शुभ मुहूर्त से पहले राहत
सस्ता हुआ सोना-चांदी
एक हफ्ते में गिरे दाम ऑल टाइम हाई से नीचे आए दाम
15 जून यानी अब से महज दो दिन बाद अधिकमास का समापन हो रहा है। इसके साथ ही देशभर में विवाह, गृह प्रवेश और अन्य मांगलिक कार्यों के शुभ मुहूर्त शुरू हो जाएंगे। ऐसे में जिन घरों में शादी-ब्याह की तैयारियां चल रही हैं, वहां एक ओर जहां उत्साह का माहौल है, वहीं दूसरी ओर बढ़ती महंगाई और खासकर सोने-चांदी की ऊंची कीमतों ने लोगों की चिंता भी बढ़ा रखी थी।
भारतीय परंपरा में सोना और चांदी केवल आभूषण नहीं, बल्कि रीति-रिवाजों और सामाजिक परंपराओं का अभिन्न हिस्सा हैं। शादी हो, सगाई हो या कोई अन्य शुभ अवसर, इन धातुओं की मौजूदगी को शुभ माना जाता है, लेकिन पिछले डेढ़ साल के दौरान सोने और चांदी की कीमतों में आई रिकॉर्ड बढ़ोतरी ने आम परिवारों का बजट बिगाड़ दिया था। कई लोगों ने तो सोना खरीदने का सपना तक टाल दिया था। हालांकि अब सराफा बाजार से एक राहत भरी खबर सामने आई है। पिछले कुछ दिनों से भारतीय बाजारों में सोने और चांदी की कीमतों में लगातार नरमी देखने को मिल रही है, जिससे शादी के सीजन से पहले खरीदारों को बड़ी राहत मिली है। पिछले सप्ताह यानी 6 जून तक जो सोना करीब 1.54 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा था, उसकी कीमतों में इस सप्ताह 4 से 6 हजार रुपए तक की गिरावट दर्ज की गई है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 24 कैरेट सोने का भाव इस सप्ताह 6,438 रुपए घटकर लगभग 1,47,800 रुपए प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया था। हालांकि हफ्ते के अंत तक इसमें हल्की रिकवरी देखी गई और कीमतें फिर करीब 1.50 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के आसपास कारोबार करती रहीं… वहीं 22 कैरेट सोना भी 1.35 लाख से 1.38 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के दायरे में बना रहा। यानी पिछले कुछ दिनों में सोने की कीमतों में आई नरमी ने खरीदारों को राहत देने का काम किया है।
पिछले 1 हफ्ते में सिर्फ सोना ही नहीं, बल्कि चांदी की कीमतों में भी इस सप्ताह बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। कुछ दिन पहले तक 2.57 लाख रुपए प्रति किलो के आसपास पहुंच चुकी चांदी अब करीब 2.43 लाख रुपए प्रति किलो के स्तर पर कारोबार कर रही है। इसका मतलब है कि महज एक सप्ताह में चांदी करीब 14 हजार रुपए प्रति किलो तक सस्ती हो गई है। ऐसे में जिन परिवारों को शादी या अन्य समारोहों के लिए चांदी के बर्तन, सिक्के या आभूषण खरीदने हैं, उनके लिए यह राहत की खबर है। विशेषज्ञों के अनुसार सोने और चांदी की कीमतों में यह उतार-चढ़ाव वैश्विक आर्थिक और भू-राजनीतिक परिस्थितियों का परिणाम है। दुनिया भर के निवेशकों की नजर इस समय पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव, कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक महंगाई पर टिकी हुई है। आमतौर पर जब दुनिया में युद्ध या तनाव का माहौल होता है तो निवेशक सोने को सुरक्षित निवेश मानकर उसमें पैसा लगाते हैं, जिससे कीमतें बढ़ती हैं, लेकिन इस बार स्थिति थोड़ी अलग है। निवेशक अनिश्चित माहौल में नकदी और अन्य सुरक्षित विकल्पों को भी प्राथमिकता दे रहे हैं। वहीं ऊंचे दामों पर हुई प्रॉफिट बुकिंग ने भी बाजार में अतिरिक्त सप्लाई बढ़ा दी है, जिससे कीमतों पर दबाव बना हुआ है।
बता दें कि इसी साल जनवरी में सोने और चांदी की कीमतों ने रिकॉर्ड स्तर छू लिया था। 29 जनवरी 2026 को सोना करीब 1,76,121 रुपये प्रति 10 ग्राम के अपने ऑल टाइम हाई स्तर तक पहुंच गया था। कीमतों में लगातार आई इस तेजी का फायदा उठाते हुए बड़े निवेशकों और फंड हाउसों ने मुनाफावसूली शुरू कर दी। जब बड़ी मात्रा में बाजार में सोना और चांदी बिकने लगे तो सप्लाई बढ़ गई और कीमतों में धीरे-धीरे गिरावट आने लगी। यही वजह है कि पिछले कुछ सप्ताह से बाजार में नरमी का रुख देखने को मिल रहा है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या सोना और चांदी अभी खरीद लेना चाहिए या फिर कीमतें और गिर सकती हैं?
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। हालांकि लंबी अवधि में सोने की मांग मजबूत बनी हुई है, लेकिन निकट भविष्य में बाजार अस्थिर रह सकता है। फिर भी शादी और त्योहारों के सीजन से पहले आई यह गिरावट आम खरीदारों के लिए किसी राहत से कम नहीं है। जिन परिवारों ने बढ़ती कीमतों के कारण खरीदारी टाल रखी थी, उनके लिए यह मौका बजट को कुछ हद तक संभालने वाला साबित हो सकता है।