जलवायु परिवर्तन की चुनौती से मिलकर निपटना होगा : शाह

केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज कहा कि जलवायु परिवर्तन के कारण आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में नयी चुनौती उत्पन्न हुई है और इससे निपटने के लिए सभी को मिलकर प्रयास करने होंगे।श्री शाह ने आज यहां शंघाई सहयोग संघ (एससीओ) के सदस्य देशों की आपदा प्रबंधन पर दसवीं बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि जलवायु परिवर्तन से हुए बदलावों ने आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में नयी चुनौती खड़ी की है और इससे निपटना जरूरी है। उन्होंने कहा कि इस खतरे से लोगों की सुरक्षा के लिए जरूरी है कि सभी देश मिलकर तालमेल के साथ प्रयास करें। सदस्य देशों के हाल में यहां संपन्न हुए भूकंप से राहत और बचाव अभियानों से संबंधित संयुक्त अभ्यास का जिक्र करते हुए उन्होंने विश्वास जताया कि इससे आपदा प्रबंधन से संबंधित कार्ययोजनाओं को अंतिम रूप देने में मदद मिलेगी।उन्होंने कहा कि भारत एससीओ को एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में देखता है और आपदा की स्थिति में सभी सदस्य देशों के साथ मिलकर काम करने का पक्षधर है। इस दिशा में भारत की भूमिका का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि भारत पिछले दो वर्षों में 20 से भी अधिक मंत्रीस्तरीय बैठकों में हिस्सा ले चुका है। गृह मंत्री ने जोर देकर कहा कि उप महाद्वीप क्षेत्र में मानव सहायता और आपदा प्रबंधन की स्थिति में भारत ने सबसे पहले मदद का हाथ बढाया है। आपदाओं के कारण जान-माल के नुकसान को कम से कम करने के लिए सभी पक्षधारकों को ढांचागत संरचना पर अधिक से अधिक जोर देना होगा।भारत में पहली बार एससीओ देशों की मंत्री स्तरीय बैठक का उल्लेख करते हुए उन्होंने उम्मीद जतायी कि इससे सदस्य देशों को क्षमता बढाने तथा अनुभवों को साझा करने और मिलकर रणनीति बनाने में मदद मिलेगी। यह मंच एससीओ देशों के बीच आपदा प्रबंधन में परस्पर सहयोग का महत्वपूर्ण प्लेटफार्म साबित होगा।