प्रदर्शनकारियों ने बंधक बनाई पाकिस्तान की राजधानी

सरकार के खिलाफ हिंसक प्रदर्शन; एक की मौत, 170 घायल, लाइव प्रसारण पर लगी रोक

इस्लामाबाद  – पाकिस्तान में तहरीक-ए-लब्बैक (टीएलपी) या रसूल अल्लाह नाम के इस्लामिक संगठन के 20 दिन से जारी धरने को खत्म कराने के लिए शनिवार सुबह प्रदर्शनकारियों पर सुरक्षाबलों की कार्रवाई से इस्लामाबाद में खूब हंगामा बरपा। शनिवार सुबह पाकिस्तान सुरक्षाबलों ने फैजाबाद इंटरचेंज पर धरने पर बैठे प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए बल प्रयोग शुरू किया। इसके बाद से पत्थरबाजी और पुलिस से झड़प का दौर शुरू हो गया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई झड़प में एक पुलिस कर्मी की मौत हो गई, जबकि 170 से ज्यादा प्रदर्शनकारियों को चोटें आई हैं।  फैजाबाद में छिड़े इस बवाल ने पाकिस्तानी राजधानी को एक तरह से बंधक सा बना दिया। प्रदर्शनकारियों की तादाद ज्यादा नहीं थी, लेकिन पत्थर-डंडों से छिप-छिपकर किए जा रहे हमलों ने पाकिस्तान के सुरक्षाबलों की नाक में दम कर दिया। । इसी बीच पाक सरकार द्वारा प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई के लाइव कवरेज से मीडिया को रोकने पर पाकिस्तान इलेक्ट्रॉनिक मीडिया रेग्युलेटरी अथॉरिटी ने विरोध में सभी टीवी चैनलों से अपना प्रसारण रोकने को कहा। हालांकि जियो न्यूज समेत पाकिस्तान के कुछ न्यूज चैनलों ने प्रसारण बंद नहीं किया। शनिवार सुबह पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों के साढ़े आठ हजार जवानों ने राजधानी इस्लामाबाद के फैजाबाद इंटरचेंज में धरने पर बैठे करीब 2000 प्रदर्शनकारियों को खदेड़ना शुरू किया। इसके बाद चारों तरफ अफरातफरी मच गई। प्रदर्शनकारियों ने सड़कों और बाजारों को बंद कर दिया। यह धरना छह नवंबर को टीएलपी नाम के छोटे से इस्लामिक संगठन ने शुरू किया था। अब प्रदर्शनकारियों ने मुख्य हाई-वे को ब्लॉक कर दिया है, जिसकी वजह से हजारों लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। टीएलपी कार्यकर्ता अल्पसंख्यक अहमदी समुदाय के प्रति कथित नरम रुख को लेकर संघीय और प्रांतीय कानून मंत्री जाहिद हमीद और राणा सनाउल्लाह के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों के बीच झड़पों की भी खबर मिली है। पौने दौ के करीब प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है।