मायावती का छूटा साथ

डा. कुलदीप चंद अग्निहोत्री लेखक, वरिष्ठ स्तंभकार हैं यह इलाका मायावती का था, इस इलाके में सोनिया गांधी को मायावती अपनी शर्तों पर चलाना चाहती है, लेकिन सोनिया गांधी यदि इन शर्तों को मानती है तो उसके लिए यह निहायत घाटे का सौदा होगा।…

जम्मू-कश्मीर में पंचायत चुनाव

डा. कुलदीप चंद अग्निहोत्री लेखक, वरिष्ठ स्तंभकार हैं सबसे बड़ी बात यह है कि दोनों दल पंचायतों के चुनावों से उभरे नेतृत्व को कोई अधिकार देने को तैयार नहीं हैं। इसलिए वे भारतीय संविधान में पंचायत प्रतिनिधियों को दिए गए अधिकारों के…

उच्च्तम न्यायालय में लंबित अयोध्या मामला

डा. कुलदीप चंद अग्निहोत्री लेखक, वरिष्ठ स्तंभकार हैं खुदा ही जाने लोग सोलहवीं शताब्दी से चले आ रहे अयोध्या विवाद को अभी किस शताब्दी तक और क्यों लटकाए रखना चाहते हैं? लेकिन 27 सितंबर को उच्चतम न्यायालय की तीन सदस्यीय पीठ ने दो-एक के…

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की संवाद रचना

डा. कुलदीप चंद अग्निहोत्री लेखक, वरिष्ठ स्तंभकार हैं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने यूरोपीय लोगों द्वारा की गई इस गलती को सुधारने का प्रयास किया। संघ का मानना है कि हिंदू शब्द भारतीय का समानार्थी तो हो सकता है, क्योंकि भारतीय भी राष्ट्रीयता…

शहरी नक्सलवाद पर उठते सवाल

डा. कुलदीप चंद अग्निहोत्री लेखक, वरिष्ठ स्तंभकार हैं ताज्जुब है जिन माओवादियों ने सोनिया कांग्रेस के विद्याचरण शुक्ल और महेंद्र कर्मा की नृशंस हत्या कर दी, उन्हीं षड्यंत्रों में लिप्त लोगों की जांच-पड़ताल जब जांच अभिकरण करना चाहते हैं,…

वासुकि नाग की तीर्थ यात्रा

डा. कुलदीप चंद अग्निहोत्री लेखक, वरिष्ठ स्तंभकार हैं एक बार महाराजा हरि सिंह ने भद्रवाह-चंबा सड़क बनाने की योजना भी बनाई थी, लेकिन तभी सत्ता शेख अब्दुल्ला के हाथ आ गई और उसके बाद यह प्रकल्प ठप हो गया। हिमाचल प्रदेश सरकार के पर्यटक विभाग…

राहुल गांधी और दिल्ली का नरसंहारक

डा. कुलदीप चंद अग्निहोत्री लेखक, वरिष्ठ स्तंभकार हैं दिल्ली में यह नरसंहार कांग्रेस पार्टी द्वारा बाबर से लाए गए अपराधियों एवं बदमाशों ने किया, जिनका नेतृत्व कांग्रेस के उस समय के कुछ जाने-माने नेता कर रहे थे। उन पर अभी भी न्यायालयों…

सेना के प्रधानमंत्री हैं इमरान खान

डा. कुलदीप चंद अग्निहोत्री लेखक, वरिष्ठ स्तंभकार हैं अलबत्ता फांसी, जेल में डालना आदि काम सेना वहां की न्यायपालिका के माध्यम से करवाती है। उसी प्रकार जिस प्रकार वह देश में प्रधानमंत्री चुनवाने का काम वहां की जनता से करवाती है। इमरान खान…

अटल बिहारी वाजपेयी का चले जाना

डा. कुलदीप चंद अग्निहोत्री लेखक, वरिष्ठ स्तंभकार हैं राम मनोहर लोहिया और दीनदयाल उपाध्याय ने एक बार जनसंघ और समाजवादी परंपरा के लोगों को साथ लेकर गैर कांग्रेसी सत्ता अधिष्ठान निर्माण करने का प्रयास किया था। दोनों का यह सपना पूरा नहीं हो…

कश्मीर समस्या की जड़ की खोज

डा. कुलदीप चंद अग्निहोत्री लेखक, वरिष्ठ स्तंभकार हैं लद्दाख का रिंचन कश्मीर का राजा बन गया था, यहां तक तो ठीक है, लेकिन रिंचन मुसलमान बन गया और उसके पीछे-पीछे सारे कश्मीरी भेड़ों की तरह मुसलमान हो गए, इसको कश्मीर में भी दंत कथा से…

असम में एनसीआर से उठे प्रश्न

डा. कुलदीप चंद अग्निहोत्री लेखक, वरिष्ठ स्तंभकार हैं ममता बनर्जी तो दहाड़ रही हैं कि यदि इन अवैध बांग्लादेशियों को बाहर निकाला, तो देश में गृहयुद्ध छिड़ जाएगा। खून की नदियां बह जाएंगी। कांग्रेस नरेश राहुल गांधी कह रहे हैं कि भाजपा…

गुरु पूर्णिमा पर उनका स्मरण

डा. कुलदीप चंद अग्निहोत्री लेखक, वरिष्ठ स्तंभकार हैं अंबेडकर भीषणतम परिस्थितियों की आग से तपकर निकले थे। समाज में से मिले अपमान के कारण गुस्से में भी थे, लेकिन अंतिम क्षण तक राष्ट्रहित के लिए लड़ते रहे। अंबेडकर बाहर और भीतर से एक समान…

सच बयां करती मौलाना की हरकत

डा. कुलदीप चंद अग्निहोत्री लेखक, वरिष्ठ स्तंभकार हैं कुरान शरीफ पढ़ने और समझने का दावा मौलाना का भी था और फराह ने भी कुरान-ए-पाक को समझ लिया होगा, तभी वे उसे उद्धृत कर रही थीं। मौलाना कुछ समय तो तर्क देते रहे, लेकिन जब फराह के तर्कों के…

दक्षिण भारत ने बखूबी निभाया था दायित्व

डा. कुलदीप चंद अग्निहोत्री लेखक, वरिष्ठ स्तंभकार हैं शायद पूरे तमिलनाडु में दोपहर एक से लेकर चार बजे तक मंदिर बंद कर दिए जाते हैं। मंदिरों के कपाट बंद करने के लिए पूरे तमिलनाडु में ऐसी अभूतपूर्व एकता कैसे पनपी होगी? इसका भी कारण है,…

कश्मीर को लेकर कांग्रेस में एकता

डा. कुलदीप चंद अग्निहोत्री लेखक, वरिष्ठ स्तंभकार हैं अलबत्ता सोज ने यह नहीं कहा कि कांग्रेस में छोटे लोग कौन थे, जिन्होंने कश्मीर के मसले पर नेहरू को आगे नहीं बढ़ने दिया। सोज को पूरा यकीन है कि यदि तुच्छ मन वाले कांग्रेसी नेहरू को न…