‘दिव्य हिमाचल’ सर्वे में 70 फीसदी लोगों ने माना, हक को पहले की सरकारों ने नहीं किया ज्यादा काम
जीवन ऋषि — मटौर
आपदा और आर्थिक संकट से घिरे हिमाचल के लिए मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खूनीत कांग्रेस सरकार बड़ी संकटमोचक साबित हुई है। हिमाचली हकों के लिए पूर्व की सरकारों के मुकाबले इस कांग्रेस सरकार ने अब तक शानदार काम किया है। ये ताजा रुझान दिव्य हिमाचल मीडिया हाउस के ताजा सर्वे में सामने आए हैं। ताजा साप्ताहिक सर्वे में दिव्य हिमाचल ने जनता से सवाल पूछा था कि ‘क्या हिमाचल के हक हासिल करने में पूर्व सरकारों ने ज्यादा काम नहीं किया?’ इस सवाल पर 70 प्रतिशत जनता ने ‘हां’ के विकल्प पर क्लिक करके सुखविंद्र सिंह सुक्खू सरकार को लाइक किया।
जनता ने साफ संदेश दिया कि मौजूदा सरकार केंद्र सरकार व अन्य राज्यों के समक्ष हिमाचली हकों को जोरदार तरीके से बुलंद कर रही है। सर्वे में महज 25 प्रतिशत लोगों ने ‘नहीं’ के आप्शन पर क्लिक करके अपनी असहमति प्रकट की, जबकि पांच फीसदी ने ‘पता नहीं’ कहकर जवाब देना उचित न समझा। कुल मिलाकर लोग मौजूदा सरकार के अब तक के प्रयासों को सकारात्मक तरीके से देख रहे हैं।
केंद्रीय परियोजनाओं के लिए मंजूरियां
मुख्यमंत्री ने कहा है कि उनकी सरकार ने राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक से 73 परियोजनाओं के लिए 700 करोड़ रुपये से अधिक की स्वीकृति हासिल की है। यह भी बड़ी कामयाबी मानी जा रही है।
किशाऊ बांध परियोजना
किशाऊ बांध परियोजना सिरमौर जिला में बन रही है। सुक्खू सरकार ने केंद्र के साथ बातचीत कर इस प्रोजेक्ट से हिमाचल पर पडऩे वाले वित्तीय बोझ को कम कराने का दावा किया है। यह सरकार की बड़ी सफलता रही है।
ये बड़े मसले उठाए
हिमाचल की कांग्रेस सरकार ने केंद्र सरकार द्वारा राजस्व घाटा अनुदान बंद करने को गलत ठहराया है। यह बड़ा मसला है। राज्य सरकार का कहना है कि आरडीजी बंद होने से संकट से घिरे हिमाचल को हजारों करोड़ रुपए का नुकसान होगा। सीएम ने लगातार प्रधानमंत्री और केंद्रीय वित्त मंत्री से इसे जारी रखने की मांग कई बार उठाई है।
प्रोजेक्टों पर अधिक रॉयल्टी
सीएम सुक्खू ने केंद्र से मांग रखी कि हिमाचल की नदियों से बिजली बनाने वाली केंद्रीय परियोजनाओं पर राज्य को 50 फीसदी जल रॉयल्टी मिले। तर्क है कि यदि यह मिल जाए तो हिमाचल को काफी राहत मिलेगी। प्रदेश सरकार ने केंद्र से 2023 की भीषण बारिश के बाद मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय आपदा घोषित करने और विशेष आर्थिक पैकेज की मांग की है।