विचार

‘दिव्य हिमाचल’ फुटबाल लीग को लेकर प्रदेशभर के युवाओं में खासा जोश है। मीडिया गु्रप की अनूठी पहल से जहां युवाओं को विश्व के नंबर वन खेल में अपनी पहचान बनाने का मौका मिलेगा, वहीं खेल से उनके अंदर छिपी प्रतिभा भी बाहर आएगी। ‘दिव्य हिमाचल’ की टीम ने जब इस बारे में फुटबाल खिलाडि़यों

चलो चलें फुटबाल हो जाए। पैरों से खेले जाने वाले दुनिया के शायद एकमात्र खेल फुटबाल के दीवाने एक ढूंढो तो सौ मिलते हैं। ‘दिव्य हिमाचल’ ने अपने मेगा इवेंट ‘दिव्य हिमाचल फुटबाल लीग’ के जरिए युवाओं में ऐसा जोश जगाया कि पुराने खिलाडि़यों को जहां आक्सीजन मिली, वहीं नए खिलाड़ी नव उत्साह के साथ

पहली सितंबर, 1972 को अस्तित्व में आए जिला का सोलन शहर दिन दोगुनी रात चौगुनी तरक्की कर रहा है। शहर ने हर क्षेत्र में सफलता के लंबे डग भरे हैं। शहर के विकास की कहानी दखल के जरिए बता रहे हैं सोलन के ब्यूरो चीफ मुकेश कुमार… बीते 20 वर्षों में सोलन शहर एक मामूली

‘दिव्य हिमाचल’ फुटबाल लीग को लेकर प्रदेशभर के युवाओं में खासा जोश है। मीडिया गु्रप की अनूठी पहल से जहां युवाओं को विश्व के नंबर वन खेल में अपनी पहचान बनाने का मौका मिलेगा, वहीं खेल से उनके अंदर छिपी प्रतिभा भी बाहर आएगी। ‘दिव्य हिमाचल’ की टीम ने जब इस बारे में फुटबाल खिलाडि़यों

डा. कुलदीप चंद अग्निहोत्री डा. कुलदीप चंद अग्निहोत्री लेखक, वरिष्ठ स्तंभकार हैं श्रीनगर और अनंतनाग के संसदीय क्षेत्रों से उपचुनावों की घोषणा हो गई है। यदि नेशनल कान्फ्रेंस और अब्दुल्ला परिवार को अपनी खोई हुई साख फिर से प्राप्त करनी है, तो  श्रीनगर की लोकसभा सीट जीतना बहुत जरूरी है। फारुक अब्दुल्ला भलीभांति यह जानते

आईटीआई मैदान में इंटरनेशनल प्लेयर्ज को मात देते नजर आ रहे यंग फुटबालर ‘दिव्य हिमाचल’ फुटबाल लीग की घोषणा से कांगड़ा घाटी में सॉकर फीवर  सायं चार से सात बजे शाहपुर आईटीआई मैदान का नजारा इंग्लिश या स्पेन फुटबाल प्रीमियर की याद दिला रहा है। रोजाना तीन घंटे पसीना बहाते यंग फुटबालररोनाल्डो और मैसी जैसे

चलो चलें फुटबाल हो जाए। पैरों से खेले जाने वाले दुनिया के शायद एकमात्र खेल फुटबाल के दीवाने एक ढूंढो तो सौ मिलते हैं। ‘दिव्य हिमाचल’ ने अपने मेगा इवेंट ‘दिव्य हिमाचल फुटबाल लीग’ के जरिए युवाओं में ऐसा जोश जगाया कि पुराने खिलाडि़यों को जहां आक्सीजन मिली, वहीं नए खिलाड़ी नव उत्साह के साथ

हिमाचल फोरम ‘दिव्य हिमाचल’ फुटबाल लीग को लेकर प्रदेशभर के युवाओं में खासा जोश है। मीडिया गु्रप की अनूठी पहल से जहां युवाओं को विश्व के नंबर वन खेल में अपनी पहचान बनाने का मौका मिलेगा, वहीं खेल से उनके अंदर छिपी प्रतिभा भी बाहर आएगी। ‘दिव्य हिमाचल’ की टीम ने जब इस बारे में

अमृत महाजन लेखक, नूरपुर, कांगड़ा से हैं किसी अभियान का ऐलान करना एक बात है और उसे अंजाम तक पहुंचाना दूसरी बात। यह एक वास्तविकता है कि भारत में लोग तब तक अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाते, जब तक उन्हें कानून का डर न हो। इसीलिए बहुत से लोगों पर आज भी साफ-सफाई के संस्कार ढूंढे