कार्यालय संवाददाता-शिमला
हिमाचल प्रदेश के दसवीं, बारहवीं और कालेज स्तर के मेधावी विद्यार्थियों को सरकार की टैबलेट-लैपटॉप योजना को लेकर एक बड़ा बदलाव हो रहा है। सरकार अब दूसरी बार इस योजना के प्रारूप में बदलाव करने जा रही है। सूत्रों के अनुसार इलेक्ट्रॉनिक्स कॉरपोरेशन और शिक्षा विभाग के बीच जल्द होने वाली बैठक में यह तय किया जाएगा कि मेधावी विद्यार्थियों को आखिर किस स्वरूप में लाभ दिया जाए। जानकारी के मुताबिक सरकार द्वारा पहले जारी किए गए 16 हजार रुपए के ई-वाउचर मॉडल पर पुनर्विचार किया जा रहा है।
इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की बढ़ती कीमतों के कारण यह राशि अब पर्याप्त नहीं मानी जा रही है। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि विद्यार्थियों को डिवाइस खरीदने के लिए अपनी जेब से भी अतिरिक्त राशि खर्च करनी पड़ सकती है। वहीं यह भी चर्चा है कि सरकार प्रोत्साहन राशि में कटौती का विकल्प भी तलाश रही है।
कीमतों में वृद्धि
मार्च 2026 में सरकार ने शैक्षणिक सत्र 2022-23 के मेधावी विद्यार्थियों के लिए 16 हजार रुपए के ई-वाउचर जारी किए थे। विद्यार्थियों ने अप्रैल माह में लैपटॉप और टैबलेट बुक भी करवा दिए, लेकिन दो महीने से अधिक समय बीत जाने के बाद भी अधिकांश विद्यार्थियों को उपकरण नहीं मिल पाए हैं। इस बीच सरकार द्वारा जारी किए गए रिडीम कार्ड भी ब्लॉक कर दिए गए हैं, जिससे विद्यार्थी राशि का उपयोग नहीं कर पा रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि जिस कंपनी के माध्यम से आईटी विभाग ने रिडीम कार्ड तैयार करवाए थे, उसने भी लागत बढ़ा दी है। देशभर में इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की कीमतों में हुई बढ़ोतरी का असर हिमाचल की इस योजना पर भी पड़ा है। यही कारण है कि सरकार अब पूरी योजना को नए सिरे से तैयार करने पर विचार कर रही है।
खाते में सीधे भेजी जा सकती है राशि
शिक्षा विभाग अब विद्यार्थियों के बैंक खातों में सीधे राशि हस्तांतरित करने के विकल्प पर काम कर रहा है। इसके लिए सभी जिलों से पात्र विद्यार्थियों का पूरा ब्योरा मांगा गया है। विभाग आरटीजीएस के माध्यम से भुगतान की तैयारी कर रहा है। हालांकि अंतिम निर्णय सरकार और संबंधित विभागों की बैठक के बाद ही लिया जाएगा।
इंतजार बढ़ा
प्रदेश में वर्ष 2022 से 26 के लगभग 40 हजार मेधावी विद्यार्थी टैबलेट या लैपटॉप योजना के लाभ का इंतजार कर रहे हैं।