अब आएगी ज्यादा अंडे देने वाली मुर्गी

प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय ने विकसित की ‘हिमसमृद्धि’ नामक नई कुक्कुट नस्ल

पालमपुर —  प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने ‘हिमसमृद्धि’ नाम से एक नई कुक्कुट नस्ल विकसित की है। पशु विज्ञान महाविद्यालय के आनुवांशिकी एवं प्रजनन विभाग ने एक लाल रंग की दोहरी उद्देश्य वाली कुक्कुट नस्ल (दाहलेम रेड) का राज्य की देशी कुक्कुट नस्ल के साथ संकरण करके नई पोल्ट्री स्टॉक विकसित करने की प्रक्रिया में सफलता पाई है। विवि कुक्कुट पालकों को अधिक स्वीकार्य बैकयार्ड कुक्कुट पालने के लिए डीएनडी नस्ल के चूजे पैदा करके किसानों को दे कर रहा है। साल 2016-17 में 450 किसानों को इस नस्ल के लगभग 35 हजार चूजे वितरित किए गए। प्रदर्शन हेतु कुक्कुट इकाइयां प्रदेश के ऐसे कठिन जनजातीय क्षेत्रों में स्थापित की गई जहां ये पक्षी अच्छी तरह से जीवित रह सकें। शोध का लक्ष्य अधिक से अधिक चूजे पैदा करना तथा आने वाले सालों में पूरे प्रदेश में इस किस्म के चूजों को उपलब्ध करवाना है। जहां स्थानीय लोगों को कुक्कुट पालन से आय में वृद्धि नहीं हो रही, उन क्षेत्रों में बैकयार्ड कुक्कुट पालन को प्रोत्साहित किया जा सके।  इसके आलावा डा. जीसी नेगी पशु चिकित्सा और पशु विज्ञान महाविद्यालय का पशु आनुवांशिकी एवं प्रजनन विभाग प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में देशी कुक्कुट जर्मप्लास्म को एक अलग नस्ल के कुक्कुट की मान्यता के लिए इसका चरित्रीकरण तथा आनुवांशिक सुधार करने जा रहा है। कृषि विवि के कुलपति प्रो. अशोक कुमार सरयाल ने बताया कि डा. वाईपी ठाकुर तथा डा. वरुण सांख्यान द्वारा विकसित ‘हिमसमृद्धि’ को अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजना की सालाना समीक्षा बैठक में आईसीएआर से अनुमोदन के बाद प्रचार के लिए जारी किया गया है।

ये हैं हिमसमृद्धि की विशेषताएं

लाल भूरे रंग के पंख, अच्छा विकास, जल्दी पंख आना, अधिक मौसम अनुकूलन क्षमता, अच्छे से खाना ढूंढने की क्षमता, जल्द अंडा उत्पादन, भूरे खोल व बड़े आकार वाला अंडा तथा अधिक अंडे देने की क्षमता। व्यस्क पक्षी के शरीर का वजन  नर में 1.750-2.20 किलोग्राम और मादा पक्षी में 1.500-1.750 किलोग्राम देखा गया। अंडा उत्पादन 18-20 सप्ताह की उम्र में आंका गया। अंडे भूरे खोल वाले 50-60 ग्राम वजन वाले प्राप्त हुए।

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