देश को मिले 481 जांबाज सैन्य अफसर, इतिहास में पहली बार नौ महिला अधिकारी पास आउट

16 मित्र देशों के 34 अधिकारी कैडेट भी पास

एजेंसियां — देहरादून

उत्तराखंड की राजधानी देहरादून स्थित इंडियन मिलिट्री एकेडमी (आईएमए) में शनिवार को 158वीं पासिंग आउट और परेड पिपिंग सेरेमनी हुई। इस बार आईएमए से कुल 515 जेंटलमैन कैडेट पास आउट होकर सैन्य अफसर बने। इनमें 481 भारतीय और 16 मित्र देशों के 34 अधिकारी कैडेट शामिल हैं। शनिवार को आयोजित ऐतिहासिक पासिंग आउट परेड में एक नया अध्याय लिखा गया। आईएमए के 93 साल के इतिहास में पहली बार नौ महिला कैडेट पुरुष कैडेटों के साथ पास आउट हुईं और सेना में अधिकारी बनीं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने परेड की समीक्षा की और बेस्ट जेंटलमैन कैडेट को सम्मानित किया।

उनके साथ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह भी उपस्थित रहे। समीक्षा अधिकारी के रूप में राष्ट्रपति ने परेड का निरीक्षण किया, कैडेट्स की सलामी ली और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कैडेट्स को स्वॉर्ड ऑफ ऑनर तथा अन्य पदक प्रदान किए। अकादमी के विशाल कुमार को दो बड़े पुरस्कार मिले। उन्हें स्वॉर्ड ऑफर ऑनर और गोल्ड मेडल मिले। विशाल को स्वॉर्ड ऑफ ऑनर ‘बेस्ट अमंग ऑफिसर सीडीटीएस’ के लिए मिला। आरईजी कोर्स में टॉप करने पर विशाल को गोल्ड मेडल मिला। ऑफिसर कैडेट प्रिंस राज को आरईजी कोर्स में दूसरा स्थान प्राप्त करने पर सिल्वर मेडल मिला। ऑफिसर कैडेट तेजस भट्ट को आरईजी कोर्स में तीसरा स्थान प्राप्त करने पर ब्रॉन्ज मेडल प्रदान किया गया। ऑफिसर कैडेट हृषभ मिश्रा को टेक्निकल ग्रेजुएट कोर्स में प्रथम आने पर टीजीसी सिल्वर मेडल मिला है। स्पेशल कमीशन में बोधराज थापा को गोल्ड मेडल प्राप्त हुआ। करन पांडे को टीईएस कोर्स में प्रथम आने पर सिल्वर मेडल मिला। मित्र देशों में बांग्लादेश के कैडेट को बेस्ट कैडेट का पुरस्कार मिला।