काराकास। वेनेजुएला में आए दोहरे भूकंप के बाद ढही इमारत के मलबे में आठ दिन तक फंसे रहने के बाद एक व्यक्ति को जीवित बचा लिया गया है। बीबीसी के एक रिपोर्ट के अनुसार आपातकालीन कर्मियों ने 140 टन मलबे के नीचे दबे हर्नान गिल को खोजने के 100 घंटे से अधिक समय बाद उन्हें बाहर निकाला। एक चिली के दमकलकर्मी ने पहले बचाव अभियान को निस्संदेह अब तक का सबसे जटिल और तकनीकी रूप से कठिन अभियान बताया था। गुरुवार शाम तक, 24 जून को वेनेजुएला में आए भूकंपों में 2,595 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है और हजारों लोग अभी भी लापता हैं। हर्नान गिल ऑक्सीजन मास्क, गले में कॉलर और नारंगी कंबल में लिपटे हुए स्ट्रेचर पर लेटे हुए दिखाई दे रहे हैं।
बचाव दल ने गिल को बचाने के लिए 100 घंटे से अधिक समय तक धीरे-धीरे प्रयास किया। कोस्टा रिका रेडक्रॉस के पैरामेडिक एलन मैड्रिगल ने घटनास्थल पर मौजूद पत्रकारों को बताया कि गिल इस भयानक स्थिति से बिल्कुल ठीक निकले। मैड्रिगल वही बचावकर्मी हैं, जिन्होंने रविवार को मलबे से गिल की मदद के लिए धीमी आवाज सुनी थी। उन्होंने याद करते हुए कहा कि यह एक भावुक क्षण था। पहले तो उन्हें अपने कानों पर विश्वास नहीं हुआ और उन्होंने एक सहकर्मी से पुष्टि करने के लिए कहा कि कहीं वह कल्पना तो नहीं कर रहे हैं। उस क्षण से ही बचाव दल सुरक्षा गार्ड को मलबे से बाहर निकालने के लिए तेजी से जुट गए। जब दो बार भूकंप आया, तो गिल कैटिया ला मार में गैलेरियास प्लाया ग्रांडे मॉल के पास पार्किंग लॉट के बेसमेंट में बने एक छोटे से कंक्रीट बूथ में ड्यूटी पर थे। ऐसा लगता है कि उस बूथ ने उनके चारों ओर एक सुरक्षा कवच बना लिया था, जिससे वे 140 टन मलबे से बच गए जो उनके आस-पास और ऊपर गिरा था। कोस्टा रिका रेड क्रॉस के एक और वर्कर ने गिल को मलबे से बाहर निकालने से कुछ देर पहले कहा कि उन्होंने हमें बताया है कि उनके शरीर पर खरोंच तक नहीं आई है।