दिव्य हिमाचल ब्यूरो— नई दिल्ली
नीट, जेईई समेत सभी राष्ट्रीय परीक्षाओं को पेपर लीक से बचाने के लिए केंद्र सरकार ने रूपरेखा तैयार कर ली है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की निगरानी में राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) की कार्यप्रणाली में सुधार के लिए गठित इसरो के पूर्व प्रमुख डा. के राधाकृष्णन की 101 सिफारिशें लागू कर दी गई हैं। इसी के तहत एनटीए के 47 अफसरों की बर्खास्तगी और नए अधिकारियों-कर्मियों की भर्ती प्रक्रिया शुरू हुई। नई व्यवस्था के तहत अगले साल से पेपर लीक या अन्य गड़बड़ी में एनटीए और शिक्षा मंत्रालय के संबंधित अधिकारी नपेंगे। शिक्षा मंत्री की भी जवाबदेही तय कर दी है। नीट 2027 कम्प्यूटर आधारित परीक्षा (सीबीटी) और सरकारी शिक्षण संस्थानों में केंद्र बनेंगे।
राष्ट्रीय परीक्षाओं को पेपर लीक से बचाने के िलए प्रश्न पत्र बनाने वाले विषय विशेषज्ञ से लेकर 13 भाषाओं के अनुवादकों की भी भर्ती होगी। 2026 में प्रश्न-पत्र बनाने वालों ने ही लीक किया था, इसलिए अगले साल प्रश्न-पत्र आउटसोर्स विशेषज्ञ नहीं तैयार करेंगे। एनटीए प्रश्न-पत्र तैयार करने के लिए विषय-विशेषज्ञ और 13 भाषाओं के अनुवादकों को नियुक्त करेगी। इसमें एनटीए सरकारी शिक्षकों व प्रोफेसर को प्राथमिकता देगा। पेपर की गोपनीयता बनाए रखने के लिए जेईई, नीट, सीयूईटी से पहले एनटीए अपना परीक्षा केंद्र बनाएगा।
साल में दो बार नीट यूजी करवाने पर बन रही सहमति
जेईई मेन्स की तर्ज पर नीट यूजी 2027 पांच से छह दिनों में कई शिफ्टों में करने की तैयारी है। इसके आधार पर केंद्र तैयार होंगे। इसमें प्रतिदिन तीन से चार लाख छात्र एक दिन परीक्षा दे सकेंगे। अभी 23 से 24 लाख छात्र एक ही दिन में एक शिफ्ट में परीक्षा देते हैं। जेईई की तर्ज पर साल में दो बार नीट यूजी को आयोजित करने पर सहमति बन रही। उम्मीदवार नीट यूजी तीन या चार बार दे सकता है, इस सिफारिश पर फैसला नहीं हुआ है।