डा. कुलदीप चंद अग्रिहोत्री

इसी अनुच्छेद के कारण चीन अपने आप को भी जम्मू-कश्मीर के विवाद में एक पार्टी मानने लगा था। यदि उस समय सरकार यह अनुच्छेद समाप्त कर देती और पाकिस्तान के कब्जे से गिलगित और बलतीस्तान छुड़ा  लेती तो चीन को ग्वादर तक पहुंचने के लिए रास्ता न मिलता और उसका कराकोरम राजमार्ग का सपना पूरा न हो पाता। कराकोरम के सपने के कारण ही वह इस क्षेत्र में स्वयं को पार्टी बनाने और मनवाने का प्रयास कर रहा है। आशा करनी चाहिए कि चीन और पाकिस्तान की इस भारत विरोधी महत्त्वाकांक्षा के आगे डा. श्यामाप्रसाद मुखर्जी का यह बलिदान चट्टान बनकर खड़ा रहेगा...

डा. कुलदीप चंद अग्निहोत्री वरिष्ठ स्तंभकार चीन का कहना है कि अब भारत-चीन अपनी सीमा का निर्धारण आपसी बातचीत से...

डा. कुलदीप चंद अग्निहोत्री वरिष्ठ स्तंभकार वादी-प्रतिवादी दोनों ही मुंह खोले वकील व जज की ओर आंखें फाड़ कर देखते...

डा. कुलदीप चंद अग्निहोत्री वरिष्ठ स्तंभकार पिछले कुछ सालों से पाकिस्तान अपने देश के मुसलमानों को लाकर गिलगित-बलतीस्तान में बसा...

डा. कुलदीप चंद अग्निहोत्री वरिष्ठ स्तंभकार तब नेहरू को लोकसभा का सामना करना मुश्किल हो गया था। कांग्रेस के भीतर...

डा. कुलदीप चंद अग्निहोत्री वरिष्ठ स्तंभकार इस एसटीएम को यह बहम था कि हिंदुस्तान में अंग्रेजों के आने से पहले...

डा. कुलदीप चंद अग्निहोत्री वरिष्ठ स्तंभकार मामला साफ था कि बच्चे की जान आतंकियों ने अपनी जान बचाने के चक्कर...

डा. कुलदीप चंद अग्निहोत्री वरिष्ठ स्तंभकार यदि किसी तरह लोगों का ध्यान तबलीगी जमात की ओर से हटा कर किसी...

डा. कुलदीप चंद अग्निहोत्री वरिष्ठ स्तंभकार यदि गुज्जर समाज के बच्चे भी पढ़ने लगे तो एसटीएम की उपयोगिता समाप्त हो...