विचार

आज दुनिया में शायद ही ऐसा कोई व्यक्ति हो जिसमें मोह, माया, लोभ, लालच न हो। आज बहुत से लोग ऐसे भी हैं जो कुछ दिन की पूजा करके, व्रत रखकर, धार्मिक स्थानों की यात्रा कर ही यह लालसा रखते हैं कि परमात्मा हमसे जल्दी प्रसन्न हों और हमारी सांसारिक सुखों की सभी मनोकामनाएं पूरी

अपनी सियासी पूंजी बढ़ाने के जोश में भी कई बार नेता अपनी सीमाओं का उल्लंघन कर देते हैं और इस तरह का एक वाकया हिमाचल विधानसभा के उपाध्यक्ष डा. हंस राज के साथ जुड़ रहा है। हम यह नहीं कह सकते कि विधायक ने अपनी पाठशाला क्यों सजाई, लेकिन शिक्षा संस्थानों के आदर्श किसी राजनीतिक

अंततः भारत सरकार को देश की जनता के दर्द और गुस्से के सामने झुकना ही पड़ा। यही लोकतंत्र की ताकत है। पेट्रोल 9.5 रुपए और डीजल 7 रुपए प्रति लीटर सस्ते किए गए हैं। सरकार ने पेट्रोल पर 8 रुपए और डीजल पर 6 रुपए प्रति लीटर उत्पाद शुल्क कम किया है। नवंबर, 2021 में

चिर आनंद मो.-8219296348 साहित्य की निगाह और पनाह में परिवेश की व्याख्या सदा हुई, फिर भी लेखन की उर्वरता को किसी भूखंड तक सीमित नहीं किया जा सकता। पर्वतीय राज्य हिमाचल की लेखन परंपराओं ने ऐसे संदर्भ पुष्ट किए हैं, जहां चंद्रधर शर्मा गुलेरी, यशपाल, निर्मल वर्मा या रस्किन बांड सरीखे साहित्यकारों ने साहित्य के

कई दफा लोग साक्षर होने के दावा करते हैं, मगर बात करने के ढंग से वे अक्सर अपना वास्तविक परिचय दे दिया करते हैं, जिससे ऐसी शिक्षा का औचित्य नहीं है… मैं एक कॉलेज में बैठा चाय पी रहा था। तभी कुछ युवा फटे कपड़े पहनकर आए। मैंने सोचा कुछ पैसे देकर सहायता करता हू,

पिछले कुछ दिनों से राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जो घटनाएं हो रही हैं उनमें मुख्यत: श्रीलंका की आर्थिक व्यवस्था के डावांडोल होने पर राजनीतिक उथल-पुथल में राष्ट्रपति द्वारा सभी दलों के नेताओं को कैबिनेट में शामिल करके प्रधानमंत्री बदलने का निर्णय भी राजनीतिक तथा आर्थिक अस्थिरता पर लगाम नहीं लगा पाया है। हमारे दूसरे

हिमाचल प्रदेश चुनाव प्रचार समिति के अध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने हमीरपुर दुर्ग की नाकेबंदी शुरू करते हुए, भाजपा को सुरक्षा कवच पहनाने का बिगुल फूंका है। राष्ट्रीय स्तर पर पार्टी के असमंजस से कहीं अलग हिमाचल कांग्रेस यह साबित करने में उतरी रही है कि प्रदेश की सियासी जरूरतें उसके अस्तित्व से जुड़ती हैं।

आर्थिक असमानताएं और विषमताएं आज भी हमारे देश में हैं। अमीरी-गरीबी की कहानियां बचपन से सुनते आए हैं। अब वयस्क होने के बाद आंखों से ये फासले देख रहे हैं। भारत सरकार के कार्यकारी निदेशक स्तर के अधिकारी का आकलन है कि भारत में गरीबी-रेखा के नीचे मात्र एक फीसदी आबादी है। देश में गरीबी

सितंबर 2019 में उत्तरकाशी पहुंचे तत्कालीन थल सेना प्रमुख स्व. जनरल विपिन रावत ने भी गंगोत्री के पर्यावरण के प्रति चिंता जाहिर की थी। उनका संकेत था कि पहाड़ों में मजबूत सड़क की आवश्यकता है, लेकिन बड़े स्तर पर पर्यावरण विनाश न हो। उन्होंने गंगोत्री हाईवे की मौजूदा स्थिति को उपयुक्त माना था। वर्ष 1962-65