पालमपुर में प्रोटीन प्रसंस्करण केंद्र

सीएम ने टिश्यू कल्चर इकाई-हाईटेक नर्सरी की रखी आधारशिला

पालमपुर – मुख्यमंत्री ने प्रोटीन प्रसंस्करण केंद्र का शुभारंभ करने के साथ टिश्यू कल्चर इकाई और बांस की हाईटेक नर्सरी की आधारशिला रखी। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने  वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पालमपुर के वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद हिमायलन जैव प्रोद्यौगिकी संस्थान के 38वें स्थापना सप्ताह की अध्यक्षता की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि पालमपुर का हिमालयन जैव-संसाधन प्रोद्यौगिकी संस्थान प्रदेश के टांडा, चंबा, हमीरपुर चिकित्सा महाविद्यालयों को कोविड-19 के परीक्षण के लिए सभी आवश्यक उपकरण और लॉजिस्टिक सहयोग प्रदान करने के अलावा कोविड-19 के परीक्षण करवाने में भी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि संस्थान ने उपभोक्ताओं के लिए अल्कोहल रहित हैंड सेनेटाइजर और हर्बल साबुन बनाने में भी सफलता प्राप्त की है। जयराम ठाकुर ने कहा कि संस्थान द्वारा हींग और केसर की खेती के लिए किए गए प्रयास प्रशंसनीय हैं। प्रदेश सरकार द्वारा हींग की खेती को बढ़ावा देने के लिए 4.50 करोड़ रुपए तथा केसर की खेती को बढ़ावा देने के लिए पांच करोड़ रुपए लागत की परियोजनाएं आरंभ की गई हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार इन परियोजनाओं को सफल बनाने के लिए संस्थान को हरसंभव सहायता प्रदान करेगी। जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए बड़े स्तर पर प्रयास किए जा रहें हैं। केसर और हींग का उत्पादन प्रदेश के किसानों की आर्थिकी को सुदृढ़ बनाने में सफल प्रयास सिद्ध होगा। जय राम ठाकुर ने इस अवसर पर संस्थान की पत्रिका बैम्बू रिर्सोसेज एट सीएसआईआर-आईएचबीटी और टी-जर्मप्लाज्म एट सीएसआईआर-आईएचबीटी का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने ट्राईकोमा का पौधरोपण भी किया। इससे पहले सीएसआईआर-आईएचबीटी के निदेशक डा. संजय कुमार ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया और संस्थान की गतिविधियों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि संस्थान के वैज्ञानिकों ने हींग और केसर की खेती की कृषि तकनीक विकसित करके आत्मनिर्भता की ओर कदम बढ़ाए हैं। यह प्रधानमंत्री के आत्मनिर्भर भारत अभियान को सफल बनाने की दिशा में संस्थान का एक प्रयास होगा। इस अवसर राज्य सरकार के कृषि सचिव ओंकार शर्मा,  कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डा. अशोक कुमार सरियाल, सीएफटीआरआई मैसूर के पूर्व निदेशक डा. वी प्रकाश, आईआईआईएम के पूर्व निदेशक प्रो. एसएस हांडा, आईआईटीआर, लखनऊ के निदेशक प्रो. आलोक धवन, चिन्मय ट्रस्ट से डा. क्षमा मैत्रे भी शामिल रहे।