कहा, दोनों राज्यों के साझा अनुभवों से शिक्षा क्षेत्र को मिलेगी नई मजबूती
कार्यालय संवाददाता — शिमला
हिमाचल प्रदेश का एक उच्चस्तरीय शिक्षा दल इन दिनों जम्मू-कश्मीर दौरे पर है। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर की अगवाई में इस दल ने आज जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर शिक्षा मंत्री ने उपराज्यपाल को हिमाचल प्रदेश के शैक्षणिक परिदृश्य, शिक्षा क्षेत्र में किए जा रहे सुधारों तथा प्रदेश सरकार द्वारा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाए गए विभिन्न कदमों की जानकारी दी। इस दौरान समग्र शिक्षा हिमाचल प्रदेश के निदेशक राजेश शर्मा, स्कूली शिक्षा निदेशक आशीष कोहली तथा अतिरिक्त सचिव (शिक्षा) अनिल चौहान भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने उपराज्यपाल को बताया कि प्रदेश सरकार स्कूली शिक्षा को सुदृढ़ बनाने, शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार लाने तथा दूरदराज और पर्वतीय क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि हिमाचल के दल ने अपने दौरे के दौरान जम्मू-कश्मीर के कई विद्यालयों का भ्रमण किया और वहां शिक्षा क्षेत्र में हुए सकारात्मक बदलावों को करीब से देखा। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश दोनों ही पर्वतीय राज्य हैं तथा दोनों राज्यों को भौगोलिक परिस्थितियों से जुड़ी समान चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में दोनों राज्यों के लिए एक-दूसरे की सफल पहलों, नवाचारों और अनुभवों से सीखने तथा उन्हें अपने-अपने क्षेत्रों में लागू करने की व्यापक संभावनाएं हैं।
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के साथ भी विस्तृत चर्चा
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर की अगवाई में हिमाचल के दल ने जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री डॉ. उमर अब्दुल्ला तथा शिक्षा मंत्री सकीना मसूद इटू के साथ भी बैठक की। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार, शिक्षण एवं अधिगम प्रक्रियाओं में नवाचार को बढ़ावा देने पर चर्चा हुई।