जिला परिषद कर्मियों को मिलेगा पेंडिंग एरियर, वेतनमान देने पर प्रदेश सरकार ने लगाई मुहर

23 सितंबर 2022 से छह मार्च 2024 तक के संशोधित, हजारों कर्मचारियों को मिलेगा लाभ

स्टाफ रिपोर्टर-शिमला

प्रदेश सरकार ने जिला परिषद कैडर के नियमित कर्मचारियों को बड़ी राहत दी है। सरकार ने 23 सितंबर 2022 से छह मार्च 2024 तक के संशोधित वेतनमान का लंबित एरियर जारी करने का निर्णय लिया है। इस फैसले से प्रदेशभर के हजारों कर्मचारियों को आर्थिक लाभ मिलेगा। पंचायती राज विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी कर सभी जिला परिषदों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। जानकारी के अनुसार जिला परिषद कर्मचारियों के वेतन पुनर्निर्धारण का मामला काफी समय से सरकार के विचाराधीन था।

पंचायती राज विभाग के अतिरिक्त निदेशक केवल शर्मा ने सभी जिला परिषदों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों और अतिरिक्त उपायुक्तों को पत्र भेजकर निर्णय की जानकारी दी है और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा है। प्रदेश सरकार ने 23 सितंबर 2022 को अधिसूचना जारी कर जिला परिषद कर्मचारियों के लिए संशोधित वेतन संरचना लागू की थी। इसके बाद सात मार्च 2024 को कर्मचारियों के वेतन निर्धारण की अनुमति दी गई थी। हालांकि उस समय कर्मचारियों को केवल वेतन निर्धारण का लाभ मिला था, जबकि 23 सितंबर 2022 से छह मार्च 2024 तक की अवधि का वास्तविक वित्तीय लाभ और एरियर जारी नहीं किया गया था। प्रदेश सरकार ने उक्त अवधि का मौद्रिक लाभ भी देने का निर्णय लिया है।

राहत मिली

वर्ष 2022 में संशोधित वेतनमान लागू होने के बाद कई कर्मचारियों को इसका लाभ मिल गया था, लेकिन लगभग 20 प्रतिशत कर्मचारी ऐसे थे जो इस लाभ से वंचित रह गए थे। कर्मचारियों की मांग थी कि उन्हें भी संशोधित वेतनमान के तहत मिलने वाले सभी वित्तीय लाभ दिए जाएं। सरकार ने इस मामले से जुड़े सभी पहलुओं की समीक्षा करने के बाद लंबित एरियर जारी करने का फैसला लिया है।

एरियर भुगतान प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश

प्रदेशभर के हजारों जिला परिषद कर्मचारियों को बकाया एरियर मिलेगा और उनकी लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी होगी। कर्मचारियों को उम्मीद है कि इससे उन्हें आर्थिक राहत मिलेगी और उनके वेतन संबंधी लंबित मामलों का समाधान होगा। पंचायती राज विभाग ने सभी जिला परिषदों को निर्देश दिए हैं कि पात्र कर्मचारियों के मामलों की जांच कर शीघ्र एरियर भुगतान की प्रक्रिया पूरी की जाए।