वैचारिक लेख

राजीव गांधी के हत्यारे एजी पेरारिवालन को सर्वोच्च न्यायालय ने रिहा कर दिया। इस पर तमिलनाडु में खुशियां मनाई जा रही हैं। उस हत्यारे और उसकी मां के साथ मुख्यमंत्री एमके स्टालिन गले मिल रहे हैं। हत्यारे की कलम से लिखा गया एक लेख दिल्ली के एक अंग्रेजी अखबार ने छापा है, जिसमें उसने उन

कोई पूछ सकता है कि आज तो मीडिया मिशन न रह कर व्यवसाय बन गया है, इसलिए क्या नारद इसमें अप्रासंगिक नहीं हो गए? शायद नहीं, क्योंकि यदि मीडिया व्यवसाय भी है तब उसके भी तो कुछ मानक व आदर्श होने ही चाहिए। नारद से उस स्थिति और दशा में भी प्रेरणा ली जा सकती

प्रतिभा खोज के बाद पढ़ाई के साथ-साथ प्रशिक्षण के लिए अच्छी खेल सुविधाएं मुहैया कराई जानी चाहिए। इसके लिए राष्ट्रीय क्रीड़ा संस्थान की तर्ज़ पर अपना राज्य क्रीड़ा संस्थान हो। वहां पर हिमाचल प्रदेश के खिलाडि़यों को वैज्ञानिक आधार पर लंबी अवधि के प्रशिक्षण शिविर लगें तथा प्रदेश के शारीरिक शिक्षकों तथा पूर्व राष्ट्रीय व

देश के राजनेताओं में कीचड़ उछालो का गंदा खेल जारी है और राजनीति मूल्यहीन हो गई है। एक कहता है तू माल खा गया, दूसरा कहता है कि तू मुझसे ज्यादा खा गया। बस लड़ाई खाने की चल रही है। सारे देश को खा जायें तो भी इनका पेट नहीं भरे। चरित्रहीनता, ढ़कोसला और हाथी

मान लीजिए कि आप बंगाल के रहने वाले हैं और नौकरी, व्यवसाय या रिश्तेदारी की वजह से आप पंजाब में आकर बस गए हैं तो आपके लिए पंजाब का स्थानीय खाना ज्यादा मुफीद है क्योंकि यह पंजाब की जलवायु के अनुरूप है। इसी तरह अगर कोई पंजाबी बंगाल में जा बसे तो उसे अपने मैन्यु

हिमाचल प्रदेश सरकार प्रशासनिक अधिकारियों को हिदायत जारी करे कि वे बाजारों का औचक निरीक्षण करके महंगाई बढ़ाने वालों पर कड़ी कार्रवाई करें… रूस और यूक्रेन युद्ध के चलते महंगाई अब सातवें आसमान पर पहुंच चुकी है। अप्रैल माह में भारत की खुदरा महंगाई दर 7.79 पहुंच गई है। बैंकों ने अपनी ब्याज दरें बढ़ा

जिन्हें तुक भिड़ाना नहीं आया, वह कविता के अतुकान्त हो गए, लेकिन जो राजनीति में अतुकान्त होते हैं, वे महामारी का तुक भुखमरी से भिड़ता हुआ नहीं देख पाते। जबकि महामारी ने मारा, तभी तो लोग भूख से मरे। महाप्रभु कहेंगे, भई कैसी दूर की हांकते हो, महामारी से लोग पंजाब में मर रहे हैं

ये ढांचागत चुनौतियां — स्थानीय स्वायत्तता, और केंद्र में शक्तियों के बंटवारे की आवश्यकता — विभाजन से पहले ही स्पष्ट थीं। 1937 में जब अंग्रेजों ने पहली बार भारतीयों को स्वयं प्रांतीय सरकारें बनाने की अनुमति दी, सांप्रदायिक एकता चकनाचूर हो गई थी। जवाहर लाल नेहरू के नेतृत्व में चुनावों में कांग्रेस को बड़ी जीत

प्राध्यापकों के आक्रोश तथा नाराज़गी को अविलंब दूर किया जाना ज़रूरी है। अब आवश्यकता शिक्षा क्षेत्र में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को लागू कर व्यवहार में लाकर इसे सफल बनाने की है… हिमाचल प्रदेश में सरकार के अधीनस्थ कार्य कर रहे सभी कर्मचारियों को सातवें वेतन आयोग के सभी वित्तीय लाभ मिल चुके हैं, लेकिन प्रदेश