आर्ट सिर्फ शौक नहीं शानदार करियर भी

फाइन आट्र्स में करियर के शानदार विकल्प हैं, पर इस फील्ड में आगे बढऩे के लिए कैंडीडेट्स में कुछ जरूरी स्किल्स जैसे क्रिएटिविटी, इमेजिनेशन का होना बहुत जरूरी है। अगर आपके अंदर ये क्वालिटी हैं, तो आपके लिए फाइन आट्र्स कोर्स एक बढिय़ा करियर विकल्प हो सकता है। इस फील्ड में करियर बनाने के लिए 12वीं के बाद फाइन आट्र्स कोर्स की पढ़ाई कर सकते हैं…

आज की नई पीढ़ी कुछ खास और क्रिएटिव करने में भरोसा रखती हैं, जिसमें उनके अभिभावक भी उनके सपने को हकीकत में बदलने में उनका सहयोग कर रहे हैं। वहीं फैशन की इस दुनिया में फाइन आट्र्स की तरफ भी युवा आर्कषित हो रहे हैं। इसके अलावा जिन छात्रों का रुझान पेंटिंग, मूर्तिकला और अन्य तरह की कला में हैं। ऐसे छात्रों के लिए यह फील्ड काफी बेहतर साबित हो सकता है। फाइन आट्र्स के कोर्स के माध्यम से न सिर्फ छात्र पेंटिग्स आदि बनाकर अपनी कला को निखार सकते हैं, बल्कि अपने शौक के साथ इसमें बेहतरीन करियर भी बना सकते हैं। फाइन आट्र्स आज का डिमांडिंग सब्जेक्ट्स भी बन चुका है, इसलिए इसकी मांग भी ज्यादातर फील्ड में बढ़ रही है। वहीं कई फील्ड्स ऐसे भी हैं, जिसमें डिजाइनर्स की ज्यादा जरूरत होती है।

फाइन आर्ट कोर्स के माध्यम से न सिर्फ भारतीय संस्कृति और परंपरा की पहचान बरकरार रखी जा सकती है, बल्कि इस क्षेत्र में अपना बेहतरीन करियर भी बनाया जा सकता है और मोटी रकम कमाई जा सकती है। फाइन आट्र्स का क्षेत्र तेजी से आगे बढ़ रहा है। वहीं अच्छी पेंटिग्स भी लाखों-करोड़ों रुपए में बिक रही हैं, जिससे कलाकारों को उसका पूरा फायदा भी मिल रहा है। फाइन आट्र्स में करियर बनाने के लिए कई तरह के डिग्री और डिप्लोमा कोर्सेस भी उपलब्ध हैं, जिनके माध्यम से छात्रों को फाइन आट्र्स की अलग-अलग विधाओं जैसे ड्रॉइंग, पेंटिंग, डिजाइनिंग, स्कल्पटिंग, एनिमेशन, गेमिंग और इंस्टॉलेशन आदि के बारे में जानकारी दी जाती है, ताकि छात्र अपने हुनर से पैसे कमा सकें।

फाइन आट्र्स में ग्रेजुएशन और मास्टर्स डिग्री

फाइन आट्र्स पेंटिंग, ड्रॉइंग, मूर्तिकला, साहित्य, म्यूजिक, डांस, वास्तुकला और थिएटर का अध्ययन है। फाइन आर्ट एक ऐसा आर्ट फॉर्म है, जो उसकी सुंदरता को दिखाता है। ग्रेजुएशन डिग्री पाठ्यक्रम के माध्यम से कैंडीडेट को विज्युअल और परफॉर्मिंग आर्ट की पढ़ाई कराई जाती है। यह डिग्री छात्रों को कलाकार बनने और कला के निर्माण से जुड़ी अन्य जरूरी नियम, फैक्ट्स से रू-ब-रू कराती है, प्रशिक्षण देती है। फाइन आर्ट ग्रेजुएशन डिग्री से एक्टिंग, म्यूजिकल थिएटर, सेरेमिक, कम्प्यूटर एनीमेशन, क्रिएटिव राइटिंग, डांस, ड्रामेटिक राइटिंग, ड्राइंग, फाइबर, फिल्म प्रोडक्शन, विजुअल इफेक्ट, एनीमेशन, ग्राफिक डिजाइन, इल्यूस्ट्रेशन, इंडस्ट्रियल डिजाइन, विजुअल आर्ट, टेक्नीकल आर्ट, इंटीरियर डिजाइन, मेटलवर्किंग, म्यूजिक, न्यू मीडिया, पेंटिंग, फोटोग्राफी, प्रिंटमेकिंग, मूर्तिकला, स्टेज मैनेजमेंट, टेलीविजन प्रोडक्शन जैसे क्षेत्रों में विशेषज्ञता हासिल कर सकते हैं। ग्रेजुएशन ऑफ फाइन आट्र्स के बाद मास्टर ऑफ फाइन आट्र्स भी कर सकते हैं। इसके बाद पीएचडी या एमफिल करने के बाद टीचिंग के फील्ड में बेहतरीन मौके मिलते हैं।

तेजी से बढ़ रहा स्कोप

फाइन आट्र्स का स्कोप तेजी से बढ़ा है, वहीं अगर पिछले कुछ सालों के रिकॉड्र्स को खंगाला जाए, तो इस क्षेत्र में जॉब की संभावनाएं भी तेजी से बढ़ी हैं। बता दें कि फाइन आट्र्स ग्रेजुएट वालों की सबसे ज्यादा मांग सॉफ्टवेयर कंपनीज, डिजाइन फम्र्स, टेलीविजन चैनल्स, एनीमेशन स्टूडियो, टेक्सटाइल इंडस्ट्री, एडवरटाइजिंग कंपनीज, डिजिटल मीडिया, पब्लिशिंग हाउसेज, मीडिया हाउसेज, आर्ट स्टूडियो और फिल्मों में स्पेशल इफेक्ट्स के इस्तेमाल के लिए बढ़ी है।

फायदे

फाइन आट्र्स के क्षेत्र में अभिव्यक्ति का अवसर मिलता है। इसके साथ ही छात्रों को अपना कौशल विकसित करने में भी मदद मिलती है। फाइन आट्र्स का स्कोप अच्छा होने की वजह से इसमें आसानी से रोजगार मिलता है और करियर के भी कई विकल्प मौजूद हैं। अच्छा काम करने पर भी ख्याति मिलती है।

परेशानी

फाइन आट्र्स के काम के चलते घंटों का पता ही नहीं चलता यानी कि ज्यादातर समय इसमें ही देना पड़ता है। इस फील्ड में शुरुआत में सैलरी पैकेज भी काफी कम है, हालांकि बाद में सैलरी बढ़ जाती है। जरूरी नहीं है कि इस प्रोफेशन में आपके बॉस या फिर क्लाइंट को आपकी पेटिंग्स या आपका काम पसंद आए ऐसे में उन लोगों को संतुष्ट कर पाना किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं है।

इस फील्ड में ऐेसे पाएं मुकाम

फाइन आट्र्स के क्षेत्र में जो सफलता हासिल करना चाहते हैं, उन लोगों को इसके लिए कुछ खास गैलरी से जोडऩे की कोशिश करनी चाहिए। इस क्षेत्र में जो मुनाफा कमाना चाहते हैं और आर्कषण पाना चाहते हैं। ऐसे लोगों को गैलरी मालिकों से सेटिंग कर अपनी कलाकृतियों की प्रदर्शनी लगवाना चाहिए और उसकी नीलामी करवाना चाहिए, जिससे उन्हें काफी फायदा होगा। इसके अलावा इस फील्ड में खुद को स्थापित करने के लिए कई मशहूर कलाकारों के साथ जुडक़र कॉन्ट्रैक्ट पर भी काम कर सकते हैं। इससे न सिर्फ सीनियर कलाकारों की आर्ट स्टाइल के बारे में भी जानने मौका मिलता है, बल्कि इस फील्ड में इनकम के अन्य स्त्रोतों के बारे में भी पता चलता है। वहीं जिन छात्रों ने बैचलर इन फाइन आट्र्स का कोर्स पूरा कर लिया है, वे छात्र इस फील्ड के अन्य छात्रों और मित्रों के साथ मिलकर ग्रुप बनाकर अपनी पेटिंग्स की प्रदर्शनी लगा सकते हैं। बता दें कि आर्ट गैलरी के मालिक अपने साथ अकसर स्टाइल और अभिरुचि के मुताबिक होनहार स्टूडेंट्स को जोड़ते हैं, इसके अलावा भी गैलरी मालिक अकसर फ्रेशर्स फाइन आट्र्स ग्रेजुएट्स की कलाकृतियों की प्रदर्शनियां आयोजित करवाते हैं। जब जूनियर आर्टिस्ट प्रदर्शनी लगाते हैं, तो उनकी कला की आलोचना भी होती है, जिससे उन्हें अपनी कमी का पता चलता है और आगे बढऩे में मदत मिलती है। वहीं कई बार नामी कलाकारों द्वारा कैंप भी आयोजित किए जाते हैं, जो फ्रेशर्स के लिए वरदान साबित होते हैं, क्योंकि कई कलाकारों का सिलेक्शन भी हो जाता है।

इन इंडस्ट्रीज में पैसा कमाने का मौका

फाइन आट्र्स में डिग्री हासिल करने और स्पेशलाइजेशन के बाद छात्र एनिमेशन इंडस्ट्री विज्ञापन कंपनी, आर्ट स्टूडियो, फैशन हाउस, पत्र-पत्रिकाएं, स्कल्पचर, टेलीविजन, पब्लिशिंग इंडस्ट्री, ग्राफिक आर्ट, टीचिंग, फिल्म व थिएटर प्रोडक्शन, टेक्सटाइल इंडस्ट्री, प्रोफेशनल कंपनी में काम कर पैसा कमा सकते हैं या फिर इलस्ट्रेटर, एनिमेटर, ग्राफिक डिजाइनर, विजुअल डिजाइनर, डिजिटल डिजाइनर, क्रिएटिव मार्केटिंग प्रोफेशनल, फ्लैश प्रोग्रामर, 2डी/ 3डी आर्टिस्ट, वेब डिवेलपर, क्राफ्ट आर्टिस्ट, लेक्चरार, आर्ट टीचर, कार्टूनिस्ट, आर्ट म्यूजियम टेक्निशियन, आर्ट कंजर्वेटर, आर्ट डायरेक्टर, क्रिएटिव डायरेक्टर, एडवरटाइजिंग एग्जीक्यूटिव/ सुपरवाइजर/ हैड, प्रोजेक्ट ऑफिसर आदि जैसे पदों पर भी काम कर सकते हैं।

मददगार साबित हो रही टेक्नोलॉजी

फाइन आट्र्स के फील्ड में टेक्नोलॉजी काफी मद्दगार साबित हो रही है। टेक्नोलॉजी से न सिर्फ आर्टिस्ट को अपनी पहचान बनाने में मदद मिल रही है, बल्कि उन्हें अपनी कलाकृतियों को भी दूसरे तक पहुंचाने में भी काफी आसानी हो रही है। पहले जहां कलाकारों को अपनी पोर्टफोलियो के साथ एक गैलरी से दूसरी गैलरी तक दौडऩा पड़ता था, लेकिन अब ई-मेल, व्हाटसऐप, फेसबुक और अन्य सोशल मीडिया ऐप के माध्यम से अपनी पेंटिग्स को दूसरे तक आसानी से पहुंचाया जा सकता है। वहीं इससे न सिर्फ कलाकार को अपना हुनर का प्रदर्शन करने का मौका मिल रहा है, बल्कि इंटरनेट पर उनकी पेंटिग्स के अच्छे खरीददार भी मिल रहे हैं।

नौकरी के शानदार अवसर

आज फाइन आर्ट में अवसर तेजी से बढ़ रहे हैं। वर्तमान में, भारत में युवा उच्च सैलरी, लोकप्रियता और प्रतिष्ठा पाने के लिए इस क्षेत्र का चयन कर रहे हैं। फाइन आर्ट ग्रेजुएट को विभिन्न क्षेत्रों जैसे आर्ट स्टूडियो, विज्ञापन कंपनियों, पब्लिशिंग हाउस, प्रोडक्ट डिजाइन, मैन्यूफैक्चरिंग डिपार्टमेंट, पत्रिकाओं, टेलीविजन, ग्राफिक आर्ट, टीचिंग, थिएटर प्रोडक्शंस और कई अन्य क्षेत्रों में करियर विकल्प मिलते हैं जो आर्ट डिपार्टमेंट से संबंधित हैं। फाइन आर्ट ग्रेजुएट कैंडीडेट डिजिटल डिजाइनर, ग्राफिक डिजाइनर, आर्टिस्ट विज्यूअलाइजिंग प्रोफेशनल्स, आर्ट प्रोफेशनल्स, इल्यूस्ट्रेटर्स, क्राफ्ट आर्टिस्ट, एनिमेटर, लेक्चरर, आर्ट म्यूजियम टेक्नीशियन, आर्ट कंजर्वेटर, आर्ट डायरेक्टर की नौकरी पा सकते हैं।

इस रूप में भी कर सकते हैं काम

इस क्षेत्र का दायरा सीमित नहीं है, इसका दायरा काफी बढ़ गया है। फाइन आट्र्स का कोर्स करने के बाद इस क्षेत्र में करियर बनाने के लिए ऐड डिपार्टमेंट, अखबार या पत्रिका में इलस्ट्रेटर, कार्टूनिस्ट, एनिमेटर आदि के तौर पर भी काम किया जा सकता है। यही नहीं इसके अलावा भी इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, टेलीविजन, फिल्म/ थिएटर प्रोडक्शन, प्रोडक्ट डिजाइन, एनिमेशन स्टूडियो, टेक्सटाइल डिजाइनिंग आदि में भी इस क्षेत्र में करियर बनाने के लिए तमाम विकल्प मौजूद हैं। फाइन आट्र्स वाले छात्रों के लिए विजुअल आर्टिस्ट, एनिमेटर या ग्राफिक डिजाइनर जैसे पोस्ट भी मौजूद हैं।