राज्य शिक्षक सम्मान चयन प्रक्रिया में बड़ा बदलाव
शिक्षा निदेशालय स्तर पर विशेष समिति करेगी शिक्षकों का चयन
कार्यालय संवाददाता-शिमला
प्रदेश सरकार ने राज्य शिक्षक सम्मान टीचर अवार्ड की चयन प्रक्रिया में बड़ा बदलाव करने का फैसला लिया है। अब शिक्षक सम्मान उन्हीं शिक्षकों को मिलेगा जिन्होंने सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने, विद्यार्थियों का नामांकन बढ़ाने और बेहतर शैक्षणिक परिणाम देने में वास्तविक योगदान दिया है। नई व्यवस्था के तहत इस वर्ष से शिक्षक सम्मान के लिए आने वाले सभी ऑनलाइन आवेदनों की जांच सीधे स्कूल शिक्षा निदेशालय स्तर पर होगी। इसके लिए निदेशालय में एक विशेष समिति का गठन भी कर दिया गया है। नई नीति के अनुसार अब केवल सेवा अवधि या जिला स्तर की सिफारिश के आधार पर सम्मान नहीं मिलेगा। चयन के दौरान शिक्षकों का रिजल्ट, छात्र नामांकन इनरोलमेंट, विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति, नवाचार, शिक्षण में अपनाई गई नई पहल और स्कूल के समग्र प्रदर्शन का विस्तृत मूल्यांकन किया जाएगा।
पहले जिला उपनिदेशक अपने-अपने जिलों से मेरिट के आधार पर नाम राज्य स्तर पर भेजते थे, लेकिन सरकार ने इस प्रक्रिया में बदलाव करते हुए पूरी चयन प्रणाली को केंद्रीकृत कर दिया है। इतना ही नहीं, इस बार स्कूलों में छात्र नामांकन बढ़ाने वाले प्रधानाचार्यों को अतिरिक्त अंक दिए जाएंगे। जिन शिक्षकों की कक्षाओं में विद्यार्थियों की उपस्थिति अधिक होगी, उन्हें भी चयन प्रक्रिया में वरीयता मिलेगी। शिक्षा विभाग के सूत्रों के अनुसार संशोधित नियमों को जल्द अधिसूचित किया जाएगा, जिसके बाद राज्य शिक्षक सम्मान के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू होगी।
समिति परखेगी शिक्षकों की योग्यता
राज्य सरकार शिक्षक सम्मान की अंतिम चयन प्रक्रिया के लिए एक उच्चस्तरीय समिति का गठन करेगी। यह समिति नामित शिक्षकों का साक्षात्कार लेकर उनके कार्यों और उपलब्धियों का मूल्यांकन करेगी। सरकार का उद्देश्य चयन प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और गुणवत्ता आधारित बनाना है, ताकि केवल वास्तविक रूप से उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों का ही सम्मान हो। माना जा रहा है कि इस नई व्यवस्था से चयन को लेकर उठने वाले विवाद भी कम होंगे और योग्य शिक्षकों को उचित सम्मान मिल सकेगा।