23 लाख उपभोक्ताओं की ई-केवाईसी, 18 लाख को दो बिजली मीटर पर सब्सिडी का लाभ

बिजली बोर्ड में दो मीटर पर सब्सिडी प्रदान करने के फैसले के बाद जारी है ई-केवाईसी की प्रक्रिया

वरिष्ठ संवाददाता-शिमला

दो बिजली मीटरों पर सब्सिडी प्रदान करने के फैसले के बाद ई-केवाईसी की राज्य भर में प्रक्रिया चल रही है। राज्य में 23 लाख से अधिक उपभोक्ताओं की ई-केवाईसी कर ली है। जिसमें 18 लाख से अधिक को दो बिजली मीटर पर सब्सिढ़ी का लाभ बिजली बोर्ड ने प्रदान किया है। हालांकि ई-केवाईसी की प्रक्रिया में कुछ त्रुटियां भी सामने आई है। जिस पर बिजली बोर्ड प्रबंधन ने कार्रवाई कर प्रभावी कदम उठा रहा है। उल्लेखनीय है कि प्रदेश सरकार ने इसी वर्ष राज्य में एक उपभोक्ता को दो मीटरों पर 125-125 यूनिट तक निशुल्क बिजली प्रदान करने का फैसला लिया है। जिसके बाद बिजली बोर्ड ने प्रदेश भर में दो बिजली मीटर को इस सुविधा से जोडऩे के लिए ई केवाईसी की प्रक्रिया आरंभ की है। राज्य बिजली बोर्ड से प्राप्त आंकड़ों के तहत जून माह के अंत तक प्रदेश में 24,83,193 सक्रिय घरेलू बिजली उपभोक्ता हैं। इनमें से 23,79,524 उपभोक्ताओं ने अपना ई-केवाईसी पूरा कर लिया है। जून माह के आंकड़ों के तहत राज्य भर में अलग-अलग श्रेणियों के कुल 29,69,072 बिजली उपभोक्ता है। इनमें घरेलू श्रेणी के उपभोक्ताओं की संख्या 24.83 लाख दर्ज है। विभाग ने इन उपभोक्ताओं का चरणबद्ध तरीके से ई-केवाईसी कराया, ताकि उपभोक्ताओं की सही पहचान सुनिश्चित हो सके और सब्सिडी का लाभ केवल वास्तविक लाभार्थियों तक पहुंचे।

उधर ई-केवाईसी की व्यवस्था बनाने के बाद सब्सिडी पाने वाले उपभोक्ताओं की संख्या में कमी दर्ज की गई है। जून 2026 में 18,06,822 घरेलू उपभोक्ताओं को बिजली सब्सिडी प्रदान की गई। जबकि ई-केवाईसी अनिवार्य होने से पहले यह संख्या अधिक थी। जनवरी 2026 में 22,59,498 उपभोक्ताओं, फरवरी में 22,80,002 उपभोक्ताओं और मार्च माह में 23,94,816 उपभोक्ताओं को बिजली सब्सिडी दी गई थी। बोर्ड का मानना है कि ई-केवाईसी प्रक्रिया लागू होने से सब्सिडी वितरण व्यवस्था अधिक पारदर्शी बनी है। हालांकि प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से ई-केवाईसी की प्रक्रिया में त्रुटियों की बात भी सामने आई थी। इसके तहत एक उपभोक्ताओं की आईडी में कई नाम जोड़ देने की बात सामने आई थी। जबकि कई मामलों में एक ही उपभोक्ता के नाम पर अलग-अलग राशनकार्ड दर्ज करने का भी पता चला था। जिस पर बिजली बोर्ड प्रबंधन ने कड़ा संज्ञान लेते हुए इन त्रुटियों को दूर करने के दिशा-निर्देश पूर्व में ही जारी कर दिए है। बहरहाल बोर्ड प्रबंधन का कहना है कि ईकेवाइसी की प्रक्रिया में सामने आई त्रुटियों के लिए सुधार किया जा रहा है। बहरहाल ई केवाईसी की प्रक्रिया के पूरा होने के बाद सब्सिडी वितरण व्यवस्था और अधिक पारदर्शी तथा प्रभावी बनने की उम्मीद है।

—अजय