उपचुनाव नतीजों के अर्थ

डा. कुलदीप चंद अग्निहोत्री डा. कुलदीप चंद अग्निहोत्री लेखक, वरिष्ठ स्तंभकार हैं पश्चिम बंगाल में और सभी दल घुस सकते हैं, लेकिन भाजपा के लिए बंगाल में घुसना आसान नहीं है। यहां तक कि जनसंघ के संस्थापक डा. श्यामाप्रसाद मुखर्जी के वक्त भी…

केजरीवाल की गरीबी रेखा

डा. कुलदीप चंद अग्निहोत्री  लेखक, वरिष्ठ स्तंभकार हैं जेठमलानी की नजर में मुकदमा लेते समय तो केजरीवाल अमीर थे और फीस देते समय अचानक गरीब हो गए हैं। इसलिए अब वह उनका मुकदमा मुफ्त लड़ेंगे। जेठमलानी की पारखी नजर को मानना पड़ेगा। सारे देश में…

तुष्टिकरण का राजनीतिक कुरोग

डा. कुलदीप चंद अग्निहोत्री लेखक, वरिष्ठ स्तंभकार हैं बहुत साल पहले, मध्य प्रदेश में कांग्रेस की सरकार थी और देश में से अंग्रेजों को गए और पाकिस्तान के बने हुए अभी ज्यादा समय नहीं हुआ था। तब मध्य प्रदेश सरकार ने स्कूलों में पहली कक्षा में…

बेचैनी में अब्दुल्ला परिवार

डा. कुलदीप चंद अग्निहोत्री डा. कुलदीप चंद अग्निहोत्री लेखक, वरिष्ठ स्तंभकार हैं श्रीनगर और अनंतनाग के संसदीय क्षेत्रों से उपचुनावों की घोषणा हो गई है। यदि नेशनल कान्फ्रेंस और अब्दुल्ला परिवार को अपनी खोई हुई साख फिर से प्राप्त करनी है, तो…

मणिपुर में नई पटकथा

डा. कुलदीप चंद अग्निहोत्री (लेखक, वरिष्ठ स्तंभकार हैं ) भाजपा को साठ सदस्यीय विधान सभा में 21 और कांग्रेस को 28 सीटें प्राप्त हुईं। कांग्रेस के प्रति जन आक्रोश कितना ज्यादा था, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि कांग्रेस को इकतीस का…

शेख की सोच का घातक सच

डा. कुलदीप चंद अग्निहोत्री ( डा. कुलदीप चंद अग्निहोत्री लेखक, वरिष्ठ स्तंभकार हैं ) सरदार पटेल की भी 1950 में ही मृत्यु हो गई थी, अन्यथा वह नेहरू को इस भारतघाती रास्ते पर आगे बढ़ने से रोक सकते थे। समय पाकर शेख मोहम्मद अब्दुल्ला ने भी…

असहिष्णुता की वर्ग मंडली

डा. कुलदीप चंद अग्निहोत्री (लेखक, वरिष्ठ स्तंभकार हैं) परशुराम की धरती केरल में पिछले अनेक सालों से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ता साम्यवादी हिंसा के शिकार हो रहे हैं। यह असहिष्णुता केरल की धरती पर देखी जा रही है, जहां से कभी आदि…

सेना के खिलाफ राजनीतिक आतंकवाद

डा. कुलदीप चंद अग्निहोत्री लेखक, वरिष्ठ स्तंभकार हैं जैसे-जैसे कश्मीर घाटी में सुरक्षा बलों और आतंकवादियों में लड़ाई तेज होती हुई एक निर्णायक मोड़ पर पहुंच रही है, वैसे-वैसे कश्मीरी युवा के नाम की आड़ में, आतंकियों से सहानुभूति रखने वाले…

पनाह मांगती काजल की कोठरी

डा. कुलदीप चंद अग्निहोत्री ( लेखक, वरिष्ठ स्तंभकार हैं ) बेचारे मनमोहन सिंह अजीब दुविधा में हैं। न तो बैठे रह सकते हैं और न ही शेष कांग्रेसियों के साथ कुएं की ओर जा सकते हैं। प्रधानमंत्री के पद से मुक्त हो जाने के बाद भी उन्हें उन्हीं की…

आरती पर विजातीय आपत्ति

डा. कुलदीप चंद अग्निहोत्री (  लेखक, वरिष्ठ स्तंभकार हैं ) जो मुसलमान मूल रूप से भारत के ही रहने वाले हैं और उन्होंने किन्हीं भी कारणों से अपनी पूजा पद्धति बदल ली, उनको तो शायद हिंदू राष्ट्रीयता के अर्थों में स्वीकारने में कोई आपत्ति नहीं…

भंसाली की उल्टी स्क्रीन

डा. कुलदीप चंद अग्निहोत्री डा. कुलदीप चंद अग्निहोत्री लेखक, वरिष्ठ स्तंभकार हैं आम जनता की नजर से इन स्वतंत्रता सेनानियों और उनके परिवारों को गिराने के लिए अंततः सिनेमा का सहारा लिया गया। सिनेमा की पहुंच दूर-दूर तक है और प्रत्यक्ष दिखाई…

जायरा का सवाल और बित्ते भर का छेद

डा. कुलदीप चंद अग्निहोत्री ( डा. कुलदीप चंद अग्निहोत्री लेखक, वरिष्ठ स्तंभकार हैं ) सभी जानते हैं कि जायरा का माफीनामा घाटी की वर्तमान यथार्थ हालात में से निकला है। इस हालात में यह माफीनामा ही निकल सकता है और कुछ नहीं, लेकिन इस माफीनामा…

कश्मीर को मिलती अभिनव पहचान

डा. कुलदीप चंद अग्निहोत्री ( डा. कुलदीप चंद अग्निहोत्री लेखक, वरिष्ठ स्तंभकार हैं ) कश्मीर घाटी महज जमीन का टुकड़ा नहीं है, वह एक संस्कृति और एक दृष्टि है। वह नागभूमि है। गिलानियों को लगता है कि कश्मीरियों ने इबादत का एक और तरीका…

मुस्लिम आबादी बचाने को हिंदू शरणार्थी

डा. कुलदीप चंद अग्निहोत्री ( लेखक, वरिष्ठ स्तंभकार हैं ) असली सवाल और गहरा है। आखिर जम्मू-कश्मीर सरकार इस बात पर क्यों बजिद है कि 1944 के बाद रियासत में किसी को रहने का अधिकार नहीं है? इसका उत्तर सरकार तो नहीं, लेकिन हुर्रियत कान्फ्रेंस…

उल्टी गंगा बहाते हरीश रावत

डा. कुलदीप चंद अग्निहोत्री लेखक, वरिष्ठ स्तंभकार हैं उच्चतम न्यायालय ने सरकार से पूछा है, तीन तलाक की प्रक्रिया के बारे में आपका क्या कहना है? सरकार ने स्पष्ट किया, ‘इस देश के लोगों की नजर में यह प्रक्रिया अमानवीय है।’ इलाहाबाद उच्चतम…