जयराम ठाकुर का सवाल, सडक़ों पर क्यों हैं कर्मचारी

बोले, मुलाजिमों को सरकार पर भरोसा नहीं

दिव्य हिमाचल ब्यूरो — शिमला

नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार कहती है कि वह कर्मचारी हितैषी है, तो आज प्रदेश भर में कर्मचारी सडक़ों पर क्यों हैं? अपने हक के लिए उन्हें संघर्ष क्यों करना पड़ रहा है। पेंशनर्स, पेंशन और सेवानिवृत्त कर्मी अपने लंबित भुगतानों के लिए संघर्ष क्यों कर रहे हैं? रविवार को प्रदेश में पहली बार ऐसा हुआ कि कर्मचारियों के धरना स्थल पर जाकर भी मुख्यमंत्री ने आधी-अधूरी बातें करके सिर्फ गुमराह करने की कोशिश की। शिक्षकों को भी उनकी बातों का जरा सा भरोसा नहीं है। जयराम ठाकुर ने कहा कि पेपर लीक पर सख्त कानून लाकर युवाओं के भविष्य की रक्षा का काम मोदी सरकार ही कर रही है, जबकि कांग्रेस के शासन में पेपरलीक माफिया बेखौफ होकर सक्रिय रहा।

आज संसद में लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक लाकर केंद्र सरकार ने स्पष्ट संदेश दिया है कि सार्वजनिक परीक्षाओं में धांधली करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। इस संशोधन में पेपर लीक जैसे गंभीर अपराधों के लिए 10 वर्ष तक की सजा, 10 करोड़ रुपए तक के जुर्माने, दो महीने के भीतर जांच पूरी करने और तीन महीने के भीतर ट्रायल समाप्त करने का प्रावधान किया गया है, ताकि दोषियों को शीघ्र सजा मिल सके हे। उन्होंने कहा कि हिमाचल में पेपर लीक के मामलों में गंभीर आरोप सामने आने के बावजूद राज्य सरकार ने दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई करने के बजाय उन्हें पदोन्नति देकर महतवपूर्ण पदों पर नियुक्त किया।