पंजाब

चंडीगढ़ : टाटा स्टील ने लुधियाना में पहले पड़ाव में 2600 करोड़ रुपए के निवेश के साथ स्कै्रप आधारित अपना स्टील प्लांट स्थापित करने के लिए काम शुरू कर दिया है। मंगलवार को टाटा गु्रप के प्रतिनिधियों के साथ मीटिंग के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि यह तो सिर्फ शुरुआत है और वह दिन दूर

दिव्य हिमाचल ब्यूरो — चंडीगढ़ पंजाब में भी एक दिल्ली के कंझावला जैसा ही सनसनीखेज मामला सामने आया है। कपूरथला के डीसी चौक में नाके पर खड़े एएसआई को छोटा हाथी (यूपी-11 सीटी-1171) चालक आधा किलोमीटर तक घसीटता हुआ ले गया, जिससे उनकी मौत हो गई। दरअसल डीसी चौक पर ट्रैफिक पुलिस कर्मियों ने नाकाबंदी

चंडीगढ़ : पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मंगलवार को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का दौरा किया और राज्य को देश भर में निवेश के लिए सबसे पसंदीदा स्थान के तौर पर दर्शाया। मुख्यमंत्री ने मगंलवार को बीएसई में घंटी बजाने (मार्केट खुलने का संकेत) की रस्म अदा करने के बाद पत्रकारों के साथ बातचीत

चंडीगढ़। राज्यसभा सांसद एवं आम आदमी पार्टी के नेता राघव चड्ढा बुधवार को लंदन में प्रतिष्ठित इंडिया यूके अचीवर्स ऑनर्स में ‘आउटस्टैंडिंग अचीवर’ सम्मान प्राप्त करेंगे। राघव चड्ढा को ‘सरकार और राजनीति’...

चंडीगढ़। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को जान से मारने की धमकी मिली है। यह धमकी सिख फॉर जस्टिस के आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू की ओर दी गई है। पन्नू ने सीएम मान को धमकी देते हुए कहा कि अगर वे...

चंडीगढ़। हरियाणा खेल विभाग की एक महिला कोच की ओर से पूर्व खेल मंत्री पर लगाए गए उत्पीडऩ के मामले को लेकर पीडि़त कोच के पिता और हरियाणा की 4 खापों के अध्यक्ष आज चंडीगढ़ पहुंचे। उन्होंने चंडीगढ़ के डीजीपी से इस मामले में खेल मंत्री के खिलाफ कार्रवाई को लेकर मुलाकात की। डीजीपी से...

चंडीगढ़ बसंत पंचमी के त्योहार के मौके पर लोगों की तरफ से ज्यादा पतंग उड़ाने का गंभीर नोटिस लेते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली राज्य सरकार की तरफ से सिंथेटिक...

चंडीगढ़ : पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सोमवार को अपने मोबाइल दौरे के दौरान वहां की उद्योग जगत की प्रमुख हस्तियों का हार्दिक स्वागत किया और उनको औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए राज्य में निवेश करने का न्योता दिया। मुख्यमंत्री ने अपने मुंबई दौरे के दौरान गोदरेज, हिंदुस्तान यूनीलिवर, मफ्तलाल गु्रप, महिंद्रा

मोहाली : अपनी हिमाचल परंपरा को जिंदा रखने और विरासत को बचाते हुए अपने बच्चों को अपनी संस्कृति से अवगत करवाने के लिए ही ऐसे मंच का निर्माण किया गया है और मंच के सभी पदाधिकारी एवं सदस्य पिछले सात सालों से लगातार मंच एवं हिमाचली भाइयों के कल्याण के लिए कार्य कर रहे हैं।