बिजली बोर्ड में बढ़ी दिहाड़ी, पार्टटाइम कर्मियों को 56 रुपए प्रति घंटा की दर से भुगतान

मजदूरी दरों में संशोधन, पार्टटाइम कर्मियों को 56 रुपए प्रति घंटा की दर से भुगतान

वरिष्ठ संवाददाता — शिमला

प्रदेश सरकार के आदेशों के बाद राज्य बिजली बोर्ड ने दिहाड़ी और अंशकालिक (पार्टटाइम) कर्मचारियों की मजदूरी दरों में संशोधन कर दिया है। बोर्ड मुख्यालय ने इस संबंध में सभी अभियंताओं और अधिकारियों को आगामी दिशा-निर्देश भी जारी कर दिए है। इसके तहत यह व्यवस्था पहली अप्रैल से बोर्ड में लागू होगी। बोर्ड मुख्यालय की ओर से राज्य सरकार के वित्त विभाग के आदेश का हवाला देते हुए कहा है कि प्रदेश विभिन्न कार्यालयों में कार्यरत दिहाड़ी मजदूरों तथा पार्ट टाइम कर्मचारियों की मजदूरी दरों में संशोधन किया गया है। इसके तहत बोर्ड में कार्यरत कई श्रेणियों के कर्मचारियों को बढ़ी हुई मजदूरी का लाभ मिलेगा। संशोधित दरों के अनुसार बेलदार (मजदूर), कैजुअल लेबरर, मेट, कुक, माली, चौकीदार, हेल्पर, स्वीपर, खलासी, स्टोर अटेंडेंट, प्रयोगशाला परिचारक, प्रोसेस सर्वर, चेनमैन, बिल वितरक, पाइप लाइनमैन, वाटर गार्ड सहित अकुशल श्रेणी की 43 विभिन्न श्रेणियों के कर्मचारियों को अब 450 रुपये प्रतिदिन की दर से मजदूरी मिलेगी।

निर्देशों के तहत अंशकालिक कर्मचारियों की मजदूरी दर में भी संशोधन किया गया है। अब पार्टटाइम आधार पर कार्यरत कर्मचारियों को 56 रुपए प्रतिघंटा की दर से भुगतान किया जाएगा। अनुसूचित जनजातीय क्षेत्रों में कार्यरत दिहाड़ी और अंशकालिक कर्मचारियों को संशोधित मजदूरी दरों पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त बढ़ोतरी का लाभ मिलता रहेगा। यह व्यवस्था सरकार के पूर्व आदेशों के अनुरूप जारी रहेगी। प्रबंधन का कहना है कि मुख्यालय की ओर से ये आदेश सभी मुख्य अभियंताओं, लेखा-ऑडिट अधिकारियों, अधीक्षण अभियंताओं, उपमंडल अधिकारियों तथा बोर्ड के विभिन्न कार्यालयों को आवश्यक कार्रवाई को भेज दिए गए हैं। साथ ही एचपीपीसीएल, एचपीपीटीसीएल, बीवीपीसीएल और अन्य संबद्ध संस्थानों को भी इसकी जानकारी दी गई है। बहरहाल हजारों दिहाड़ी व अंशकालिक कर्मचारियों को सीधा लाभ मिलेगा।