सीएम सुक्खू के 2200 करोड़ के स्ट्राइड प्रोजेक्ट को धरातल पर उतारने की तैयारी, एडीबी करेगा मदद
वरिष्ठ संवाददाता — शिमला
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के ड्रीम प्रोजेक्ट स्ट्राइड को धरातल पर उतारने की तैयारी शुरू हो गई है। करीब 2200 करोड़ के इस प्रोजेक्ट को मूर्तरूप देने के लिए एशियन डिवेलपमेंट बैंक यानी एडीबी से सरकार आर्थिक मदद लेगी। प्रोजेक्ट के तहत प्रस्तावित कार्यों की पूरी योजना तैयार कर ली है। इनमें से एक की डीपीआर तैयार करने के लिए कंसल्टेंट की भी नियुक्ति कर दी गई है। हिमाचल प्रदेश रोड इन्फ्रास्ट्रक्चर डिवेलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (एचपीआरआईडीसीएल) द्वारा यह मेगाा प्रोजेक्ट तैयार किया गया है, जिसमें शहर में फ्लाई ओवर, डबल लेन वायाडक्ट, टनल और बड़े पुल का निर्माण शामिल है। जानकारी के अनुसार राजधानी शिमला में यातायात के दबाव को कम करने के लिए एचपीआरआईडीसीएल ने एक बड़ा प्रोजेक्ट तैयार किया है। सीएम सुक्खू के इस ड्रीम प्रोजेक्ट के तहत शिमला शहर में कई बड़े निर्माण प्रस्तावित किए गए है। इनमें से प्राथमिकता के आधार पर टॉलैंड से आईजीएमसी तक प्रस्तावित डबल लेन सुरंग निर्माण हेतु कंसलटेंट की नियुक्ति कर दी गई है और सर्वे भी शुरू हो चुका है।
प्रोजेक्ट के तहत चक्कर बाईपास से एमएलए क्रॉसिंग तक के हिस्से में एक फ्लाईओवर का निर्माण किया जाना है, जबकि शहर में रेलवे पार्किंग से पर्यटन निगम के होटल होलीडे होम तक एक आईकॉनिक केवल स्टेड ब्रिज का निर्माण भी प्रस्तावित किया गया है। सूत्रों का कहना है कि यह प्रस्तावित पुल भविष्य में शिमला की सुंदरता पर चार चांद लगाएगा। इसकी लंबाई 350 से 400 मीटर तक हो सकती है। सूत्रों का कहना है कि इस प्रोजेक्ट में विक्ट्री टनल जंक्शन के पास टू लेन वायाडक्ट के अलावा मझियाठ में एंबुलेंस रोड़ का निर्माण भी किया जाना है। इसी प्रोजेक्ट के तहत महलप्रीत नगर से लवासा चौकी तक के 23 किलोमीटर के रोड़ को डबल लेन के रूप में विकसित करना भी इस प्रोजेक्ट में शामिल किया गया है। साथ ही एक अन्य कार्य को भी इस प्रोजेक्ट में रखा गया है। सूत्रों का कहना है कि स्ट्राइड नामक यह प्रोजेक्ट करीब 2200 करोड़ का है। इसमें 1689 की वित्तीय मदद एशियन डिवेलपमेंट बैंक (एडीबी) करेगा, जबकि 511 करोड़ की राशि राज्य सरकार को वहन करनी होगी।