पाठकों के पत्र

( भूपेंद्र ठाकुर, गुम्मा, मंडी ) नोटबंदी के दौरान कालेधन कुबेरों ने अपने धन को ठिकाने लगाने के लिए बहुत से पैंतरे अपनाए। आमतौर पर देखने व सुनने में आया है कि निजी एवं गैर सरकारी क्षेत्र जिसमें, व्यापारी, होटलियर्ज, उद्योगपति, ठेकेदार, निजी शिक्षण एवं व्यावसायिक संस्थान, हवाला कारोबारी, शेयरधारक, सरार्फा कारोबारी, बैंकिंग व गैर

( वर्षा शर्मा, पालमपुर, कांगड़ा  ) जिस तरह से अर्द्धसैनिक बलों के जवानों और बाद में सेना के एक जवान द्वारा वीडियो जारी करके उत्पीड़न का आरोप लगाए, उनमें यदि लेछमात्र भी सच्चाई हुई, तो इसे बेहद दुर्भाग्यपूर्ण माना जाएगा। हालांकि सच्चाई मामले की जांच के बाद अंतिम रपट से ही सामने आ पाएगी, लेकिन

( डा. सत्येंद्र शर्मा, चिंबलहार, पालमपुर ) टूट गए फिर जुड़ गए, बिखर गए फिर आप, शीशा बिखरा चौक पर, संभव नहीं मिलाप। चारा बाबू, आजमी, सुलह कराते रोज, द्वंद्व युद्ध नित-नित नया, नित पंगों की खोज। नेता चीखे चौक पर कैसा वाद-विवाद, बबुआ श्रवण सपूत है, सदा रहे यह याद। बेटा देता पटकनी, घायल

( डा. शिल्पा जैन, तेलंगाना (ई-पेपर के मार्फत) ) प्रदूषण किस स्तर पर पहुंच गया है इसका अंदाजा तब लगाया जा सकता है, जब दिल्ली में स्कूल जाते नौनिहाल मास्क लगाए दिखाई देते हैं। देश की राजधानी की दुर्दशा किसी से छिपी नहीं। आज यह समस्या पूरे देश की समस्या बन गई है। बढ़ता प्रदूषण,

( सूबेदार मेजर (से.नि.) केसी शर्मा, गगल ) राजनीति में कुछ भी स्थायी नहीं है। सत्ता के इस खेल में कई बार खून के रिश्ते भी टूट कर बिखर जाते हैं। उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव सिर पर हैं और समाजवादी पार्टी टूट कर दोफाड़ हो चुकी है। बाप-बेटा दोनों यह साबित करने पर तुले

( सुनीता पटियाल, हमीरपुर ) जब-जब भारत में आतंक ने पैर जमाने की कोशिश की, तब-तब हमारे जांबाज जवानों ने अपने पराक्रम और शूरवीरता का परिचय देकर दुश्मन को मिट्टी में मिलाया। हमारे वीर सिपाही तो तूफानों में भी दीया जलाने की हिम्मत रखते हैं, लेकिन अगर सरहद पर लड़ने वाला जवान ही भूखा हो

( डा. सत्येंद्र शर्मा, चिंबलहार, पालमपुर ) घिसी-पिटी है साइकिल, खींचातानी छोड़, हड्डी पहले घिस चुकी, पसली देगा तोड़, बीच भंवर में फंस गई, साइकिल पर बढ़ती रार, कब से पंक्चर है पड़ी, होगा कौन सवार, एक-एक पहिया बंटे, चले एक से काम, सर्कस सा मजमा लगा, बंटेंगे वोट तमाम, संकटमोचन कौन होगा, नोचन हैं

( डा. राजन मल्होत्रा, पालमपुर ) दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा है कि अगर आम आदमी पार्टी पंजाब में सत्तारूढ़ हुई, तो अरविंद केजरीवाल उसके अगले मुख्यमंत्री होंगे। हालांकि उनके इस विश्वास की पता नहीं क्या वजह रही होगी, पर शायद मनीष सिसोदिया यह नहीं जानते कि पार्टी की जीत पर भी अरविंद

( वर्षा शर्मा, पालमपुर, कांगड़ा ) हिमाचल में बर्फबारी के पांचवें दन भी अगर जनजीवन पूरी तरह से सामान्य नहीं हो पाया है, तो इस बात की पड़ताल बेहद आवश्यक हो जाती है कि आखिर चूक कहां पर हुई। इन नाकामियों के बीच यदि मुख्यमंत्री प्रशासन को लताड़ते हैं, तो कोइर् हैरानी नहीं होनी चाहिए।