चंडीगढ़ कॉलेज ऑफ फार्मेसी शीर्ष पर, क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया के मूल्यांकन में शानदार प्रदर्शन

स्टाफ रिपोर्टर— मोहाली

चंडीगढ़ कॉलेज ऑफ फार्मेसी (सीसीपी) सीजीसी लांडरां ने क्यूसीआई एनएबीईटी/पीसीआई द्वारा अंडरग्रेजुएट फार्मेसी कार्यक्रम संचालित करने वाले फार्मेसी कॉलेजों की रैंकिंग एवं रेटिंग में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए देश के अग्रणी फार्मेसी संस्थानों में अपनी मजबूत पहचान स्थापित की है।
क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया (क्यूसीआई) द्वारा एनएबीईटी पीसीआई फ्रेमवर्क के अंतर्गत किए गए नवीनतम मूल्यांकन में सीसीपी को पंजाब के फार्मेसी कॉलेजों में प्रथम, उत्तर भारत में तृतीय तथा राष्ट्रीय स्तर पर 18वां स्थान प्राप्त हुआ है। इसके साथ ही संस्थान को ग्रेड ए रेटिंग से भी सम्मानित किया गया है। इस मूल्यांकन में संस्थानों का आकलन अलग-अलग पैरामीटर्स के आधार पर किया जाता है।

इनमें करिकुलम डिज़ाइन, प्रैक्टिकल एंड क्लिनिकल ट्रेनिंग, टीचिंग लर्निंग एन्वायरन्मेंट, स्टूडेंट्स का प्रदर्शन एवं प्लेसमेंट, फैकल्टी एंड ह्यूमन रिसोर्स, असेस्मेंट पॉलिसीज़, रिसर्च आउटपुट एंड इट्स इम्पैक्ट, इन्फ्रास्ट्रक्चर, फाइनेंसियल रिसोर्सेज, कम्युनिटी आउटरीचए गुणवत्ता आश्वासन तथा स्टेकहोल्डर्स से प्राप्त फीडबैक जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं को शामिल किया जाता है। यह सम्मान सीसीपी, सीजीसी लांडरां की शैक्षणिक उत्कृष्टता, इंडस्ट्री की आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षण तथा शोध आधारित शिक्षण के प्रति उसकी निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है। संस्थान, इंडस्ट्री एवं एकेडेमिक्स के साथ सहयोग को निरंतर सुदृढ़ बनाने के साथ-साथ ऐसा शैक्षणिक वातावरण विकसित करने के लिए लगातार प्रयासरत है, जो विद्यार्थियों के समग्र विकास को प्रोत्साहित करता है। सीसीपी, सीजीसी लांडरां की डायरेक्टर प्रिंसीपल डॉ. रूपिंदर सोढ़ी ने कहा कि इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर हमारे स्टूडेंट्स, फैकल्टी मेंबर्स, कर्मचारियों और पूर्व छात्रों को हार्दिक बधाई।

उनकी लगन, कठिन परिश्रम और निरंतर प्रयासों ने इस सफलता को संभव बनाया है। हम फार्मेसी शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता के नए मानक स्थापित करने और निरंतर बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रतिबद्ध हैं। इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए सीजीसी लांडरां के कैंपस डायरेक्टर डॉ. राजदीप सिंह ने कहा कि हम इस उपलब्धि को सम्मान के साथ-साथ भविष्य में और बेहतर प्रदर्शन करने की प्रेरणा के रूप में देखते हैं।