CMD - Divya Himachal Group

Bhanu Dhamija, is the Founder and CMD of Divya Himachal Group, the largest media company in the Indian state of Himachal Pradesh. Earlier, he was the Founder and CEO of a magazine publishing company in New York City. He is a graduate of Punjab University and an MBA from Stern School of Business, New York University. He lives and works in both the U.S. and India.

Dhamija is the author of two books: Why India Needs the Presidential System (HarperCollins), and भारत में राष्ट्रपति प्रणाली: कितनी जरूरी, कितनी बेहतर (प्रभात प्रकाशन). His writings have also appeared in The Times of IndiaThe TribuneHuffPostThe QuintSwarajyaScroll, and Divya Himachal.

समाज और राष्ट्र की बुनियाद पर पत्रकारिता को एक तहजीब तथा हिमाचल को आवाज देने की पहली कोशिश 29 दिसंबर, 1997 को हुई। ‘दिव्य हिमाचल’ के उदय के पीछे बतौर अध्यक्ष व प्रबंध निदेशक भानु धमीजा का अनुभव परवान चढ़ा और आज दो दशक बाद यह चिराग पर्वतीय उम्मीदों को रोशनी दिखा रहा है। भानु धमीजा ने पंजाब विश्वविद्यालय से स्नातक स्तर की उपाधि की सर्वश्रेष्ठता अर्जित करने के बाद न्यूयार्क विश्वविद्यालय से एमबीए की उच्च रैंकिंग से जीवन का हर रुख सफलता से सींचा। आरंभ में ही अमरीका में धमीजा ने मीडिया कंपनी स्थापित की और इसके माध्यम से ट्रेड जर्नलों का प्रकाशन तथा पत्रिका प्रकाशन उद्योग के लिए कई सेमिनार आयोजित किए। वास्तव में इस तरह वह प्रकाशकों के प्रकाशक के रूप में अमरीकी चर्चाओं में आए।

‘दिव्य हिमाचल’ अखबार से ‘दिव्य हिमाचल’ मीडिया समूह तक के निरंतर सफर के साथ उनका शोध व अध्ययन राष्ट्रीय व्यवस्था के पैमाने को प्रतिध्वनित करने लगा। साल 2015 के अंतिम चरण में हार्पर कालिन्स प्रकाशन ने भानु धमीजा की मेहनत के पन्नों को जिस पुस्तक से संजोया, उसका शीर्षक है ‘व्हाई इंडिया नीड्स प्रेजीडेंशियल सिस्टम’। देश की समूची परिपाटी और भारतीय लोकतंत्र के यथार्थ को स्पर्श करती यह किताब अब राष्ट्रीय मंच पर देश की सबसे बड़ी बहस का श्रीगणेश कर चुकी है।

लेख

‘एक भारत, एक चुनाव’ लोकतांत्रिक सिद्धांतों के खिलाफ

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत की लोकसभा और सभी विधानसभाओं के चुनाव एक साथ करवाने के लिए बहुत जोर लगा रहे हैं।…

‘दीनदयाल उपाध्याय के सिद्धांतों के अनुरूप है राष्ट्रपति…

विविध राज्यों के एक अविभाज्य संघ की उपाध्याय जी की धारणा भी राष्ट्रपति शासन प्रणाली से अधिक मेल खाती है। शासन का…

अंबेडकर के संसदीय प्रणाली पर दोषपूर्ण तर्क

संसद द्वारा दैनिक मूल्यांकन के लिए अंबेडकर की पैरवी में जो भी थोड़ा-बहुत व्यावहारिक या मूल्यवान था, वह भी तब…

संसदीय प्रणाली पर एकमत नहीं थे नेहरू, अंबेडकर और पटेल

भानु धमीजा सीएमडी, ‘दिव्य हिमाचल’ संसदीय प्रणाली की पसंद दरअसल एक राजनीतिक पार्टी का निर्णय था। यह 1946 की…

निरंकुश होने की छूट अमरीका से अधिक भारत में

ट्रंप और मोदी के मध्य यह तुलना दर्शाती है कि जहां एक अमरीकी राष्ट्रपति को अंधाधुंध दौड़ने से तुरंत रोक दिया जाता…

विविध समाज को चाहिए विकेंद्रीकृत शासन प्रणाली

भानु धमीजा सीएमडी, ‘दिव्य हिमाचल’ लेखक, चर्चित किताब ‘व्हाई इंडिया नीड्ज दि प्रेजिडेंशियल सिस्टम’ के रचनाकार हैं…

Writings

Ambedkar Mistaken that Parliamentary Governments are More Responsible

Bhanu Dhamija Founder of Divya Himachal & Author of ‘Why India Needs the Presidential System’ A grateful…

Diverse Societies Require Decentralized Governments: Bhanu…

Bhanu Dhamija Founder of Divya Himachal & Author of ‘Why India Needs the Presidential System’…

Failure of Our Leaders to Agree on a Constitution Led to…

Even after 71 years, the anger and pain of Partition haunts us. In India we have mostly settled on blaming Mohammad…

In Copying British Model of Govt, India Forgot What the US…

It has inspired freedom movements in many countries, including our own struggle against the British imperialists.…

Why BJP’s Idea of a Constitution Based on ‘Dharma Rajya’ is …

The BJP’s vision of a Dharma Rajya and its Constitution, as described by its chief ideologue Pandit Deen Dayal…

Indian Exceptionalism : A New Creed for a Greater Bharat

India should be the home of an exceptional political creed, a unique ideology that may be called Indian…

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