं का प्रदेश के लिए क्या योगदान है? प्रेम शर्माः विभागों में प्रकाशित मैगजीन एवं स्मारिकाओं का विभाग व अकादमी कोई ब्यौरा नहीं रखती है। यह जरूर है कि अकादमी एवं विभाग…

भाषा अकादमी

प्रदेश भाषा विभाग एवं अकादमी से पांच प्रमुख पत्रिकाएं प्रकाशित होती हैं, जिसमें से भाषा विभाग से विपाशा और फिक्रोेफन प्रकाशित किए जाते हैं और भाषा अकादमी से सोमसी, हिमभारती और श्यामला प्रकाशित होती है। विपाशा के संपादक डा. तुलसी रमण हैं।…

स्वास्थ्य विभाग

प्रदेश स्वास्थ्य विभाग वर्ष में एक मर्तबा ‘हैल्थ एट ग्लांस’ नामक पत्रिका छापता है। इसकी करीब दो हजार प्रतियां छपती हैं। प्रति पत्रिका की कीमत 20 से 30 रुपए होती है। इसे विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों के संबंधित अधिकारियों को दिया जाता है।…

शिक्षा महकमा

राज्य सरकार का सबसे बड़े शिक्षा महकमा बच्चों के मनोरंजन व उनके बौद्धिक स्तर को बढ़ाने के लिए अक्कड़-बक्कड़ पत्रिका निकालता है। इसका प्रकाशन सर्वशिक्षा अभियान के अंतर्गत किया जाता है। अक्कड़-बक्कड़ पत्रिका पांचवीं कक्षा से आठवीं कक्षा के…

कृषि विश्वविद्यालय

हिमाचल प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर द्वारा प्रदेश के किसानों और पशुपालकों के लिए विभिन्न प्रकार की पत्रिकाओं का प्रकाशन किया जाता है। इन पत्रिकाओं में ‘पर्वतीय खेतीबाड़ी’ त्रैमासिक है, जिसके लिए प्रदेश के किसान इंतजार करते हैं। इसकी 23…

नौणी विश्वविद्यालय

डा. वाईएस परमार विश्वविद्यालय नौणी में दो मैगजीन छमाही तथा चार मैगजीन विभिन्न अंतराल पर प्रकाशित होती हैं। विश्वविद्यालय की कुछ पत्रिकाएं ऐसी भी हैं, जिन्हें समय-समय पर किसानों की मांग के अनुरूप प्रकाशित किया जाता है। ‘औद्यानिकी एवं वानिकी’…

हिमाचल में ब्रांड की डिमांड

उपभोक्ता बाजार में ऊंचा उछाल 1. प्रदेश के 56 शहरों में ब्रांडेड शो रूम्ज 2. आभूषण बाजार सालाना तीन अरब के करीब 3. हिमाचल की टेली डेंसिटी 60 4. प्रदेश के 60 फीसदी लोगों के पास मोबाइल 5. प्रति व्यक्ति आय पहुंची 49211 रुपए…