पाक संदर्भ में पुलवामा हमला

डा. कुलदीप चंद अग्निहोत्री वरिष्ठ स्तंभकार पुलवामा हमले के बाद महबूबा मुफ्ती पाकिस्तान के पक्ष में बोल कर इन अलगाववादी समूहों में फिर से अपनी पैठ बना सकेंगी, निश्चित ही ऐसा आकलन पुलवामा हमले की योजना बनाने वालों का रहा होगा और…

लोकतंत्र पर छींटाकशी

डा. कुलदीप चंद अग्निहोत्री वरिष्ठ स्तंभकार जाहिर है राष्ट्रवादी शक्तियों को सत्ता केंद्र में देखकर उन शक्तियों में घबराहट मचती जो अभी तक केंद्र में नियंत्रण कर प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से भारत के विसंस्कृतिकरण अभियान में लगी हुई…

ममता का सियासी नाटक

डा. कुलदीप चंद अग्निहोत्री वरिष्ठ स्तंभकार देखना यह है कि सैयद अहमद शाह गिलानी और विजय माल्या को महागठबंधन का हिस्सा बनने का निमंत्रण कब मिलता है। ‘विभुक्षति किम न करोति पापम’, अर्थात भूखा आदमी कौन सा पाप नहीं करता? सत्ता की भूख का…

सैयद शुजा का धारावाहिक

डा. कुलदीप चंद अग्निहोत्री वरिष्ठ स्तंभकार सोनिया गांधी और उनकी पार्टी कांग्रेस को यह पूरा अधिकार है कि वह भारत की राष्ट्रवादी सरकार को चुनावों की लोकतांत्रिक पद्धति से पराजित करे। इस काम के लिए अपने साथ कुछ दूसरे लोगों को भी मिला सकती…

पंजाब में इस्लामी आतंकवाद

डा. कुलदीप चंद अग्निहोत्री वरिष्ठ स्तंभकार लुधियाना में पकड़ा गया मौलवी लुधियाना के गांवों में यही कर रहा था, लेकिन वह केवल मजहबी तालीम नहीं दे रहा था, बल्कि आईएस से भी जुड़ा हुआ था और उनके लिए भी पंजाब में सक्रिय था। आतंकवादी जमातों ने…

नागरिकता का जमीनी आधार

डा. कुलदीप चंद अग्निहोत्री वरिष्ठ स्तंभकार नागरिकता संशोधन बिल द्वारा नरेंद्र मोदी की सरकार ने कांग्रेस के 1947 में किए गए इसी पाप को धोने का प्रयास किया है। उसमें कहा है कि इन तीन देशों में रहने वाला कोई भी हिंदू-सिख, बौद्ध या जैन अपने…

क्या सबरीमाला में सीपीएम जीती?

डा. कुलदीप चंद अग्निहोत्री वरिष्ठ स्तंभकार सबसे बड़ा प्रश्न तो यह है कि आखिर सीपीएम इस प्रश्न पर केरल के हिंदुओं से इस खुली लड़ाई में क्यों उलझ रही है? सीपीएम के लिए यह सारा खेल भारतीयों की परंपराओं को खंडित करने के साथ-साथ उनकी…

चुनाव परिणामों से भविष्य के संकेत

डा. कुलदीप चंद अग्निहोत्री वरिष्ठ स्तंभकार यह प्रचार किया जा रहा था कि प्रदेश में कांग्रेस पूरी लड़ाई को एकतरफा बना देगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। यदि भाजपा किरोड़ी लाल मीणा को जरूरत से ज्यादा महत्त्व न देती, तो राजस्थान में भी मध्यप्रदेश…

सज्जन की सजा का अर्थ

डा. कुलदीप चंद अग्निहोत्री लेखक, वरिष्ठ स्तंभकार हैं जिस षड्यंत्र को पंजाब के लोगों ने पूरा नहीं होने दिया, उसको सोनिया कांग्रेस के इन्हीं सज्जन कुमारों ने पूरा कर दिखाया। इन्होंने भाड़े के लोगों से दिल्ली में ही तीन दिन में तीन हजार…

अगस्ता वेस्टलैंड के घोटाले में नया मोड़

डा. कुलदीप चंद अग्निहोत्री लेखक, वरिष्ठ स्तंभकार हैं पत्रकारों के तीखे प्रश्नों से घबरा कर जोसफ ने एक और जानकारी उगल दी। उसने कहा दुबई में मेरे और मिशेल के एक सांझे दोस्त हैं। उसने मुझे मिशेल के लिए न्यायालय में पेश होने के लिए कहा…

दशगुरु परंपरा ने किया मुगलों का सामना

डा. कुलदीप चंद अग्निहोत्री लेखक, वरिष्ठ स्तंभकार हैं 1200 से लेकर 1800 तक छह सौ साल में इन विदेशी शासकों ने केवल भारत को पददलित ही नहीं किया, बल्कि पूरे पश्चिमोत्तर भारत को साम-दाम-दंड-भेद से इस्लाम मत में दीक्षित करने का मजहबी काम…

जम्मू-कश्मीर विधानसभा का भंग किया जाना

डा. कुलदीप चंद अग्निहोत्री लेखक, वरिष्ठ स्तंभकार हैं आखिर ये तीनों दल जो परस्पर विरोधी ही नहीं, बल्कि जिनके पास एक आसन पर बैठने का एक भी आधार नहीं है, इसके लिए क्यों तैयार हुए? इसका एक कारण पीडीपी और एनसी का स्थानीय निकाय चुनावों के…

उर्दू से लेकर औरंगजेब तक फैली कांग्रेस

डा. कुलदीप चंद अग्निहोत्री लेखक, वरिष्ठ स्तंभकार हैं मुगलों को मराठों, पंजाबियों, राजपूतों ने उखाड़ दिया। भारत के लोग अंततः जीत गए, लेकिन अरबों के उत्तराधिकारी सैयद, तुर्क, मुगल और अफगान अपने मन से शासक होने के भूतकाल को नहीं छोड़…

अयोध्या में राम के घर को कौन दे रहा चुनौती

डा. कुलदीप चंद अग्निहोत्री लेखक, वरिष्ठ स्तंभकार हैं भारतवंशियों ने हिम्मत करके अयोध्या में ही एक बार फिर राम लला के लिए उनका घर बना कर ही दम लिया। चाहे यह छोटा सा घर, तरपैल की छत लिए राम की गरिमा के अनुकूल तो नहीं है, लेकिन विपरीत…

स्मृति ईरानी के साहस को सलाम

डा. कुलदीप चंद अग्निहोत्री लेखक, वरिष्ठ स्तंभकार हैं स्मृति ईरानी के कथन की समीक्षा करनी होगी। स्मृति ईरानी ने कहा कोई अकलमंद व्यक्ति किसी मित्र के घर में ‘खून आलुदा’ कपड़े लेकर नहीं जाता। यह किसी भी सभ्य समाज में मर्यादा के विपरीत माना…